पाक में कश्मीर हिंसा के ख़िलाफ़ 'ब्लैक डे'

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- Author, वसीम मुश्ताक़
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
पाकिस्तान भारत प्रशासित कश्मीर में जारी हिंसा के ख़िलाफ़ वहां के लोगों के साथ एकजुटता जाहिर करने के लिए बुधवार को ब्लैक डे मना रहा है.
स्थानीय टीवी चैनलों पर सुबह के अधिकांश बुलेटिन में देश भर में 'ब्लैक डे' मनाए जाने की ख़बर प्रमुखता से छाई रही.
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने भी इस मौके पर कश्मीरियों के साथ एकजुटता जाहिर की.
उन्होंने कहा, "हम कश्मीर के लोगों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ेंगे. सभी कूटनीतिक, राजनीतिक और मानवाधिकार मंचों पर हम उनके लिए लड़ेगें."

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नवाज़ शरीफ़ ने भारत प्रशासित कश्मीर में मीडिया पर लगाई गई पाबंदी की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत कश्मीरियों के दिल पर पाबंदी नहीं लगा सकता, उनकी आवाज को नहीं दबा सकता क्योंकि सोशल मीडिया अब उनकी आवाज बुलंद करने का कारगर हथियार बन चुका है.
शरीफ़ का ये बयान ऐसे वक़्त में आया है जब भारत प्रशासित कश्मीर में 8 जुलाई को हिज़्बुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत होने के बाद से कश्मीर में लगातार हिंसा और तनाव का माहौल है.

बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से अब तक सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 45 से अधिक लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
सरकार ने मंत्रालयों, विभागों और प्रांतीय सरकारों तक को ब्लैक डे मनाने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि वे भारत के 'अत्याचार' के ख़िलाफ प्रतिरोध दर्ज करें.
यही नहीं, सभी सरकारी अधिकारियों को बांह पर काली पट्टी बांधने को कहा गया है.
दोपहर की नमाज़ के बाद कश्मीरियों के लिए विशेष प्रार्थना भी रखी गई.

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कश्मीर मसले पर दुनिया भर का ध्यान आकर्षित करने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में जगह जगह जुलूस और कार्यक्रम भी रखे गए हैं.
इस बीच पाकिस्तान ट्विटर पर सुबह से #BlackDay ट्रेंड कर रहा है. यूजर्स ट्वीट के जरिए कश्मीरी 'भाइयों' के प्रति समर्थन और एकजुटता जाहिर कर रहे हैं.
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