कोरोना वायरस: क्रूज़ से सफ़र करने वाला म्यूज़िशियन जब दो महीने से वहीं फंसा हो

    • Author, फ़र्नांडो दुआर्ते
    • पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस

जहाज़ से सफ़र करना चार सालों से जुआन जेड की ज़िंदगी का हिस्सा रहा है. 40 साल के संगीतकार जुआन को क्रूज़ ऑपरेटर पीएंडओ ऑस्ट्रेलिया ने सवारियों का मनोरंजन करने के लिए नौकरी पर रखा हुआ था.

लेकिन अब कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में छाया हुआ है और दो महीनों से जुआन एक ऐसे जहाज़ में सफऱ करने को मजबूर हैं जिसमें कोई सवारी ही नहीं है. उन्हें अपने घर लौटने की भी उम्मीद फ़िलहाल नज़र नहीं आ रही है.

कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में उनका घर है.

उन्होंने बीबीसी को फ़ोन पर बताया, "कम से कम हर रोज़ मैं सूरज को उगते देख पा रहा हूँ. मैं इसके लिए शुक्रगुज़ार हूँ. लेकिन मैं घर लौटना चाहता हूँ और अपने बच्चों को देखना चाहता हूँ."

जुआन जेड उन एक लाख लोगों में शामिल हैं जो दुनिया भर में कोरोना महामारी की वजह से आई आफ़त में जहाज़ पर फंसे हुए हैं.

जुआन जिस जहाज़ पर फंसे हुए हैं उस जहाज़ का नाम पैसिफ़िक एक्सप्लोरर है. यह फिलीपींस के मनीला की खाड़ी में फंसे 20 जहाज़ों में एक है. यह किसी बड़े समुद्री पार्किंग की तरह बन चुका है.

अलग-अलग देशों के हज़ारों कर्मचारी इन जहाज़ों पर फंसे हुए हैं और इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि कब वो अपने घर लौट पाएंगे.

इसमें फिलीपींस के स्टाफ़ भी शामिल हैं जो अपने घर से इतने क़रीब रहते हुए भी अपने परिवार वालों से दूर हैं.

जुआन की कहानी से यह महसूस होता है कि मौजूदा वक़्त में किसी को अपनी पुरानी आज़ादी से भरी ज़िंदगी को पाना कितना मुश्किल भरा काम हो चला है.

फिलीपींस की सरकार ने क्वारंटीन के सख़्त नियम लागू किए हुए हैं ताकि किसी भी संक्रमित व्यक्ति को देश में दाख़िल होने से रोका जा सके.

कोविड-19 के कई सारे मामले क्रूज़ जहाज़ पर पाए गए हैं. इसमें सबसे ज़्यादा चर्चा में डायमंड प्रिंसेज़ जहाज़ रहा है जिस पर सवार 621 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे. जापान के याकोहामा बंदरगाह पर दो महीने तक यह जहाज़ क्वारंटीन में रहा है.

अमरीकी अख़बार मियामी हेराल्ड की पड़ताल के मुताबिक़, क्रूज़ जहाज़ पर 8 मई तक 22 फ़ीसदी कोरोना संक्रमण के मामले पाए गए थे. यह पड़ताल अख़बार ने दुनिया भर के सरकारों से इकट्ठा की गई जानकारी के आधार पर की है.

ऑस्ट्रेलियाई जहाज़ पैसिफ़िक एक्सप्लोरर जब सिंगापुर के रास्ते में था तब कोरोना के संक्रमण की ख़बर आई थी.

जुआन याद करते हैं, "सिडनी से चले हमें तीन दिन बीत चुके थे तभी कैप्टन ने घोषणा की हम बदंरगाह की ओर लौट रहे हैं."

सभी सवारियों के उतरने के बाद छह सौ से ज़्यादा क्रू सदस्यों को जहाज़ पर हो रुकने को कहा गया.

20 दिनों तक जहाज़ वहीं रुका रहा जब तक कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने उन्हें अपने खुलने की जगह पर वापस आने का आदेश नहीं दे दिया.

जुआन बताते हैं, "हालांकि हम ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के लिए काम करते हैं लेकिन हमारे जहाज़ पर ब्रितानी झंडा आधिकारिक तौर पर लगा हुआ था.."

पैसिफ़िक एक्सप्लोरर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में यात्रा करता है. कंपनी के अधिकारी कोशिश कर रहे थे कि जहाज़ को कहाँ रोका जाए और वैसे क्रू सदस्यों को जहाज़ पर से उतार दिया जाए जिनकी बहुत ज़रूरत नहीं है.

आख़िरकार जहाज़ को मनीला की खाड़ी में अनुमति मिल गई क्योंकि ज़्यादातर क्रू सदस्य फिलीपींस के थे.

फिलीपींस के नागरिकों को यहाँ उतर जाना था और दूसरे क्रू सदस्यों को अपने-अपने देशों के उन फ्लाइट्स का इंतज़ार करना था जो उन्हें ले जाते.

जुआन बताते हैं, "लेकिन तभी और भी कई जहाज़ यहाँ पहुँच गए."

"फिलीपींस के क्रू सदस्यों को कहा गया कि उन्हें उतरने से पहले जहाज़ पर ही 14 दिनों का क्वारंटीन करना होगा. अब तक वो हमारे साथ ही है."

और भी बुरे हालात तब पैदा हो गए जब अंबो तूफ़ान की दस्तक फिलीपींस के तटीय क्षेत्र पर सुनाई देने लगी. इसने जहाज़ को पानी में फिर से तैरने के लिए मजबूर कर दिया.

जुआन और उनके साथियों को पूरी तरह से आइसोलेशन में रहने की ज़रूरत नहीं पड़ी क्योंकि पैसिफिक एक्सप्लोरर पर कोई भी कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला नहीं मिला था.

क्रू के सदस्यों को सोशल डिस्टेंसिंग के सख़्त नियमों का पालन करना होता है. सभी का तापमान दिन में दो बार जांचा जाता है. जुआन का मानना है कि जो दूसरे जहाज़ों में लोगों को झेलना पड़ रहा है, उसके हिसाब से वो बेहतर स्थिति में हैं.

वो बताते हैं, "हमारे दूसरे साथी जो दूसरे जहाज़ों पर हैं, उन्हें पूरी तरह से आइसोलेशन में रहना पड़ रहा है और उन्होंने अपने सामने लोगों को मरते देखा है."

"हम अपने जहाज़ पर कई तरह की मनोरंजक गतिविधियां कर रहे हैं. फ़िटनेस प्रोग्राम चला रहे हैं ताकि लोगों को इस स्थिति से निकलने में मदद मिले. यहाँ तक कि हम एक रेडियो स्टेशन भी चला रहे हैं. मैं उसका एक प्रस्तुतकर्ता हूँ."

जुआन अपना म्यूज़िक वीडियो बनाने में भी समय बिताते हैं जिसे वो सोशल मीडिया पर डालते हैं.

वो अपने इंस्टाग्राम पर जहाज़ की तस्वीरें भी डालते हैं. इसे उन्होंने पोस्टकार्ड फ्रॉम घोस्ट शीप का नाम दिया है. इसमें वो जहाज़ की वीरानगी को दिखाते हैं.

जुआन बताते हैं, "मुझे दुनिया भर से लोगों के संदेश मिल रहे हैं और मुझे इस समय लाजवाब समर्थन मिल रहा है."

लेकिन एक चीज़ उन्हें स्पष्ट रूप से पता है कि अब वो बेरोज़गार हो चुके हैं. उनका अनुबंध ख़त्म हो चुका है और वो अपने घर लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं.

जुआन बताते हैं कि कभी-कभार मैं बहुत परेशान हो जाता हूँ.

"कभी-कभी सोना मुश्किल हो जाता है. मुझे सपने आते हैं कि मेरा घर मुझे बुला रहा है."

उनके कुछ साथी अपने-अपने वतन लौट चुके हैं. उन्होंने उन्हें अपने सामने जाते हुए देखा है. जिस दिन बीबीसी ने उनसे बात कि उस दिन ब्राज़ील और अर्जेंटीना का एक दल वापस अपने देश के लिए उड़ान भरा था.

हालांकि कोलंबिया की सरकार अपने नागरिकों को दुनिया भर से लाने के लिए फ्लाइट्स भेज रही हैं लेकिन मनीला से कोई भी उड़ान अब तक बंदोबस्त हो पाया है. कोई व्यवसायिक उड़ान भी उपलब्ध नहीं है.

जुआन बताते हैं, "मैंने लोगों को लाइफ़ बोट की मदद से जहाज़ छोड़कर जाते देखा है ताकि वो अपनी फ्लाइट्स पकड़ कर अपने घर लौट पाए. मेरे साथ के कुछ तीन दिनों तक सफ़र कर के अपनी उन फ्लाइट्स तक पहुँच पाए हैं जो उन्हें उनके घरों को ले जाएगा."

"कम से कम उनके देश की सरकारों ने उनकी मदद की और लगातार उनसे संपर्क बनाए रखा. लेकिन कोलंबियाई अधिकारियों की तरफ़ से मिलने वाली मदद नहीं के बराबर है."

कोलंबिया सरकार के आकड़ों के मुताबिक़, क़रीब तीन हज़ार कोलंबियाई नागरिकों को अब तक 18 देशों से कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद देश वापस लाया गया है.

कोलंबिया के विदेश मंत्री क्लाउडिया ब्लुम का कहना है कि कोलंबिया के सभी नागरिकों को वापस लाना हमारी 'प्राथमिकता' में है.

उन्होंने ईआई तेईम्पो अख़बार से कहा, "हम अपने नागरिकों को आने वाली मुसीबतों से वाक़िफ़ हैं. उनके बारे में सुनकर हमें तकलीफ हो रही है."

जुआन के लिए असल संघर्ष तो तब शुरू होगा जब वो जहाज़ से उतर कर वापस लौटेंगे.

उन्हें जहाज़ पर किए अपने परफॉर्मेंस के लिए तो पैसे मिल चुके हैं लेकिन जब वो जहाज़ से नीचे आएंगे तब उनका सामाना एक ऐसी दुनिया से होगा जहाँ रद्द हो गए शोज़ और मनोरंजन जगत के ठप पड़े होने की वजह से उनके जैसे कलाकारों के लिए हालात आसान नहीं होंगे.

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