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लाइव, यूरोपीय संघ ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को 'आतंकवादी सूची' में डाला

यूरोपीय संघ (ईयू) ने ईरान में हाल के हफ़्तों में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी को अपनी 'आतंकवादी सूची' में डाल दिया है.

सारांश

लाइव कवरेज

सुरभि गुप्ता, सुमंत सिंह

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह को दीजिए इजाज़त.

    कल सुबह एक नए लाइव पेज के साथ हम फिर हाज़िर होंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की वेबसाइट पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. यूरोपीय संघ ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को 'आतंकवादी सूची' में डाला

    यूरोपीय संघ (ईयू) ने ईरान में हाल के हफ़्तों में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी को अपनी 'आतंकवादी सूची' में डाल दिया है.

    ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स देश की एक बड़ी सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक ताक़त है.

    यूरोपियन यूनियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को 'आतंकवादी संगठन' घोषित किए जाने का स्वागत किया है.

    ईयू की शीर्ष राजनयिक काया कलास ने कहा कि यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने यह "निर्णायक क़दम" इसलिए उठाया क्योंकि "दमन का जवाब दिया जाना ज़रूरी है".

    फ़ैसले से पहले उन्होंने कहा था कि इस क़दम के बाद आईआरजीसी अल-क़ायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे जिहादी संगठनों के बराबर की श्रेणी में आ जाएगा.

    मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि दिसंबर और जनवरी में कई हफ़्तों तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों ने हज़ारों प्रदर्शनकारियों की हत्या की. इस कार्रवाई में आईआरजीसी भी शामिल है.

  3. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और ईरान के राष्ट्रपति के बीच क्या बात हुई

    अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से बात की है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया है.

    शहबाज़ शरीफ़ ने लिखा, “आज मैंने अपने भाई, ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर मसूद पेज़ेश्कियान से बात की. हमने क्षेत्र में बदलती स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया.”

    “हम इस बात पर सहमत हुए कि हमारे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए लगातार बातचीत और कूटनीतिक संपर्क बहुत ज़रूरी है."

    शहबाज़ शरीफ़ ने बताया, “हमने नियमित उच्च-स्तरीय बातचीत और संस्थागत सहयोग के ज़रिए पाकिस्तान-ईरान के भाईचारे वाले संबंधों को और मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया.”

  4. यूजीसी के भेदभाव संबंधी नियम पर रोक की पायल तडवी की मां ने आलोचना की, अल्पेश करकरे, बीबीसी न्यूज़ मराठी

    सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के भेदभाव संबंधी नए नियम पर रोक लगा दी है. इसके बाद डॉक्टर पायल तडवी की मां आबेदा तडवी ने इस फ़ैसले को लेकर अपनी निराशा बीबीसी मराठी से साझा की.

    उन्होंने कहा, "पिछले सात साल से हम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दूसरे हाशिये पर रह रहे समुदायों के छात्रों के लिए लड़ रहे हैं. हमारा मक़सद हमेशा यही रहा है कि पायल के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो."

    उन्होंने कहा, "इसी वजह से हम अदालत गए थे, इस उम्मीद में कि यूजीसी के नियम मज़बूत होंगे और ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा. लेकिन इसके विपरीत बीते कुछ सालों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती गई है."

    आबेदा तडवी ने कहा कि यूजीसी ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद नए नियम बनाए थे और उस मसौदे की अधिसूचना भी जारी की गई थी.

    उन्होंने कहा, "इसके बावजूद ऊंची जातियों के लोग इन नियमों का विरोध कर रहे हैं. किसी को डरने की ज़रूरत क्यों है? अगर कोई ग़लत काम करता है, तो उसकी जाति या श्रेणी कुछ भी हो, उसे सज़ा मिलनी चाहिए."

    शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा, "अगर स्टूडेंट्स को जातिवादी या मनुवादी सोच के कारण परेशान किया जाता है और उन्हें अपनी जान लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो फिर शिक्षा का मक़सद क्या रह जाता है?"

    आबेदा तडवी ने कहा, "जब इसे रोकने के लिए बेहतर नियम लाए जा रहे हैं, तो उनका विरोध किया जाना बहुत दर्दनाक है. हर किसी को सम्मान और समानता के साथ पढ़ने का अधिकार होना चाहिए. नए नियम एक तरह से बचाव के तौर पर काम करते और उनका उद्देश्य किसी एक वर्ग को फ़ायदा पहुंचाना नहीं था."

    आबेदा तडवी ने सरनेम या जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव के ख़िलाफ़ भी अपील की और कहा कि पढ़ाई के दौरान होने वाला अन्याय अब ख़त्म होना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "हमारी बेटी अब हमारे साथ नहीं है, लेकिन ऐसा किसी और बच्चे के साथ नहीं होना चाहिए. इसी वजह से हम इस नीति के लिए लड़ते रहेंगे. हमें उम्मीद है कि न्यायपालिका हमारी आवाज़ सुनेगी."

    पायल तडवी का मामला

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में पीजी छात्रा डॉक्टर पायल तडवी ने 22 मई 2019 को आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पुलिस ने तीन डॉक्टरों को गिरफ़्तार किया था.

    इन तीनों पर पायल तडवी का उत्पीड़न करने का आरोप लगा.

    पायल की मां आबेदा तडवी ने आरोप लगाया था कि तीनों अभियुक्त डॉक्टर उनकी बेटी को कई महीनों से प्रताड़ित कर रहे थे.

    (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.)

  5. विदेश मंत्री एस जयशंकर से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, क्या हुई बात?

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात की है.

    इस मीटिंग के बाद सर्जियो गोर ने कहा, "डॉक्टर एस जयशंकर के साथ समय बिताना हमेशा सुखद होता है."

    उन्होंने कहा, "हमारे बीच एक बहुत सार्थक चर्चा हुई, जिसमें रक्षा, व्यापार, क्रिटिकल मिनरल्स और साझा हितों की दिशा में काम करने जैसे तमाम मुद्दे शामिल रहे."

    वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुलाक़ात पर कहा, "इस बातचीत में हमारी साझेदारी के कई पहलुओं पर चर्चा हुई."

  6. कश्मीरी शॉल बेचने वालों पर उत्तराखंड में कथित हमले को लेकर उमर अब्दुल्लाह क्या बोले

    उत्तराखंड में जम्मू-कश्मीर के दो शॉल विक्रेताओं के साथ कथित मारपीट के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि ऐसे मामले 'पूरी तरह अस्वीकार्य' हैं.

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा, "हाल के दिनों में हुए हमलों की यह श्रृंखला, जिसमें हिमाचल प्रदेश की घटनाएं और अब यह ताज़ा मामला शामिल है, पूरी तरह अस्वीकार्य है. ऐसी घटनाएं रुकनी चाहिए."

    उमर अब्दुल्लाह ने कहा, "यह दावा नहीं किया जा सकता कि जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य हिस्सा है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले कश्मीर के लोग अपनी जान को लेकर डर में जी रहे हैं."

    उमर अब्दुल्लाह ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जहां भी ज़रूरी होगा, उनकी सरकार हस्तक्षेप करेगी और इन घटनाओं को रोकने के लिए हर क़दम उठाएगी.

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय गृह मंत्रालय दूसरे राज्यों में ऐसे मामलों को रोकने के लिए क़दम उठाएगा.

    इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि उमर अब्दुल्लाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शॉल विक्रेता पर हुए हमले की घटना को लेकर बात की.

    मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि पुष्कर सिंह धामी ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करने समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.

    क्या है मामला?

    उत्तराखंड के विकासनगर इलाक़े में बुधवार शाम दो शॉल विक्रेताओं पर कथित हमला हुआ.

    कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह हमला शॉल विक्रेताओं से उनकी पहचान पूछे जाने के बाद हुआ. दावा किया गया कि इस हमले में एक युवक को गंभीर चोटें आई हैं.

  7. यूजीसी के नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद अखिलेश यादव क्या बोले

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के भेदभाव संबंधी नियम पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने के बाद प्रतिक्रिया दी है.

    अखिलेश यादव ने कहा, "सच्चा न्याय किसी के साथ अन्याय नहीं होता है, माननीय न्यायालय यही सुनिश्चित करता है."

    उन्होंने कहा कि क़ानून की भाषा और भाव, दोनों 'साफ' होने चाहिए.

    इसके अलावा अखिलेश यादव ने नीयत को लेकर भी सवाल उठाया है.

    उन्होंने कहा, "बात सिर्फ़ नियम नहीं, नीयत की भी होती है. न किसी का उत्पीड़न हो, न किसी के साथ अन्याय. न किसी पर ज़ुल्म और ज़्यादती हो, न किसी के साथ नाइंसाफ़ी."

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूजीसी के भेदभाव संबंधी नियम पर रोक लगा दी है.

    इस नियम के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक 'समता समिति' का गठन किया जाना था, जिसका काम भेदभाव से जुड़े मामलों की सुनवाई करना था.

    इसको लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन भी हुए. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि यूजीसी का यह नियम सामान्य वर्ग के ख़िलाफ़ है.

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  8. गिरिराज सिंह ने यूजीसी के नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को लेकर क्या कहा

    केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के भेदभाव संबंधी नियम पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने को 'बड़ी राहत' बताया है.

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार जताया है.

    गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यूजीसी नियम पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के रोक से देश के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को बड़ी राहत मिली है."

    उन्होंने कहा, "मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और एकता के साथ न्याय, संतुलन व संवैधानिक मूल्यों की दृढ़ रक्षा है."

    इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी देश में भेदभाव की राजनीति नहीं की' है.

    यूजीसी ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसके तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक 'समता समिति' गठित की जाएगी. इस समिति का काम भेदभाव से जुड़े मामलों की सुनवाई करना है.

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  9. कार्टून: समिति है ना...

  10. बंगाली भाषी मुसलमानों को कथित तौर पर 'मियां' बोलने को लेकर सीएम हिमंत के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज

    लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ख़िलाफ़ एक पुलिस शिकायत दर्ज कराई है.

    यह शिकायत 27 जनवरी को हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से दिए गए बयानों को लेकर की गई है.

    उनके बयानों को लेकर कथित तौर पर कहा रहा है कि वह असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत, उत्पीड़न और भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं.

    लेखक हर्ष मंदर ने यह शिकायत नई दिल्ली के हौज़ खास पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है. उन्होंने पुलिस से तुरंत कार्रवाई करने और एफ़आईआर दर्ज करने की मांग की है.

    शिकायत में कहा गया, "27 जनवरी को असम के तिनसुकिया ज़िले के डिगबोई में एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए 'मियां' शब्द का इस्तेमाल किया और ऐसे बयान दिए जिनसे उनके ख़िलाफ़ उत्पीड़न, सामाजिक भेदभाव और मतदाता सूची से उनके नाम हटाने को बढ़ावा मिलता है."

    असम में 'मियां' शब्द आम तौर पर बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए 'अपमानजनक अर्थ में' इस्तेमाल किया जाता है.

    सीएम की सफाई

    बीते दिनों हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने बयानों में 'मियां' शब्द का इस्तेमाल किया है. हालांकि, उन्होंने गुरुवार को अपने बयानों को लेकर सफाई भी दी.

    पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक संवाददाता ने उनसे सवाल किया कि 'आपके मियां बोलने से विरोधी संतुष्ट नहीं हैं?'

    इस पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "इसमें संतोष नहीं होने की क्या बात है? बांग्लादेश से जो लोग आए हैं, वो अपनेआप को ही 'मियां' बोलते हैं. मैंने तो ये नाम नहीं दिया? उन्होंने ख़ुद ही ये नाम दिया है. वे ख़ुद बोलते हैं कि उन्हें 'मियां' बोलिए."

    असम के मुख्यमंत्री के इस जवाब पर एक पत्रकार ने कहा, 'विपक्ष का कहना है कि हिमंत बिस्वा सरमा सिर्फ़ 'मियां, मियां' करते हैं.'

    इस पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मैं अगर 'मियां, मियां' कर रहा हूं तो वे भी 'असमिया, असमिया' कहें. इसमें आपत्ति क्या है?"

  11. मायावती ने यूजीसी के नियम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक को लेकर क्या कहा

    उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के भेदभाव संबंधी नियम पर लगी रोक को 'उचित' बताया है.

    मायावती ने कहा, "देश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में जातिवादी घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी की ओर से लागू किए गए नए नियम से सामाजिक तनाव का वातावरण पैदा हो गया है. ऐसे वर्तमान हालात के मद्देनजर माननीय सुप्रीम कोर्ट का यूजीसी के नए नियम पर रोक लगाने का आज का फ़ैसला उचित है."

    मायावती ने कहा, "सामाजिक तनाव का वातावरण पैदा ही नहीं होता अगर यूजीसी नए नियम को लागू करने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में ले लेती और जांच कमेटी में अपरकास्ट समाज को नेचुरल जस्टिस के अन्तर्गत उचित प्रतिनिधित्व दे देती."

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूजीसी के भेदभाव संबंधी नियम पर रोक लगा दी है.

    इस नियम के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक 'समता समिति' का गठन किया जाना था, जिसका काम भेदभाव से जुड़े मामलों की सुनवाई करना था.

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  12. ब्रिटिश नागरिक अब बिना वीज़ा चीन की यात्रा कर सकेंगे, दोनों देशों के बीच हुआ समझौता

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि ब्रिटेन और चीन के बीच एक समझौता हुआ है, जिसके तहत ब्रिटिश नागरिक बिना वीज़ा के चीन की यात्रा कर सकता है.

    ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक़, यह समझौता 30 दिन से कम अवधि के लिए यात्रा करने वाले ब्रिटिश नागरिकों के लिए है.

    ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि इसका मतलब यह है कि कारोबार या पर्यटन के लिए चीन जाने वाले नागरिक बिना वीज़ा यात्रा कर सकेंगे.

    इस समझौते पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा, "दुनिया की आर्थिक महाशक्तियों में से एक होने के नाते चीन में कारोबार बढ़ाने के तरीक़ों की मांग हो रही थी."

    उन्होंने कहा, "हम उनके लिए यह काम आसान बनाएंगे. इसमें कम अवधि की यात्रा के लिए वीज़ा नियमों में ढील भी शामिल है. इससे उन्हें विदेश में विस्तार करने में मदद मिलेगी. साथ ही देश के भीतर विकास और रोज़गार को भी बढ़ावा मिलेगा."

    ब्रिटिश पीएम चीन दौरे पर हैं. जहां उन्होंने गुरुवार को राजधानी बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की है.

    पीएस स्टार्मर के साथ एक बड़ा कारोबारी दल भी चीन गया हुआ है.

  13. मध्य प्रदेश: बीजेपी नेता का युवती से मारपीट करते हुए वीडियो वायरल, एफ़आईआर दर्ज, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    मध्य प्रदेश के सतना ज़िले में पुलिस ने बीजेपी के मंडल अध्यक्ष के ख़िलाफ़ एक युवती से मारपीट के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है.

    यह एफ़आईआर 25 साल की युवती की शिकायत के बाद दर्ज हुई है.

    बीजेपी के मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल है. इस वीडियो में वह युवती को थप्पड़ मारते हुए देखे जा सकते हैं.

    सतना पुलिस ने अभियुक्त पुलकित टंडन और उनके साथी राजकुमार नामदेव के ख़िलाफ़ युवती और उनकी मां से मारपीट के मामले में एफ़आईआर दर्ज़ करने की बात कही है.

    सतना पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात को हुई थी और अभियुक्त पुलकित टंडन के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 296 ए, 115(2), 351(3), 3(5) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.

    पुलिस ने यह भी बताया कि युवती और उनकी मां दोनों को चोटें आई हैं.

    पत्रकारों से बात करते हुए सतना ज़िले के एएसपी प्रेमलाल कुर्वे ने कहा, "फरियादी की शिकायत पर आरोपी पुलकित टंडन और राजकुमार नामदेव के विरुद्ध नागौद थाने में एफ़आईआर दर्ज़ की गई है. जांच जारी है और इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी".

    पुलिस अब तक अभियुक्त पुलकित टंडन को गिरफ़्तार नहीं किया है.

    सतना पुलिस की ओर से दर्ज़ एफ़आईआर में युवती ने बताया कि वह ब्यूटी पार्लर का काम करतीं हैं और उनका पार्लर पुलकित टंडन के गोदाम के पास है.

    एफ़आईआर के मुताबिक़, 27 जनवरी की रात क़रीब दस बजे पुलकित टंडन के कर्मचारी आर के नामदेव के मोबाइल से युवती को फोन आया और कॉल पर कहा गया कि एक कस्टमर आया है.

    युवती ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पहले आने से मना किया लेकिन बाद में खुद फ़ोन कर कहा कि वह आ रहीं हैं. हालांकि जब वह गोदाम के बाहर पहुंचीं तो आर के नामदेव ने उन्हें अंदर चलने को कहा.

    युवती ने आगे बताया, "अंदर पहुंचने पर मैंने देखा कि पुलकित टंडन शराब पी रहे थे. मैं बाहर निकलने लगी तो पुलकित टंडन ने मेरा हाथ पकड़ लिया."

    युवती ने बताया कि हाथ पकड़ने और जबरदस्ती रोकने का विरोध करने के बाद पुलकित टंडन ने उन्हें खींचकर ज़मीन पर गिरा दिया और लगातार थप्पड़ मारते हुए उनके साथ हिंसा की.

    शिकायत में यह भी कहा कि जब शोर मचाने के बाद युवती के भाई और मां घटनास्थल पर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई.

    एफ़आईआर के अनुसार, मारपीट में युवती के पैर और सिर में चोट आई है जबकि उनकी मां के सिर, सीने और हाथ में चोटें हैं. भाई को भी कान और हाथ में चोट की शिकायत है.

    पुलिस ने बताया कि सभी का अस्पताल में इलाज कराया गया है.

    बुधवार को घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. पुलिस का कहना है कि फुटेज को जांच में शामिल किया गया है.

    इस मामले में बीजेपी की सतना इकाई ने पुलकित टंडन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

  14. यूजीसी के नियम पर रोक लगाए जाने पर विपक्ष ने क्या कहा?

    सुप्रीम कोर्ट की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव रोकने संबंधी बनाए गए नए नियम पर रोक लगा दी गई है.

    इस फ़ैसले पर कई राजनीतिक दलों से प्रतिक्रिया आई है.

    शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मुझे ख़ुशी है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया और यूजीसी के दिशा-निर्देशों पर रोक लगाई, जो अस्पष्ट और मनमाने थे."

    उन्होंने यूजीसी के नियम को लेकर कहा कि यह संस्थानों में 'और अधिक भेदभाव पैदा करने की कोशिश' थी.

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को सही ठहराया.

    उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने सही किया है. यूजीसी की गाइडलाइन अवैध और असंवैधानिक थी."

    कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने यूजीसी के नियम को केंद्र सरकार की 'काली करतूत' बताया. उन्होंने इस पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद किया.

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  15. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाक़ात के बाद क्या बोले शशि थरूर?

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात की.

    इस मीटिंग के बाद थरूर ने कहा, "मेरी पार्टी के दो नेताओं, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बातचीत हुई. हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई."

    उन्होंने कहा, "सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं और क्या कह सकता हूं?... मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?"

    जब उनसे पूछा गया कि क्या केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में बात हुई, इस पर उन्होंने कहा, "नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई. मुझे किसी भी चीज़ के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है."

    "अभी, मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है. मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है."

    बीते कई दिनों से रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि शशि थरूर पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनकी बैठक एक घंटे से ज़्यादा चली. यह बैठक संसद भवन परिसर में खड़गे के कक्ष में हुई.

  16. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक ख़बरें पहुंचा रही थीं.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  17. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर, मुलाक़ात की मुख्य बातें

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अपने चीन दौरे के दौरान गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की.

    स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन चीन के साथ "ज़्यादा बेहतर रिश्ते" चाहता है. उन्होंने चीन को "वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी" बताया.

    वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि ब्रिटेन-चीन के संबंधों में "उतार-चढ़ाव" आए हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि चीन ब्रिटेन के साथ "लंबे समय की रणनीतिक साझेदारी" के लिए तैयार है.

    दुनिया के मौजूदा हालात को "अस्थिर और बदलता हुआ" बताते हुए शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए बेहतर बातचीत बहुत ज़रूरी है.

  18. अजित पवार के विमान हादसे पर संजय राउत बोले, 'क्या टेक्निकल गड़बड़ी थी, ये सामने आना चाहिए'

    शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान कैसे दुर्घटनाग्रस्त हुआ, क्या गड़बड़ी थी, ये सामने आना चाहिए.

    उन्होंने अहमदाबाद प्लेन क्रैश ज़िक्र करते हुए कहा, "अहमदाबाद में इतना बड़ा हादसा हो गया. क्या जांच हुई, कुछ सामने आया है? गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का उसमें निधन हो गया. जांच के लिए एक टीम बनाई गई. डीजीसीए ने एक टीम बनाई. क्या हुआ?"

    संजय राउत ने कहा, "डीजीसीए हर बार जांच की घोषणा करती है. कुछ तथ्य और सत्य तो सामने आना चाहिए. अजित पवार जैसे कद्दावर नेता, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और लोकप्रिय नेता का कल विमान हादसे में निधन हो गया. इससे केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरा देश सदमे में है. कैसे हो गया ये? उसमें क्या टेक्निकल गड़बड़ी थी, ये सामने आना चाहिए."

  19. कोलकाता: गोदामों में लगी आग में कई लोगों की मौत की आशंका, एक व्यक्ति गिरफ़्तार, इल्मा हसन, बीबीसी संवाददाता

    कोलकाता के आनंदपुर इलाके में गोदामों में लगी आग के बाद पुलिस अब भी पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया में जुटी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल संभव नहीं है.

    कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या 15 से अधिक हो सकती है और दर्जनों लोग अब भी लापता हैं. वहीं पुलिस ने कहा है कि वह डीएनए जांच पूरी होने के बाद ही कोई अंतिम आंकड़ा बताएगी.

    26 जनवरी को लगी थी आग

    यह आग 26 जनवरी की सुबह करीब तीन बजे लगी थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक़, आग पहले एक डेकोरेटर कंपनी के गोदाम में लगी और फिर पास में स्थित दूसरे गोदाम तक फैल गई, जिसे फ़ास्ट फ़ूड चेन वॉव मोमो इस्तेमाल कर रही थी.

    दोनों गोदामों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी, जिस वजह से आग तेज़ी से फ़ैल गई. उस समय गोदामों में कई मज़दूर और कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया.

    बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक सुवेंद्र कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "हमने इस मामले में पांच सदस्यों की एसआईटी बनाई है. एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है. इस व्यक्ति को आठ दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है."

    उन्होंने बताया, "डीएनए प्रोफ़ाइलिंग कराई जा रही है. अभी तक पूरे शव नहीं मिले हैं, केवल शरीर के हिस्से बरामद हुए हैं, इसी वजह से हम मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं."

    पुलिस ने इस मामले में पुष्पांजलि डेकोरेटर्स के मालिक गंगाधर दास को लापरवाही के आरोप में गिरफ़्तार किया है. उन पर आरोप है कि गोदाम में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे आग का खतरा बढ़ गया. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

    पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द हिन्दू अख़बार को बताया कि दोनों गोदामों के पास वैध फ़ायर सेफ़्टी क्लीयरेंस नहीं थी.

    कोलकाता के मेयर फ़िरहाद हकीम ने कहा है कि इस घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं और यह देखा जा रहा है कि गोदामों का संचालन नियमों के मुताबिक़ हो रहा था या नहीं. उन्होंने कहा कि दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी.

    इस बीच, वॉव मोमो ने एक बयान जारी कर कहा है कि आग पड़ोस के गोदाम से उनके परिसर में फैली थी. कंपनी ने बताया कि इस हादसे में उसके दो कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले एक सुरक्षा गार्ड की मौत हुई है.

    कंपनी ने पीड़ित परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का मुआवज़ा, आजीवन मासिक वेतन सहायता और बच्चों की शिक्षा का ख़र्च उठाने का एलान किया है.

    प्रशासन का कहना है कि फ़ॉरेंसिक जांच और डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ़ हो पाएगा कि इस आग में कुल कितने लोगों की जान गई और कितने लोग अब भी लापता हैं. पुलिस और दमकल विभाग की जांच अभी जारी है.

  20. महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को उनके बेटे, पार्थ पवार और जय पवार ने दी मुखाग्नि

    महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को उनके बेटे, पार्थ पवार और जय पवार ने मुखाग्नि दी. उनका अंतिम संस्कार बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड पर किया गया.

    उनके अंतिम संस्कार में कई नेता और मंत्रियों के अलावा बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए.

    अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार ने अपने पति को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अभिनेता रितेश देशमुख ने भी अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए संवेदना ज़ाहिर की.