अब गुब्बारे से कर पाएंगे अंतरिक्ष की सैर

इमेज स्रोत, Getty

    • Author, डेविड रॉबसन
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर

छुट्टियों के दिन हैं. आप लोग सैर-सपाटे का, कहीं घूमते जाने का प्लान बना रहे होंगे. ऐसे में अंतरिक्ष की सैर के बारे में आपका क्या ख़याल है?

यूं तो बहुत सी कंपनियां अंतरिक्ष की सैर कराने का वादा कर रही हैं. मगर इनमें से एक स्पेनिश कंपनी के इरादे कुछ ख़ास हैं.

इस कंपनी का नाम है ज़ीरो 2 इनफ़िनिटी. इसके मालिक जोस मारियानो लोपेज़ अर्डियालेस हैं. अपने नाम की ही तरह उनके इरादे भी लंबे-चौड़े और ऊंचे हैं. वो ग़ुब्बारे की मदद से लोगों को अंतरिक्ष की सैर कराने का इरादा रखते हैं. इसके लिए उन्होंने 'ब्लून' नाम का एक यान बनाया है.

अगर, जोस का सपना साकार होता है तो आप ग़ुब्बारे पर सवार होकर अंतरिक्ष से धरती को निहार सकेंगे. इसके लिए आपको पहले एक गुंबदनुमा लॉन्चिंग पैड में जाना होगा. उसमें से आप 315 फुट लंबे ग़ुब्बारे में सवार कराए जाएंगे. इसकी मदद से आसमान में तैरते हुए आप क़रीब 36 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाए जाएंगे.

वहां से आप धरती का नज़ारा देख सकेंगे. हालांकि ये वर्जिन गैलेक्टिक जैसी कंपनियों के दावे से काफ़ी कम है, जो आपको धरती से 110 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाने का वादा कर रही हैं. फिर भी 36 किलोमीटर की ऊंचाई से भी आप धरती को अच्छे से देख सकेंगे.

जब आप उस ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे तो जोस का 'ब्लून' कुछ घंटों तक वहीं तैरता रहेगा. और आप उसमें मज़े से वोदका या कॉफी पीते हुए किसी तजुर्बेकार अंतरिक्ष यात्री से बातें कर सकेंगे, धरती का नज़ारा देख सकेंगे.

इमेज स्रोत, Getty

वहां से वापसी के लिए 'ब्लून' से कुछ हवा निकाली जाएगी. फिर एक पैराशूट की मदद से इसके वापस धरती पर आने की रफ़्तार कम की जाएगी. जब ये धरती पर पहुंचेगा तो आठ एयर बैग्स की मदद से इसे धरती पर उतारा जाएगा, ताकि आपको ज़रा सा भी झटका न लगे.

लेकिन, अभी ये सिर्फ़ योजना है. पुराने अंतरिक्ष यात्री कहते हैं कि इतनी ऊंचाई से धरती को देखने वालों को इससे प्यार हो जाएगा. वो धरती का ज़्यादा ख़याल रखेंगे.

वर्जिन गैलेक्टिक के स्पेसशिप के मुक़ाबले, 'ब्लून' के कई फ़ायदे हैं. इसमें आप ज़्यादा देर तक हवा में रहेंगे. जोस कहते हैं कि रॉकेट से अंतरिक्ष जाना किसी फ़िल्म का ट्रेलर देखना है. वहीं 'ब्लून' से अंतरिक्ष की सैर, पूरी फ़िल्म देखने जैसा है. फिर 'ब्लून' के इस्तेमाल से प्रदूषण भी नहीं होगा क्योंकि इसे चलाने के लिए ईंधन नहीं जलाया जाएगा.

बहुत से वैज्ञानिकों को जोस की योजना में दिलचस्पी है. हालांकि वो ये भी कहते हैं कि हीलियम गैस, बमुश्किल मिलती है. और इसे दोबारा बनाया भी नहीं जा सकता.

वैसे जोस कहते हैं कि उनका 'ब्लून' अंतरिक्ष की सैर कराने का दावा करने वाले दूसरे किसी भी दावेदार से मुक़ाबले में नहीं है. वो बस लोगों को अलग तरह का तजुर्बा देना चाहते हैं.

इमेज स्रोत, RadioCanada

अंतरिक्ष की सैर कराने का दावा करने वाले स्पेसएक्स प्रोजेक्ट से जुड़े फ्रेडरिक जेनेट, जोस की बात से इत्तेफ़ाक़ रखते हैं. वो कहते हैं कि जोस का 'ब्लून' प्रोजेक्ट लोगों के लिए अंतरिक्ष की सैर का एक और विकल्प है. इससे रॉकेट से अंतरिक्ष में जाने का लटके-झटके वाला तजुर्बा नहीं होगा. मगर कई लोग शांत माहौल में भी घूमता पसंद करते हैं. जोस का प्रोजेक्ट 'ब्लून' ऐसे ही लोगों के लिए है.

'ब्लून' की टेस्ट फ्लाइट के बाद जोस अब यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी और अमरीकी फ़ेडरल एविएशन एसोसिएशन की इजाज़त का इंतज़ार कर रहे हैं. उनका इरादा 29018 में अंतरिक्ष की पहली उड़ान का है. उन्होंने पहली उड़ान के लिए अपना स्पेससूट भी तैयार करा लिया है. जोस को उम्मीद है कि वो इसे जल्द ही इस्तेमाल कर पाएंगे.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20160516-how-balloons-may-take-us-into-space" platform="highweb"/></link> करें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ़्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)