इराक़: शिया प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का आदेश

इराक़ी प्रधानमंत्री हैदर-अल-अबादी

इमेज स्रोत, Reuters

इराक़ के प्रधानमंत्री हैदर-अल-अबादी ने शनिवार को देश की संसद में घुस कर सुरक्षाकर्मियों और सांसदों पर हमला करने वाले शिया प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा है कि जिन लोगों ने पुलिस पर 'हमला किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुंचाया, उन्हें गिरफ्तार किया जाए.'

बीबीसी संवाददाता अहमद मेहर के मुताबिक अमरीकी हमले और सद्दाम हुसैन के सत्ता के बेदख़ल किए जाने के बाद से ये इराक़ का सबसे गंभीर राजनीतिक संकट है.

इराक़ प्रदर्शनकारी

इमेज स्रोत, AP

देश की राजधानी बगदाद में संसद के बाहर ग्रीन ज़ोन में अभी भी <link type="page"><caption> सैंकड़ों प्रदर्शनकारी</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/international/2016/04/160430_iraq_shia_storm_parliament_pkp" platform="highweb"/></link> बैठे हुए हैं. शनिवार को हुए प्रदर्शनों के बाद बग़दाद में इमरजेंसी लगा दी गई थी.

इनमें से अधिकतर प्रदर्शनकारी शिया मौलवी मुक़्तदा अल सद्र समर्थक हैं.

इराक़ प्रदर्शनकारी

इमेज स्रोत, EPA

बड़े पैमाने पर हो रहे कथित भ्रष्टाचार का मुकाबला करने के लिए राजनीतिक सुधारों को संसद की मंज़ूरी न मिलने से ये प्रदर्शनकारी नाराज़ हैं.

मौलवी मुक़्तदा अल सद्र के समर्थक पिछले एक हफ़्ते से चल रहे <link type="page"><caption> विरोध प्रदर्शन</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/multimedia/2016/04/160428_iraq_dunia_sf" platform="highweb"/></link> के दौरान शनिवार को पहली बार ग्रीन ज़ोन, दूतावासों और सरकारी इमारतों में घुसे थे.

इराक़ प्रदर्शनकारी

इमेज स्रोत, AP

मुक़्तदा अल सद्र चाहते हैं कि प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह निष्पक्ष, किसी भी गुट से संबंध न रखने वाले तकनीकविदों को मंत्रिमंडल में शामिल करें. इस मांग को मौजूदा पार्टियों ने मानने से इनकार कर दिया है.

इराक़ प्रदर्शनकारी

इमेज स्रोत, AFP

इराक़ी शिया मौलवी <link type="page"><caption> मोक़्तदा सद्र</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/01/110105_muqtada_sadr_return_ak" platform="highweb"/></link> अमरीका विरोधी रहे हैं और उन्होंने मेहदी सेना के नाम से अपना अलग लश्कर बनाया थी. 2003 में इराक़ पर अमरीका की अगुआई में हुए हमले के बाद से मेहदी सेना की अमरीकी और इराक़ी सेनाओं के साथ कई बार झड़प हुई थी.

इसके बाद साल 2007-2008 के क़रीब तीन साल वे निर्वासन में ईरान में रहे और 2011 में इराक़ी शहर नजफ़ लौट आए थे.

उधर इस सब से अलग दक्षिणी इराक़ में हुए दो कार बम धमाकों में 28 लोग मारे गए हैं और 35 घायल हुए हैं. एक धमाका प्रांतीय सरकार की इमारत में हुआ और दूसरा एक सब स्टेशन में हुआ.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)