एनएसजी न सही, भारत बना एमटीसीआर का सदस्य

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भारत अब मिसाइल तकनीक नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल हो गया है.

भारत ने सोमवार को एमटीसीआर से जुड़े दस्तावज़ों पर हस्ताक्षर किए हैं. इस व्यवस्था में पहले से 34 देश सदस्य हैं और भारत इसका 35वां सदस्य बना है.

विदेश मंत्रायल से जारी बयान में कहा गया है कि ''भारत एमटीसीआर के सभी 34 देशों का धन्यवाद करता है कि उन्होंने भारत की भागेदारी का समर्थन किया.''

भारत की यह एंट्री ऐसे समय में हुई है जब पिछले दिनों न्यूकलियर सप्लायर्स ग्रुप में भारत को सदस्य नहीं बनाया गया था. एमटीसीआर में चीन सदस्य देश नहीं है.

एमटीसीआर, एनएसजी जैसा ही एक ग्रुप है जिसके तहत ये देश मिलकर सामान्य हथियारों, परमाणु हथियारों, जैविक और रासायनिक हथियारों और तकनीक पर नियंत्रण करते हैं.

एमटीसीआर का मुख्य उद्देश्य मिसाइलों, संपूर्ण राकेट प्रणालियों, मानवरहित विमानों और इससे जुड़ी तकनीक के प्रसार को रोकना है. इसके अलावा एमटीसीआर व्यापक जनसंहार के हथियारों के प्रसार को रोकने का भी काम करता है.

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