ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में हुई घटना पर अफ़सोस जताया, इस बात के लिए हुए तैयार
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इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की और ट्रंप के बीच बीते शुक्रवार को तीखी बहस हुई थी (फाइल फोटो)
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति भवन में हुई घटना पर अफ़सोस जताया है और अब तक यूक्रेन को मिली अमेरिकी मदद के लिए आभार व्यक्त किया है.
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबी पोस्ट में युद्ध और शांति के साथ ही यूक्रेन के लिए अमेरिकी अहमियत का ज़िक्र किया है.
ज़ेलेंस्की ने लिखा है, "मैं शांति के लिए यूक्रेन की प्रतिबद्धता को दोहराना चाहता हूं. हममें से कोई भी कभी न ख़त्म होने वाला युद्ध नहीं चाहता. यूक्रेन स्थायी शांति लाने के लिए जल्द से जल्द बातचीत की मेज़ पर आने को तैयार है."
उन्होंने कहा, "मेरी टीम और मैं स्थायी शांति पाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के मज़बूत नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार हैं. हम वास्तव में इस बात की सराहना करते हैं कि अमेरिका ने यूक्रेन को उसकी संप्रभुता और स्वतंत्रता बनाए रखने में कितनी मदद की है.
बीते हफ़्ते शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ व्हाइट हाउस में ज़ेलेंस्की की तीखी बहस हो गई थी, जिसपर ज़लेंस्की को अपने देश में समर्थन के साथ ही विरोध का भी सामना करना पड़ा है.
ज़ेलेंस्की ने अपने पोस्ट में लिखा है, "शुक्रवार को वाशिंगटन में व्हाइट हाउस में हमारी बैठक वैसी नहीं हुई जैसी होनी चाहिए थी. यह अफ़सोस की बात है कि ऐसा हुआ. अब हमारे लिए चीजों को सही करने का समय आ गया है. खनिज और सुरक्षा पर समझौते के संबंध में, यूक्रेन किसी भी समय और किसी भी सुविधाजनक प्रारूप में इस पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है."
ट्रंप के टैरिफ़ के ख़िलाफ़ चीन और कनाडा ने उठाए कदम, मेक्सिको ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, मेक्सिको भी रविवार को अमेरिकी उत्पाद के ख़िलाफ़ नए टैक्स की घोषणा करेगा
अमेरिका में कनाडा और मेक्सिको से आयात किए गए सामान पर 25 फ़ीसदी टैरिफ़ लागू हो गया है. इसके अलावा चीन के ख़िलाफ़ भी नया 10 फ़ीसदी लेवी (एक तरह का टैक्स) शुरू हो गया है.
ट्रंप ने कहा है कि अब कनाडा और मेक्सिको के पास बातचीत का कोई मौक़ा नहीं है.
इसके बदले में कनाडा ने भी अमेरिका से अपने देश में आयात होने वाले कई सामानों जैसे घरेलू सामान, ऑरेंज जूस, वाइन, स्प्रिट्स, बियर और कॉफ़ी पर 25 परसेंट टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी.
वहीं मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा है कि इस टैरिफ़ को लागू करने की अमेरिका के पास कोई दलील नहीं है.
इसके ख़िलाफ़ मेक्सिको ने भी अमेरिकी सामान पर टैरिफ़ लगाने की बात की है, जिसकी घोषणा रविवार को की जाएगी.
इस बीच, चीन ने भी 10 मार्च से अमेरिका से आयात होने वाले कई सामान पर 10 से 15% टैक्स लगाने की बात कही है. चीन कई अमेरिकी उत्पादों के बड़े आयातकों में से एक है.
ट्रंप के इस टैरिफ़ की चर्चा के बीच मंगलवार को अमेरिका का शेयर बाज़ार गिरावट के साथ खुला है और अमेरिका की कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में क़रीब 1 फ़ीसदी की गिरावट देखी गई है.
माना जा रहा है कि इस तरह के टैक्स वॉर से अमेरिका में कई वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिनमें स्मार्टफ़ोन भी शामिल है.
टैरिफ़ दूसरे देशों के आयात किए जाने वाले सामान पर टैक्स के तौर पर लगाया जाता है.
जो कंपनियां किसी अन्य देश से विदेशी सामान आयात करती हैं, उन्हें यह टैक्स सरकार को देना होता है. यह आमतौर पर सामान की कीमत में जुड़ जाता है.
मसलन अमेरिका अगर कोई सामान 100 डॉलर में आयात कर रहा है और इस पर 25% टैरिफ़ लगाया जाता है तो इसकी कीमत 125 डॉलर हो जाएगी.
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में टैरिफ़ का इस्तेमाल चीन पर दबाव बनाने के लिए किया था और कुछ अन्य देशों पर भी व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए इसका इस्तेमाल किया था.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास के दावे पर कांग्रेस ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने नीतीश कुमार के बयान को 'अहंकार' बताया है
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राजनीति में अहंकार की कोई जगह नहीं होती है और अहंकार को जनता ही समाप्त करती है.
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई है.
इस दौरान नीतीश ने तेजस्वी यादव की तरफ देखते हुए कहा, "पहले बिहार में क्या था? तुम्हारे पिता को मैंने ही बनाया है. तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उन्हीं को बनाया."
नीतीश के इस बयान पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "नीतीश जी बीस साल से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. अगर वो अभी कह रहे हैं कि बिहार में क्या था, तो आपने बिहार में क्या किया? आज भी बिहार में बड़ी संख्या में पलायन होता है, बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर निल बटा सन्नाटा है, पुल का उद्घाटन होता और दूसरे ही दिन वह पुल ढह जाता है."
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि सर्वे ये दिखा रहा है कि बिहार में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय उम्मीदवार हैं, वो नीतीश से ज्यादा लोकप्रिय हैं, इसलिए चुनावी साल में ऐसी बातें सुनने को मिलती रहेंगी.
बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने हैं और साल 2020 के विधानसभा चुनावों में तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर थी, हालांकि उन चुनावों में आरजेडी कुछ सीटों से राज्य में सरकार बनाने से चुक गई थी.
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लालू को 'बनाने' के नीतीश के दावे पर बिहार विधानसभा में जमकर हंगामा
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इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच मंगलवार को विधानसभा में जमकर बहस हुई
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस हुई है. इस दौरान नीतीश कुमार ने दावा किया कि उन्होंने ही लालू प्रसाद यादव को बनाया.
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावी साल में नीतीश कुमार लगातार अपनी सरकार के कामकाज को लेकर दावे कर रहे हैं, वहीं विपक्ष की तरफ से उनको घेरने की कोशिश भी जारी है.
विधानसभा में बजट सत्र में मंगलवार को नीतीश कुमार अपने भाषण में सरकार के कामकाज के बारे में गिना रहे थे, वहीं विपक्ष की तरफ से उनके दावों का विरोध किया जा रहा था.
इससे नाराज़ नीतीश ने तेजस्वी यादव की तरफ देखते हुए कहा, "पहले बिहार में क्या था? तुम्हारे पिता को मैंने ही बनाया है. तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उन्हीं को बनाया."
नीतीश के इस दावे के बाद सदन में विपक्ष की तरफ से काफ़ी देर तक शोर होता रहा और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी अपनी कुर्सी से खड़े होकर नीतीश कुमार का विरोध करते रहे.
आज़ाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने लगाया हमले का आरोप, जानिए क्या कहा
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इमेज कैप्शन, चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि मंगलवार को उनपर ओडिशा के भुवनेश्वर में हमला हुआ है
लोकसभा सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के नेता चंंद्रशेखर ने दावा किया है कि उन पर ओडिशा के भुवनेश्वर में जानलेवा हमला किया गया है.
उन्होंने इस हमले का आरोप एबीवीपी पर लगाया है. चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं, जिनमें कुछ कारों के शीशे टूटे हुए हैं.
उन्होंने लिखा है, "लगभग 250 की भीड़ में आए इन असामाजिक तत्वों ने कार्यक्रम स्थल पर पथराव किया, हिंसा फैलाई, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया."
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया, "यह घटना साफ दर्शाती है कि संघ परिवार के संगठनों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है. यह वही ताकतें हैं जो बहुजन आंदोलन, दलित-पिछड़े समाज और संवैधानिक अधिकारों के लिए उठने वाली हर आवाज़ को हिंसा और गुंडागर्दी से दबाने की कोशिश करती हैं."
अबू आज़मी ने औरंगज़ेब पर दिए अपने बयान को वापस लिया, जानिए क्या कहा
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इमेज कैप्शन, अबू आज़मी के बयान के बाद उन पर कई तरफ से राजनीतिक तौर पर निशाना साधा जा रहा था
समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को लेकर दिए अपने बयान को वापस ले लिया है.
अबू आज़मी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है, "मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है. औरंगज़ेब रहमतुल्लाह अलेह के बारे में मैंने वही कहा है जो इतिहासकरों और लेखकों ने लिखा है. मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज या अन्य किसी भी महापुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिपण्णी नहीं की है."
"लेकिन फिर भी मेरी इस बात से कोई आहत हुआ है तो मैं अपने शब्द, अपना स्टेटमेंट वापस लेता हूँ. इस बात को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है. इसकी वजह से महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र को बंद करना मैं समझता हूँ कि यह महाराष्ट्र की जनता का नुक़सान करना है."
सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए अबू आज़मी ने मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को अत्याचारी या असहिष्णु मानने से इनकार किया था और कहा था कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
अबू आज़मी के इस बयान के बाद उनपर राजनीतिक तौर पर काफ़ी हमले शुरू हो गए और शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के अबू आज़मी के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कराने ख़ुद पुलिस स्टेशन भी गए थे.
यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य मदद रोकने से पहले नेटो से नहीं किया गया संपर्क- पोलैंड
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन को सैन्य मदद देने में अमेरिका काफ़ी आगे रहा है (सांकेतिक तस्वीर )
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूक्रेन को सैन्य मदद रोकने के फ़ैसले पर नेटो के सदस्य देश पोलैंड ने प्रतिक्रिया दी है.
पोलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पॉवेल व्रॉन्सकी ने पत्रकारों से कहा है कि अमेरिका ने यह फ़ैसला अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य संगठन नेटो से बातचीत किए बगैर या उसे सूचना दिए बिना लिया है.
उन्होंने कहा, "यह फ़ैसला काफ़ी अहम है और हालात काफ़ी गंभीर हैं."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है.
इस मुद्दे पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की पार्टी के एक सांसद ओलेक्ज़ेंद्र मेरेज़्को ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यह रूस का पक्ष लेने की तरह दिख रहा है. यह विनाशकारी है. यूक्रेन अमेरिकी मदद के बिना प्रभावी तौर पर अपनी सुरक्षा नहीं कर सकता है."
बीते शुक्रवार को ही अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ तीखी बहस हुई थी.
अमेरिका के किस कदम को रूस ने शांति की दिशा में सबसे बड़ा योगदान बताया
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन को सैन्य मदद देने में अमेरिका सबसे आगे रहा है (फ़ाइल फोटो)
यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य मदद पर रोक लगने के बाद रूस ने प्रतिक्रिया दी है.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता से इस मुद्दे पर बीबीसी के रूस संपादक स्टीव रोज़ेनबर्ग ने प्रतिक्रिया मांगी.
प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "अगर यह (अमेरिकी सैन्य मदद पर रोक) सही है तो यह निश्चित तौर पर यूक्रेन की सरकार पर शांति प्रक्रिया में शामिल होने का दबाव डाल सकता है."
पेस्कोव के मुताबिक़ अमेरिका यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करने वाला सबसे प्रमुख देश रहा है.
उन्होंने कहा, "अगर अमेरिका यह (सैन्य मदद) रोक देता है तो शायद यह शांति के लिए सबसे बड़ा योगदान होगा."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक लगा दी है.
अमेरिका का ये कदम कुछ दिन पहले ही व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हुई तीखी बहस के बाद सामने आया है.
परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण भारत के राज्यों को लेकर आरजेडी सांसद ने ये कहा
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इमेज कैप्शन, आरजेडी सांसद मनोज का कहना है कि परिसीमन में जनसंख्या को आधार बनाने से दक्षिण भारत के राज्यों को नुक़सान होगा
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा है कि परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण भारत के राज्यों की दुविधा जायज है.
मनोज कुमार झा ने कहा, "परिसीमन आज एक नाजुक विषय है. दक्षिणी राज्यों की दुविधा भी जायज है. क्योंकि उन्होंने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया है और अगर लोकसभा सीटों के परिसीमन का मानदंड जनसंख्या वृद्धि होगी तो यह उन राज्यों के साथ अन्याय होगा."
दरअसल बीते कुछ दिनों से दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु में परिसीमन का मुद्दा काफ़ी गर्म है.
इस मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा था, "परिसीमन के नाम पर दक्षिण के राज्यों के ऊपर तलवार लटक रही है. परिसीमन राजनीतिक चाल है और इससे संसद में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घट जाएगा."
एमके स्टालिन ने 5 मार्च को राज्य स्तर की एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.
परिसीमन को लेकर एमके स्टालिन के बयानों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
अमित शाह ने पिछले हफ़्ते तमिलनाडु के कोयंबटूर में कहा, "मोदी सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि परिसीमन के बाद प्रो-रेटा (आनुपातिक आधार) के हिसाब से दक्षिण के एक भी राज्य की एक भी सीट (लोकसभा) कम नहीं होगी."
चैंपियंस ट्रॉफ़ी में ऑस्ट्रेलिया की टीम में शामिल तनवीर संघा कौन हैं?
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इमेज कैप्शन, तनवरी सांघा का ये चौथा एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच है
चैंपियंस ट्रॉफ़ी के पहले सेमीफ़ाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भारतीय मूल के लेग स्पिनर तनवीर संघा को भी टीम में शामिल किया गया है. तनवीर संघा का ये चौथा वनडे इंटरनेशनल मैच है.
24 साल के तनवीर संघा दाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज़ हैं. तनवीर का जन्म ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में हुआ है. वो भारतीय प्रवासी परिवार में पैदा हुए हैं.
संघा ने जूनियर क्रेकेट की शुरुआत एक तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर की थी, लेकिन बाद में उन्होंने ख़ुद को एक स्पिनर के तौर पर बेहतर पाया.
तनवीर ने क्लब क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया. जूनियर लेवल पर ही अच्छे प्रदर्शन की बदौलत उन्हें पहले ऑस्ट्रेलिया की अंडर 16 टीम में जगह मिली, फिर साल 2020 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किए गए.
तनवीर संघा को साल 2023 में ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किया गया था. वो टीम के साथ साउथ अफ्रीका और भारत के दौरे पर रहे, जब उन्होंने वनडे और टी-20 में डेब्यू किया था.
उन्होंने अपना पहला वनडे मुक़ाबला 12 सितंबर 2023 को दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ खेला था. उस मैच में उन्होंने 8 ओवरों में 64 रन ख़र्च कर एक विकेट झटका था.
संघा सात टी-20 इंटरनेशनल मैच भी खेल चुके हैं और इन मुक़ाबलों में उनके नाम 10 विकेट दर्ज हैं.
चैंपियंस ट्रॉफ़ी पहला सेमीफ़ाइनल: भारत के ख़िलाफ़ ऑस्ट्रेलिया ने जीता टॉस, किया ये फ़ैसला
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इमेज कैप्शन, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच दुबई में हो रहा है.
चैंपियंस ट्रॉफ़ी का पहला सेमीफ़ाइनल
मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज दुबई में खेला जा रहा है.
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया है.
भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के अभी
तक सभी मैच जीते हैं और सेमीफ़ाइनल तक पहुंची है.
साल 2023 के वर्ल्ड कप फ़ाइनल में
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को अहमदाबाद में हराया था. इस साल ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड
टेस्ट चैंपियनशिप भी भारत को हरा कर खिताब जीता था.
हालांकि इस बार कई मुख्य खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलियाई टीम से नदारद हैं, लेकिन क्रिकेट के जानकारों को कहना है कि बावजूद
इसके उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता.
रोहित शर्मा की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ने इस मुक़ाबले के लिए टीम में कोई बदलाव नहीं किया है. पिछले मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को शिकस्त दी थी.
दूसरा सेमीफ़ाइनल मैच पाकिस्तान के
गद्दाफ़ी स्टेडियम में दक्षिण अफ़्रीका और न्यूज़ीलैंड के बीच होगा.
सेबी की पूर्व चीफ़ माधवी पुरी बुच के ख़िलाफ़ एफ़आईआर करने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की रोक
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इमेज कैप्शन, सेबी की पूर्व प्रमुख माधवी पुरी बुच का कार्यकाल 28 फ़रवरी को पूरा हुआ था
बाज़ार नियामक सेबी की पूर्व प्रमुख माधवी पुरी बुच पर एफ़आईआर
दर्ज किए जाने के मुंबई की विशेष अदालत के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगा दी
है.
लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस शिवकुमार
दिगे की एकल पीठ ने विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि स्पेशल जज ने बिना तह तक गए और बिना जवाब सुनने का
मौका दिए, यांत्रिक रूप से आदेश सुनाया है.”
पिछले हफ़्ते
शनिवार को मुंबई की विशेष अदालत ने सेबी की
पूर्व प्रमुख माधवी पुरी बुच समेत पांच लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने के
लिए एंटी करप्शन ब्यूरो को आदेश जारी किया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के
मुताबिक, यह मामला शेयर बाज़ार में धोखाधड़ी
और नियामक उल्लंघन से जुड़ा है.
एक स्थानीय पत्रकार की याचिका पर यह
आदेश जज शशिकांत एकनाथ राव ने दिया है.
पत्रकार ने अपनी याचिका में कथित तौर
पर माधवी पुरी बुच समेत अन्य लोगों के बड़े पैमाने पर हुई वित्तीय धोखाधड़ी,
नियामक उल्लंघन और भ्रष्टाचार में
शामिल होने के कथित अपराध की जांच की मांग की थी.
इससे पहले, सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज़ बोर्ड ऑफ़ इंडिया
(सेबी) की चेयरपर्सन के तौर पर माधवी पुरी बुच ने बीते शुक्रवार को तीन साल का कार्यकाल
पूरा किया था.
इसके बाद केंद्र सरकार ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को बाज़ार नियामक सेबी का ग्यारहवां चेयरमैन नियुक्त किया.
औरंगज़ेब पर अबू आज़मी की टिप्पणी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, समाजवादी पार्टी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि अबू आज़मी ने ऐसा कुछ नहीं कहा जो निंदनीय हो
मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब पर समाजवादी
पार्टी के विधायक अबू आज़मी की टिप्पणी की निंदा करते हुए महाराष्ट्र में महायुति के
नेताओं ने प्रदर्शन किया.
मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा के
प्रवेश द्वार पर महायुति के नेता इकट्ठा हुए और नारेबाज़ी की.
उधर, अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद
अवधेश प्रसाद ने कहा, “अबू आज़मी का बयान निंदनीय नहीं है...महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री को
इतिहास की जानकारी नहीं है.”
उन्होंने
कहा, “समाजवादी पार्टी हमेशा भारत को जोड़ने की बात करती है और
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान को बचाने और उनके सम्मान की बात करती है.
उसी संदर्भ में हमारी पार्टी के नेता ने टिप्पणी की है जिसे वे लोग ठीक से नहीं
समझ पाए, इसीलिए अनर्गल आरोप लगा रहे हैं.”
इससे पहले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अबू आज़मी के बयान की निंदा करते हुए उनपर कार्रवाई की मांग की थी.
महाराष्ट्र
से सपा के विधायक अबू आज़मी ने कहा था कि वह औरंगज़ेब को असहिष्णु नहीं मानते.
इसके बाद शिवसेना
के एक सांसद ने उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की थी. हालांकि
अबू आज़मी ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं कहा है.
सरपंच की हत्या से जुड़े मामले के तूल पकड़ने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री ने दिया इस्तीफ़ा
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इमेज कैप्शन, सरपंच हत्याकांड में पकड़े गए अभियुक्त को धनंजय मुंडे का क़रीबी बताया जा रहा है
बीड के सरपंच की हत्या को लेकर बढ़ते
दबाव के बीच महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफ़ा
दे दिया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र
फडणवीस ने मंगवार को बताया कि उन्होंने धनंजय मुंडे का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है
और ‘अगली कार्यवाही के लिए राज्यपाल को भेज दिया है.’
हालांकि धनंजय मुंडे ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अपना इस्तीफ़ा दिया है.
उधर शिव सेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, "सिर्फ़ इस्तीफ़ा पर्याप्त नहीं है. इस सरकार को बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए. बीते ढाई तीन सालों में महाराष्ट्र में क़ानून व्यवस्था बिगड़ी है...अगर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है और सरकार को बर्ख़ास्त नहीं किया जाता तो राज्य में कौन निवेश करने आएगा."
बीड ज़िले में एक सरपंच की हत्या में
धनंजय मुंडे के एक क़रीबी सहयोगी की गिरफ़्तारी के बाद उनके इस्तीफ़े की मांग तेज़
हो गई थी.
असल में बीड में सरपंच संतोष देशमुख
की हत्या के समय की कुछ तस्वीरें बाहर आईं जिसके बाद उन पर दबाव बढ़ गया था.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों में कहा
जा रहा है कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार और सीएम फडणवीस के साथ धनंजय मुंडे की बैठक
हुई थी जिसमें उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए कहा गया था.
इमेज कैप्शन, संतोष देशमुख और धनंजय मुंडे
क्या है मामला
बीबीसी मराठी के अनुसार, सरपंच संतोष देशमुख का अपहरण करके उनकी बर्बर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश को जन्म दिया था.
लेकिन जबसे देशमुख की हत्या के समय की तस्वीरें वायरल हुई हैं, माहौल और गरम हो गया है.
इस हत्याकांड की जांच सीआईडी को सौंपी गई थी और उसने अपनी चार्जशीट में हत्या के दौरान की गई बर्बरता की तस्वीरों को इसमें शामिल किया था.
इन तस्वीरों में अभियुक्त, संतोष देशमुख को बेरहमी से पीटता दिख रहा है और एक तस्वीर में वह देशमुख की पिटाई करते हुए हंस रहा है.
मंगलवार को मनोज जारंग पाटिल ने देशमुख परिवार से मुलाक़ात की और इस दौरान संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख रो पड़े.
धनंजय ने इन तस्वीरों को इंटरनेट से हटाने की मांग की है.
चंडीगढ़ मार्च से पहले कई किसान नेताओं के घरों पर छापा, गिरफ़्तारी और नज़रबंदी
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इमेज कैप्शन, सोमवार को किसान नेताओं और मुख्यमंत्री के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही.
पंजाब के किसान संगठनों ने पांच
मार्च को चंडीगढ़ कूच करने का एलान किया था, उससे एक दिन पहले ही कई किसान नेताओं
को हिरासत में लेने की ख़बरें हैं.
बीबीसी पंजाबी के अनुसार, भारतीय
किसान यूनियन (बीकेयू) उगरहां के नेता जोगिंदर सिंह उगरहां के घर पर भी छापा मारा
लेकिन वो नहीं मिले.
पुलिस ने आखिल भारतीय किसान सभा, बीकेयू
डकौंदा और कीर्ति किसान यूनियन के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है.
इससे पहले तीन मार्च, सोमवार को
किसान नेताओं और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच बैठक हुई थी जो बेनतीजा रही.
मुख्यमंत्री के साथ बैठक में हंगामा
बीबीसी पंजाबी के अनुसार, किसान
नेताओं और मुख्यमंत्री मान के साथ हुई बैठक में हंगामा हुआ. किसान संगठनों ने आरोप
लगाया कि सीएम बिना उनकी पूरी मांगें सुने ही बैठक छोड़कर चले गए.
बैठक के बाद जोगिंदर सिंह उगरहां ने
कहा कि पांच मार्च को किसान चंडीगढ़ कूच करेंगे.
हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक
बयान जारी कर कहा कि वो किसान समर्थक हैं लेकिन उनकी अधिकांश मांगें केंद्र सरकार
ही पूरी कर सकती है.
बीबीसी पंजाबी के अनुसार, पूरे पंजाब
से कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है जिनमें राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर के नेता
हैं. कई नेताओं के यहां पुलिस ने रात में और तड़के छापा मारा है.
किसान नेता रमिंदर पाटिला ने कहा, "मुख्यमंत्री भड़क गए थे. हम 18 मांगों को लेकर गए थे और अभी 8वीं मांग को हमने पढ़ना शुरू किया तभी मुख्यमंत्री उठ खड़े हुए और पांच मार्च को चंडीगढ़ कूच न करने को कहा."
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का यह बर्ताव निंदनीय है. एक मुख्यमंत्री को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए. हम पांच मार्च को आएंगे और मुख्यमंत्री को बैठने के लिए दबाव बनाएंगे."
टैरिफ़ पर जापान से लेकर अमेरिका तक लड़खड़ाए शेयर बाज़ार, भारत पर क्या असर
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इमेज कैप्शन, ट्रंप के टैरिफ़ लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी बाज़ारों में हड़कंप छाया रहा.
मंगलवार से मेक्सिको, कनाडा और चीन
पर टैरिफ़ लगाने की ट्रंप की घोषणा ने दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में उथल पुथल ला
दिया है.
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार भारी
गिरावट के बाद बंद हुए और अब इसका असर एशियाई शेयर बाज़ार पर भी दिख रहा है.
सबसे तेज़ गिरावट जापान के निक्केई
225 में दिखी जो 1.8% तक गिर गया.
हांग कांग का हैंग सेंग इंडेक्स और
ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200, दोनों में ही 0.8% की गिरावट दर्ज की गई जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी ‘फ्लैट’ रहा.
भारत का शेयर बाज़ार मंगलवार को
खुलते ही 350 पॉइंट गिर गया था, हालांकि बाद में संभलने की कोशिश की.
सुबह दस बजे तक सेंसेक्स तकरीबन 150
प्वाइंट नीचे के 72,950 पर काम कर रहा था.
शुक्रवार को हुई थी बड़ी गिरावट
पिछले हफ़्ते शुक्रवार को सेंसेक्स
में भारी गिरावट से निवेशकों में घबराहट का माहौल है.
बीते शुक्रवार को सेंसेक्स में 1400
प्वाइंट की गिरावट हुई थी जिसे 28 सालों में सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा था.
मंगलवार सुबह मार्केट निवेश सलाहकार बी पद्मनाभन
ने एक्स पर लिखा, “अपने उच्चतम स्तर से सेंसेक्स 15% गिर चुका है.”
उन्होंने सर्वाधिक
गिरावट वाले शेयरों की एक सूची साझा की है जिसमें दो प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत
की गिरावट वाले शेयरों को शामिल किया गया है.
औरंगज़ेब पर सपा नेता अबू आज़मी के बयान के बाद हंगामा, अब ये कहा
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इमेज कैप्शन, अबू आज़मी ने कहा था कि वह मुग़ल बादशाह औरंगजेब़ को असहिष्णु नहीं मानते
मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को लेकर महाराष्ट्र
में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी की टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद ने जन्म ले लिया है.
शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के अबू
आज़मी के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचे.
उन्होंने कहा, “अबू आज़मी के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए. उन्हें
भारत में यह कहने का अधिकार नहीं है. हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने भी देशद्रोह का
मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है. ”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अबू आज़मी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “राजा लोग सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्ष करते थे उनका धर्म से कोई काम नहीं था... जिसने 52 साल तक हुक़ूमत की हो और अगर वह धर्म परिवर्तन कराना चाहते तो भारत में कितने हिंदू, मुसलमान बन जाते.”
उन्होंने कहा, “1857 के ग़दर में मंगल पांडे ने बलिया से लड़ाई शुरू की तब उनका सबसे पहले साथ देने वाले मुसलमान थे बहादुरशाह ज़फर.”
अबू आज़मी ने कहा कि वह अपने बयान पर डटे हुए हैं. उन्होंने कहा, “अगर औरंगज़ेब ने मंदिरों को नष्ट किए तो मस्जिदों को भी नष्ट किया....अगर वह हिंदुओं के ख़िलाफ़ होते तो 34% हिंदू और हिंदू सलाहकार उनके साथ नहीं होते. इसमें हिंदू मुस्लिम का एंगल देने की ज़रूरत नहीं है.”
अपने ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराने की मांग को लेकर उन्होंने कहा, “हिंदू भाइयों के ख़िलाफ़ मैंने एक शब्द भी नहीं कहा.”
सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए अबू आज़मी ने मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को अत्याचारी या असहिष्णु मानने से इनकार किया था और कहा था कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
पोप फ़्रांसिस की हालत गंभीर, अब तक क्या-क्या हुआ?
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इमेज कैप्शन, वेटिकन का कहना है कि सोमवार को पोप फ़्रांसिस का श्ववसन तंत्र दो बार नाकाम हो गया था
निमोनिया से पीड़ित पोप फ़्रांसिस की
हालत गंभीर है लेकन वह होश में हैं.
वेटिकन की ओर से जारी बयान में कहा गया
है कि सोमवार को दो बार श्वसन तंत्र में दिक्कत आई थी, जिसके बाद उनके फेफड़ों में
से म्यूकस कफ़ निकाला गया है.
सांस लेने में मदद के लिए उन्हें
वेंटिलेटर पर रखा गया है और ऑक्सीजन मास्क लगाया गया है. हालांकि वेटिकन का कहना
है कि पोप सचेत हैं और सहयोग कर रहे हैं और उन्हें हाई फ़्लो ऑक्सीजन का सहारा
दिया गया है.
शुक्रवार को पोप फ़्रांसिस को सांस और
इससे जुड़ी दिक्कतें हुई थीं.
पोप फ़्रांसिस के दोनों फेफड़ों में
निमोनिया हो गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
88 साल के पोप पिछले एक सप्ताह से सांस
की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके
बाद उन्हें रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया.
डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि
उनके दोनों फेफड़ों में निमोनिया है और इसके लिए उन्हें ख़ास इलाज की ज़रूरत है.
उनका कहना है कि उन्हें बायलेटरल निमोनिया है.