ज़हरीली शराब बेचनेवालों को फांसी

दिल्ली में ज़हरीली शराब की बिक्री को रोकने के लिए सरकार ने सख़्त क़दम उठाते हुए नया आबकारी क़ानून लागू करने का फ़ैसला किया है.
नए क़ानून के तहत ज़हरीली शराब बनाने वाले को उम्रकैद या फांसी तक की सज़ा हो सकती है. दिल्ली विधानसभा ने राजधानी के इस नए एक्साइज बिल को सोमवार को अपनी सहमति दे दी.
नए एक्साइज क़ानून के तहत अब यदि ज़हरीली शराब पीकर कोई मारा जाता है तो शराब बेचने वाले व्यक्ति को उम्रकैद या फांसी तक की सज़ा हो सकती है साथ ही दस लाख रुपए तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है.
अगर शराब पीकर कोई शारीरिक रूप से अक्षम हो जाता है तो ऐसी शराब बनाने वाले को छह साल से लेकर उम्रक़ैद तक की सज़ा और पांच लाख के जुर्माने का प्रावधान है.
नए क़ानून के तहत सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों को पांच हज़ार रुपए जुर्माना, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हंगामा करने पर तीन महीने की सज़ा और दस हज़ार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है.
दिल्ली के वित्त मंत्री ए के वालिया ने बीबीसी को बताया कि नक़ली शराब के उत्पादन और बिक्री की रोकथाम के लिए ये कड़े क़दम उठाए जा रहे है.
उन्होंने कहा कि नया क़ानून ज़हरीली शराब बनाने वालों के लिए एक निवारक का काम करेगा. उनके मुताबिक़ अगले महीने तक नया क़ानून लागू हो जाएगा.
नया क़ानून प्रभावी ढ़ंग से काम करे इसके लिए ज़हरीली शराब को पकड़ने वाले अधिकारियों तथा इसकी ख़बर देने वालों को ईनाम दिए जाने का भी प्रावधान है.
लेकिन क़ानून के जानकारों का मानना है कि केवल सख़्त क़ानून बना देना समस्या का समाधान नहीं है. जाने माने क़ानूनविद केटीएस तुलसी के मुताबिक़ सज़ा बढ़ाने से सज़ा मिलने की संभावना और कम हो जाती है.
उनके अनुसार क़ानून बनाने से ज़्यादा क़ानून पालन करने की आवश्यकता है.
केटीएस तुलसी कहते हैं कि ज़हरीली शराब बनाने वाले पर शिकंजा कसने के लिए आवश्यकता है कि ख़ुफ़िया तंत्र मज़बूत किया जाए, वैज्ञानिक तरीक़े से क़ानून का पालन किया जाए.












