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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने देश में फरवरी में होने वाले चुनावों से अपनी पार्टी अवामी लीग को बाहर रखने की कड़ी आलोचना की है.
सुमंत सिंह, सुरभि गुप्ता
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने देश में फरवरी में होने वाले चुनावों से अपनी पार्टी अवामी लीग को बाहर रखने की कड़ी आलोचना की है.
शेख़ हसीना ने कहा है कि इस कदम से "लाखों बांग्लादेशियों के वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है जो आने वाले चुनावों में वोट नहीं डाल पाएंगे."
शेख़ हसीना ने भारतीय न्यूज़ वेबसाइट ‘द प्रिंट’ को दिए एक इंटरव्यू में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की भी आलोचना की.
उन्होंने कहा, "इन हालात में हुए चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष या वैध नहीं माना जा सकता. मतदाताओं को अपनी पसंद की पार्टी चुनने की आज़ादी होनी चाहिए."
"उन्हें हिंसा या विनाश की धमकी देकर बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ) या जमात (जमात-ए-इस्लामी) के लिए घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने वालों की ओर से रोका या मजबूर नहीं किया जाना चाहिए."
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने जा रहे हैं.
शेख़ हसीना ने आगे कहा, "अंतरिम सरकार जानती है कि अगर हमें इन चुनावों में लड़ने की इजाज़त दी जाती, तो हमें भारी समर्थन मिलता. इसलिए हम पर बैन लगाया गया है."
"हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यूनुस को ख़ुद बांग्लादेश के लोगों से कभी एक भी वोट नहीं मिला है, फिर भी वो अपने ग़ैरक़ानूनी कामों को वैध बनाने के लिए हमारे देश के कानूनों को दोबारा लिख रहे हैं."
शेख़ हसीना ने कहा कि देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय राजनीतिक पार्टी पर प्रतिबंध लगाना सुधार नहीं है, "यह तानाशाही है जिसे बदलाव का नाम दिया गया है."

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नेपाली कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी प्रमुख गगन थापा को मार्च में होने वाले आगामी चुनावों के लिए आधिकारिक तौर पर पार्टी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है.
यह घोषणा ललितपुर ज़िले के सनेपा में पार्टी मुख्यालय में हुई नव-निर्वाचित केंद्रीय कार्य समिति की बैठक के दौरान की गई.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ नेपाली कांग्रेस के सूत्रों ने बताया है कि 49 वर्षीय थापा के नाम का प्रस्ताव उपाध्यक्ष बिश्व प्रकाश शर्मा ने रखा था और दूसरे उपाध्यक्ष पुष्पा भुसाल ने इसका समर्थन किया. इस प्रस्ताव को समिति ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी.
थापा इस महीने की शुरुआत में नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष चुने गए थे. उनके चुनाव के तुरंत बाद, शर्मा ने घोषणा की थी कि थापा पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे.
इससे पहले, काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बीच हुए समझौते के तहत 35 साल के बालेन शाह को पार्टी की तरफ़ से पीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया है.
जबकि पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को भी उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है.

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रायपुर में खेले जा रहे है दूसरे टी-20 मैच में न्यूज़ीलैंड ने टीम इंडिया के सामने 209 रन का लक्ष्य रखा है.
टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया था.
पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम ने छह विकेट के नुक़सान पर 208 रन बनाए. कप्तान मिचेल सैंटनर ने सबसे अधिक नाबाद 47 रन बनाए.
इससे पहले 21 जनवरी को नागपुर में खेले गए पहले टी-20 में टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड की टीम को 48 रन से हराया था.

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अफ़ग़ानिस्तान के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि भारी बर्फ़ीले तूफ़ान की वजह से कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है.
तालिबान सरकार का कहना है कि कई प्रांतों में लोगों की मौत हुई है, जहाँ बर्फ़बारी से हिमस्खलन हुआ, घर तबाह हो गए और सड़कें बंद हो गईं.

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ऐसी आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ प्रभावित इलाक़े, दूरदराज़ के हैं और वहाँ पहुँचना मुश्किल है.
ऐसे इलाक़ों के लोगों से संपर्क कट गया है. सालों के सूखे के बाद इस हफ़्ते अफ़ग़ानिस्तान में भारी बर्फ़बारी हुई है.

डॉलर के मुक़ाबले रुपये में गिरावट पर आज का कार्टून.

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने ईरान की स्थिति पर शुक्रवार को जिनेवा में एक इमरजेंसी मीटिंग की.
परिषद ने ईरान से अपील की है कि वे अपने 'क्रूर दमन' पर फिर से विचार करें, पीछे हटें और इसे ख़त्म करें.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा कि ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कार्रवाई में बच्चों सहित हज़ारों लोग मारे गए हैं.
उन्होंने कहा कि ईरान का तरीका लोगों की शिकायतों और निराशाओं को कभी दूर नहीं कर सकता.
वोल्कर टर्क ने एक्स पर पोस्ट किया, "...हत्याएं शायद कम हो गई हों, लेकिन दमन जारी है. इससे देश की कोई भी समस्या हल नहीं होती. मैं ईरान के शीर्ष नेतृत्व से अपील करता हूं कि वे बातचीत और सुधार शुरू करें, और अपने लोगों के अधिकारों और ज़रूरतों को सबसे आगे रखें."
ईरान में बढ़ती महंगाई और ख़राब अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हज़ारों प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.
वहीं ईरानी अधिकारियों ने अपने देश में अशांति और मौतों के लिए ''इसराइल और अमेरिका समर्थित दंगाइयों'' को ज़िम्मेदार ठहराया है.
- रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच होगी त्रिपक्षीय बातचीत. विशेषज्ञ से समझेंगे, क्या इस बैठक से निकलेगा शांति का रास्ता, क्या थमेगी जंग?
- ट्रंप के बनाए 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में कई मुल्कों समेत पाकिस्तान इसमें हो रहा शामिल, समझेंगे भारत ने क्यों नहीं लिया कोई फ़ैसला.
सुनिए दिनभर पूरा दिन, पूरी ख़बर.
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मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले के महू में दूषित पानी पीने से दो दर्ज़न से ज़्यादा लोगों के बीमार होने की जानकारी मिली है. लोगों को उलटी और दस्त की समस्या बताई जा रही है.
दूषित पानी पीने से बीमार नौ लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. कई मरीज़ अपने घर में ही इलाज करा रहे हैं.
महू से बीजेपी की विधायक उषा ठाकुर ने मरीज़ों से मुलाक़ात की. उषा ठाकुर ने बताया कि इस इलाक़े की समस्या यह है कि लोगों ने नाली में से नल के कनेक्शन ले रखे हैं.
उन्होंने कहा, "कैंट के सीईओ को कहा गया है कि वह नई लाइन भेजकर ऊपर से कनेक्शन करें. शुरुआती तौर पर ऐसा ही लग रहा है कि इसी कारण पानी अशुद्ध हुआ होगा, जिसका जड़ से समाधान किया जाएगा."
वहीं इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा गुरुवार देर रात महू पहुंचे और अस्पताल में भर्ती मरीज़ों से उनका हाल जाना.
शिवम वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों को जॉन्डिस की शिकायत हो रही है. उनके मुताबिक़ सबसे पहले प्रशासन की ओर से सभी के इलाज की व्यवस्था की गई.
उन्होंने बताया कि अभी छह बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है.

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इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा के मुताबिक़ क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से सर्वे शुरू किया गया है. इसमें ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्हें उलटी या दस्त की समस्या है.
शिवम वर्मा ने कहा कि कई मरीज़ों का इलाज अस्पताल में जारी है और शासन लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है.
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी मरीज़ों के लिए उचित इलाज मुहैया कराने और महू कैंट बोर्ड को पानी की जांच करने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं.
भागीरथपुरा में एक और मौत, अब तक 26 लोगों की जान गई
मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से शुक्रवार को एक और मौत हो गई.
63 साल के बद्री प्रसाद को उलटी और दस्त होने पर इंदौर के अरविंद अस्पताल में 17 जनवरी को भर्ती कराया गया था.
बताया जा रहा है कि बद्री प्रसाद को टीबी की बीमारी भी थी. बद्री प्रसाद की शुक्रवार को मृत्यु हो गई. इस तरह भागीरथपुरा क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 26 हो गई है. अब भी दूषित पानी पीने से बीमार 10 लोग अरविंद अस्पताल में भर्ती हैं.

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न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
यह मैच छत्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है.
भारत ने इस मैच में जसप्रीत बुमराह की जगह हर्षित राना को जगह दी है. इसके अलावा इंजरी के चलते अक्षर पटेल टीम से बाहर हैं. उनकी जगह कुलदीप यादव को टीम में लिया गया है.
टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "हमने दो बदलाव किए हैं: पिछले मैच में चोट लगने के बाद अक्षर बाहर हैं, और बुमराह को आराम दिया गया है. हर्षित और कुलदीप इस मैच के लिए हमारे ऑप्शन को मज़बूत करने के लिए प्लेइंग इलेवन में आए हैं."
टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन
सूर्य कुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेट कीपर), ईशान किशन (विकेट कीपर), हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, शिवम दूबे, हर्षित राना, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती
न्यूज़ीलैंड के प्लेइंग इलेवन
मिचेल सैंटनर (कप्तान), टिम साइफ़र्ट (विकेट कीपर), डेवन कॉन्वे (विकेट कीपर), रचिन रविंद्र, ग्लेन फ़िलिप्स, मार्क चैपमैन, डैरिल मिचेल, जैक फ़ॉक्स, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी, जेकब डफ़ी

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गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से ही शुरू हो जाएंगी. ये जानकारी दिल्ली मेट्रो के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दी गई है.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने एक्स पर पोस्ट किया, "गणतंत्र दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर जब पूरा राष्ट्र उत्साह के साथ आयोजनों में शामिल होगा, दिल्ली मेट्रो 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को अपनी सभी लाइनों पर सुबह 3:00 बजे से अपनी सेवाएं शुरू करेगी."
डीएमआरसी के मुताबिक़ यह विशेष व्यवस्था "कर्तव्य पथ तक लोगों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह देखने में सुविधा" देने के उद्देश्य से की गई है.
डीएमआरसी ने बताया, "यात्रियों की सुविधा के लिए, सुबह 6:00 बजे तक ट्रेनों का संचालन 15 मिनट के अंतराल पर किया जाएगा."
इसके अलावा, 26 जनवरी को मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.

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नेटो के यूरोपीय सहयोगियों को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों परब्रिटेन के नेताओं ने नाराज़गी जताई है.
ट्रंप ने क्या कहा था?
गुरुवार को फ़ॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें "पक्का नहीं पता" कि अगर अमेरिका को कभी ज़रूरत पड़ी तो यह मिलिट्री गठबंधन यानी नेटो उनके साथ होगा या नहीं.
उन्होंने कहा, "वे (नेटो सदस्य) कहेंगे कि उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे थे और उन्होंने भेजे भी थे, वे थोड़ा पीछे रहे, फ्रंट लाइन से थोड़ा दूर."
ब्रिटेन की प्रतिक्रिया
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री स्टीफ़न किनॉक ने ट्रंप की टिप्पणियों को "निराशाजनक" और "ग़लत" बताया.
उन्होंने कहा, "उनकी (ट्रंप की) टिप्पणियां हक़ीक़त से बिल्कुल मेल नहीं खातीं. ब्रिटिश सैनिकों और दूसरे यूरोपीय नेटो सहयोगियों के कई सैनिकों ने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमेरिकी अभियानों में अपनी जान दी है."
ब्रिटेन की विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने ट्रंप की टिप्पणियों को "पूरी तरह बकवास" कहा.
9/11 के हमलों के बाद नेटो के सामूहिक सुरक्षा नियम को लागू करने के बाद, साल 2001 से अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका का साथ देने वाले कई सहयोगियों में ब्रिटेन भी शामिल था. इस संघर्ष में 457 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई थी.
मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले के एक गांव में एक स्कूल बनने वाला था, लेकिन अब वहां बस टूटी हुई इमारत नज़र आती है, जिसे बुलडोज़र से ढहा दिया गया. आखिर ऐसा क्यों किया गया और इस कार्रवाई पर गांव के लोग और प्रशासन का क्या कहना है. देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट.
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अमेरिका आधिकारिक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ से अलग हो गया है. इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी को अपने सबसे बड़े डोनर्स में से एक खोना पड़ा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साल पहले इस फै़सले का संकेत देते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था. उस समय उन्होंने कोविड महामारी के दौरान संगठन पर 'चीन के पक्ष' में होने का आरोप लगाया था.
अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने कहा कि यह फै़सला डब्ल्यूएचओ की ओर से महामारी से निपटने में कथित 'गलत' प्रबंधन और सुधार करने में उसकीअसमर्थता के कारण लिया गया.
हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानॉम गेब्रियेसस ने कहा कि अमेरिका का अलग होना न सिर्फ़ अमेरिका के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए नुक़सान है.

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने जा रही त्रिपक्षीय बातचीत यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र की स्थिति पर केंद्रित होगी.
उन्होंने एक वॉइस मैसेज के ज़रिए पत्रकारों से कहा, "डोनबास का मुद्दा अहम है. इस पर चर्चा होगी, साथ ही तीनों पक्ष इसे कैसे देखते हैं, इस पर भी बात होगी."
अबू धाबी में होने वाली बातचीत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि युद्ध ख़त्म करने की दिशा में यह एक कदम है, लेकिन कुछ भी हो सकता है."
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने गुरुवार को दावोस में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ डोनबास पर चर्चा की थी.
उनके अनुसार, दोनों राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन के लिए "सुरक्षा गारंटी को अंतिम रूप दिया" और रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए यूक्रेन के लिए ज़रूरी अतिरिक्त एयर डिफ़ेंस मिसाइलों पर भी चर्चा की.
उन्होंने आगे कहा, "मुझे सकारात्मक नतीज़े की उम्मीद है."

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उत्तराखंड के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. राज्य के पाँच ज़िलों, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और देहरादून के ऊँचाई वाले इलाकों में भारी बर्फ़बारी जारी है.
वहीं देहरादून और हरिद्वार ज़िलों के कुछ क्षेत्रों में सुबह से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने पहले ही 23 जनवरी को राज्य में बारिश और बर्फ़बारी को लेकर चेतावनी जारी की थी.
विभाग के अनुसार, ऐसा मौसम 28 जनवरी तक बना रह सकता है.

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मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 जनवरी को देहरादून के पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ ज़िलों में बारिश और बर्फ़बारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के निदेशक डॉ. चंद्र सिंह तोमर ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि रात से ही शुरू हो गई थी.
उनके अनुसार, कुछ जगहों पर बारिश और बर्फ़बारी रिकॉर्ड की जा चुकी है और पूरे दिन इसके जारी रहने की संभावना है.

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डॉ. तोमर ने बताया कि ख़ासतौर पर 2300 मीटर या उससे अधिक ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फ़बारी की संभावना ज़्यादा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इसके अलावा अगले 24 घंटों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चलने के भी आसार हैं. मौसम विभाग के मुताबिक़ 25 और 26 जनवरी को भी प्रदेश में इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है.
वहीं एक और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 27 और 28 जनवरी को फिर से हल्की बारिश और बर्फ़बारी देखने को मिल सकती है. हालांकि, इस दौरान बर्फ़बारी मुख्य रूप से ढाई हज़ार मीटर से अधिक ऊँचाई वाले इलाक़ों तक सीमित रहने की संभावना है.

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बांग्लादेश के टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं आने की घोषणा पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "भारत में कभी भी सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं रही है. बाकी सभी टीमें खेल रही हैं. अगर वे नहीं आते हैं, तो यह बांग्लादेश और उनके देश के लिए बड़ा नुक़सान होगा. उन्हें आना चाहिए और खेलना चाहिए क्योंकि उनके मैच यहीं निर्धारित हैं."
मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने कहा, "सुरक्षा कारणों का बहाना बनाने या हम पर दोष डालने से काम नहीं चलेगा. अगर वे नहीं आते हैं, तो हो सकता है कि भविष्य में आईसीसी कोई कड़ा फ़ैसला या कार्रवाई करे, देखते हैं. हमारी तरफ़ से, हमारे पास अच्छी सुरक्षा है."

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर क़रीब से नज़र रखे हुए है. उन्होंने यह भी कहा कि एक बहुत बड़ी अमेरिकी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है.
'एयरफ़ोर्स वन' में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "एक बड़ी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है, लेकिन फ़िलहाल कुछ होता हुआ नहीं दिख रहा है, लेकिन हम उन पर बहुत क़रीब से नज़र रख रहे हैं."
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान में 837 लोगों की फांसी की सज़ा को रोका है. इनमें से ज़्यादातर युवा हैं.
उन्होंने कहा, "मैंने कहा था कि अगर आप उन लोगों को फांसी देते हो, तो आपके ख़िलाफ़ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई होगी. आपके परमाणु कार्यक्रम पर हमने जो किया था, वह इस कार्रवाई के आगे बहुत छोटा लगेगा."
"और उन्होंने सच में कहा कि उन्होंने इसे रद्द कर दिया है, टाला नहीं है, बल्कि रद्द कर दिया है. तो यह एक अच्छा संकेत था."
ट्रंप ने यह भी कहा, "हमारा एक बहुत बड़ा बेड़ा उस दिशा में बढ़ रहा है और शायद हमें उसका इस्तेमाल न करना पड़े, देखते हैं."
ईरान में बढ़ती महंगाई और ख़राब अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हज़ारों प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. कई प्रदर्शनकारियों को ईरान के प्रशासन ने गिरफ़्तार किया था.
पिछले हफ़्ते कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन प्रदर्शनकारियों को ईरान फांसी की सज़ा देने जा रहा है. बाद में, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान के प्रदर्शनकारियों को दी जाने वाली फांसी की सज़ा को रोक दिया है.
नमस्कार!
अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक मैं बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक ज़रूरी ख़बरें पहुंचाऊंगी.
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एल्गार परिषद-भीमा कोरेगाँव मामले में गिरफ़्तार रमेश गाइचोर और सागर गोरखे को ज़मानत दे दी है. इन दोनों को इस मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ़्तार किया गया था.
लाइव लॉ के मुताबिक़, जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की बेंच ने लंबी क़ैद को आधार मानते हुए उन्हें ज़मानत दी. जमानत से जुड़ा विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं है.
कबीर कला मंच से जुड़े गाइचोर और गोरखे को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 7 सितंबर 2020 को गिरफ़्तार किया था. दोनों को 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन के आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया था.
एनआईए के मुताबिक़, गाइचोर ने इस कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देकर हिंसा भड़काने और "नक्सली गतिविधियों और माओवादी विचारधारा के प्रचार" का काम किया.
गोरखे के मामले में अभियोजन पक्ष का दावा है कि उन्होंने सांस्कृतिक गीतों और नृत्य की अपनी प्रस्तुतियों के ज़रिए माओवादी विचारधारा का प्रचार किया और हिंसा भड़काने की कोशिश की.
लाइव लॉ के मुताबिक़, एनआईए ने शुरुआत में दोनों से अभियोजन पक्ष के गवाह बनने को कहा था. हालांकि जब दोनों ने सहयोग से इनकार किया, तो उन्हें ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां रोकथाम क़ानून यानी यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया गया.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, इससे पहले फ़रवरी 2022 में एनआईए की विशेष अदालत ने सागर गोरखे और रमेश गाइचोर समेत चार अभियुक्तों की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी.