ब्रिटेन का ईयू से तलाक़: 6 ताज़ा घटनाक्रम

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ब्रिटेन के यूरोप से अलग होने के वोट के बाद ब्रिटेन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है.
ब्रिटेन के भीतर प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के अक्तूबर में इस्तीफ़े देने की घोषणा के बाद, लेबर पार्टी और स्कॉटलैंड की राजनीति में अलग तरह का भूचाल आ गया है.
उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरोपीय संघ के देशों के साथ-साथ चीन और अमरीका पूरे मामले में चिंता का इज़हार कर रहे हैं और ख़ासे सक्रिय हो गए हैं.
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1. ब्रितानी नेताओं को नतीजों के बारे में दोबारा सोचने दें: जर्मनी
जर्मन चंस्लर एंगेला मर्केल के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ पीटर एल्टमायर ने कहा है कि ब्रिटेन के राजनीतिक नेताओं को यूरोपीय संघ से अलग होने के परिणामों के बारे में दोबारा सोचने का मौका मिलना चाहिए. मर्केल के सहयोगी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ईयू से बाहर जाने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी को सब्र के साथ ब्रितानी नेताओं के इस बारे में रणनीति तय करने का इंतज़ार करना चाहिए.
(<link type="page"><caption> ब्रेक्सिट: ब्रिटेन के अलग होने के 8 कारण, पढ़ें</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2016/06/160624_brexit_reasons_skj" platform="highweb"/></link>)
2. लेबर पार्टी में घमासान

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के फैसले के बाद वहाँ की सबसे बड़ी विपक्षी लेबर पार्टी में घमासान मच गया है
पिछले कुछ घंटों में शैडो कैबिनेट के छह सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया है. कई और सदस्यों के इस्तीफ़ा देने की आशंका जताई जा रही है.
वे लेबर के नेता जेरेमी कोर्बिन से नाराज़ हैं. उनका आरोप है कि यूरोपीय संघ से देश के बाहर जाने को रोकने के लिए कार्बिन ने मजबूती से अभियान नहीं चलाया.
(<link type="page"><caption> पढ़ेंः'स्कॉटलैंड ब्रिटेन के फ़ैसले को वीटो कर सकता है'</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2016/06/160626_scotland_brexit_sturgeon_as" platform="highweb"/></link>)
शैडो विदेश मंत्री हिलेरी बेन को जेरेमी कोर्बिन के इस्तीफ़े की मांग करने के बाद बर्खास्त कर दिया गया है. लेबर पार्टी ने ब्रिटेन के ईयू में रहने का समर्थन किया था.
3. ‘यूरोप से अचानक अलग होने से भारी नुकसान’

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ब्रिटेन के विदेश मंत्री फिलिप हेमंड ने कहा है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने के फैसले से यूरोपीय देशों के बाजारों तक उसकी पहुंच घट जाएगी.
उनका कहना है कि इससे ब्रिटेन को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
यूरोपीय संघ में बने रहने का समर्थन करने वाले हेमंड का कहना है कि यदि ब्रिटेन दूसरे देशों से आकर बसने वालों पर पूरा नियंत्रण रखेगा तो यूरोपीय बाजार तक उसकी पहुंच को बनाए रखना असंभव हो जाएगा. प्रवासी मुद्दा यूरोपीय संघ को छोड़ने के अभियान में प्रमुख था.
(<link type="page"><caption> वीडियो में, ब्रेक्सिट: ब्रितानी भारतीय क्या चाहते हैं?</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/multimedia/2016/06/160622_eu_brexit_india_ms" platform="highweb"/></link>)
4. स्कॉटलैंड के लिए आज़ादी ही रास्ता: स्टर्जन

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स्कॉटलैंड की फ़र्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने बीबीसी से कहा है कि उनका मानना है कि 'ब्रिटेन के ईयू से बाहर आने के लिए स्कॉटलैंड की संसद को इस बारे में अपनी रज़ामंदी देनी होगी, लेकिन वो स्कॉटलैंड के सांसदों से कहेंगी कि वो मना कर दें और अपनी रज़ामंदी न दें.'
उन्होंने ये भी कहा कि ब्रिटेन के ईयू छोड़ने के फैसले के बाद अब आजादी के सवाल पर फिर से विचार करना स्कॉटलैंड के हितों की रक्षा का एक मात्र रास्ता हो सकता है.
स्कॉटलैंड ने ईयू में रहने के पक्ष में भारी मतदान किया था.
5. वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देर तक असर: चीन
चीन का कहना है कि ब्रिटेन के फैसले का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक बुरा असर दिखाई देगा.
(<link type="page"><caption> पढ़ेंः ब्रिटेन के यूरोप छोड़ने का भारत पर क्या होगा असर</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/06/160624_india_britain_exit_skj" platform="highweb"/></link>)

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चीनी वित्त मंत्री लू जिवेई ने कहा कि इसके क्या "परिणाम और नुकसान" होंगे वो अगले 10 सालों में सामने आ जाएंगे.
6. अमरीका देगा दख़ल, कैरी जाएंगे लंदन
अमरीकी ने कहा है कि उसके विदेश मंत्री जॉन कैरी ब्रेक्सिट जनमत संग्रह के बाद उपजे संकट में दखल देने के लिए लंदन जाएंगे.
यात्रा के दौरान वे पहले लंदन और फिर यूरोपीय संघ के मुख्यालय जाएंगे.
जनमत संग्रह के कुछ दिन पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक़ ओबामा ने ब्रिटेन के लोगों से ईयू में बने रहने की अपील की थी.
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