उ. कोरिया के किम जोंग उन 'ब्लैकलिस्ट' हुए

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अमरीका ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप में पहली बार उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन पर पाबंदी लगाई है.
अमरीकी वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़ किम जोंग उन अपने देश में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं.
किम जोंग उम के अलावा उत्तर कोरिया के दस और अधिकारियों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है.
हालांकि अमरीका के इस बयान पर उत्तर कोरिया ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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किम जोंग उम और दस और अधिकारियों के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई का मतलब है कि अब अमरीका में यदि इन लोगों की कोई व्यक्तिगत संपत्ति है तो ज़ब्त कर ली जाएगी. वे किसी अमरीकी नागरिक या संस्था के साथ व्यापार नहीं कर पाएंगे.
वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया में अपने नागरिकों पर असहनीय क्रूरता की है और अत्याचार किए हैं. इसमें अन्यायपूर्ण हत्याएं, बेगार और यातना जैसे अपराध शामिल हैं."
मंत्रालय ने उत्तर कोरिया में हो रही गतिविधियों पर एक रिपोर्ट जारी की थी.
रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर कोरिया की जेलों में 80 हज़ार से एक लाख 20 हज़ार तक कैदी हैं. इन कैदियों को रोज यातनाएं दी जाती हैं, उनका यौन उत्पीड़न होता है और फांसी तक दे दी जाती है.
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