अफ़ग़ानिस्तान में आईएस के कमांडर मारे गए

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चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के एक प्रमुख कमांडर अफ़ग़ानिस्तान में एक सैन्य अभियान में मारे गए हैं.
अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों ने साद एमाराती की मौत की पुष्टि की है.
एमाराती इस्लामिक स्टेट के अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान की शाखा के संस्थापक थे. उन्होंने तालिबान और सरकार के ख़िलाफ़ कई हमलों की अगुवाई की थी.
अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों ने कहा है, "कोट ज़िले में मारे गए 120 संदिग्ध आतंकियों में से एक वो भी थे."

एक दिन पहले ही काबुल में एक बम धमाके में 80 लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी.
एमाराती तालिबान कमांडर थे लेकिन तालिबान संस्थापक मुल्ला उमर की मौत के बाद वो इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गए थे.
एमाराती अफ़ग़ानिस्तान पाकिस्तान इलाक़े के पहले चरमपंथी कमांडर थे, जिन्होंने इस्लामिक स्टेट के नेता अबु-बकर अल-बग़दादी के प्रति वफ़ादारी की घोषणा की थी.
वो मध्य अफ़ग़ानिस्तान के लोगार प्रांत के पूर्व तालिबान कमांडर थे और वर्ष 2013 में अनाधिकृत गतिविधियों के कारण तालिबान नेतृत्व द्वारा निःशस्त्र किए जाने के बाद हाशिये पर चले गए थे.

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इसके बाद कुछ समय तक उन्होंने पाकिस्तानी तालिबान (टीपीपी) के साथ वक्त गुज़ारा.
12 जनवरी 2015 में वो एक वीडियो में टीपीपी के नौ पूर्व कमांडरों और दो अन्य अफ़ग़ान तालिबान कमांडरों के साथ दिखाई दिए थे. इसी वीडियो में उन्होंने आईएस के प्रति वफ़ादारी की घोषणा की थी.
दो सप्ताह बाद इस्लामिक स्टेट ने इस ग्रुप को घोरासान (अफ़ग़ानिस्तान और पड़ोसी पाकिस्तान के एक हिस्से का पुराना नाम) में अपनी नई शाखा क़रार दिया था.
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