राख हो गई थी गुलबर्ग सोसायटी

अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी

इसके अहाते में 2002 फरवरी में भयंकर दंगे हुए थे. 69 लोग मारे गए. मशहूर फोटोजर्नलिस्ट औरको दत्ता ने इन्हीं कमरों मे औरतों और बच्चों की जली हुई लाशों के ढेर देखे थे. दस साल बाद जब औरको ने इन मकानो का फिर दौरा किया, वे भयानक यादें बरबस कौंध गईं. वे कहते हैं अब यहां कोई नहीं रहता सिवाय 2002 की काली यादों के.. औरको दत्ता के कैमरे से आज की गुलबर्ग सोसायटी, जिसमें गुथी है दंगो से पीड़ित लोगों की आवाजें भी.

संकलन - बीबीसी संवाददाता शालू यादव