'1500 के शिविर में 14 हज़ार लोग'

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मैसेडोनिया ने कहा है कि वो अपनी सीमा से प्रवासियों को ग्रीस में नहीं घुसने देगा. इसका मतलब होगा कि उत्तरी यूरोप में शरण चाहने वाले लोगों के लिए मुख्य मार्ग बंद हो जाएगा. इससे क़रीब 14 हज़ार लोग प्रभावित होंगे, जिनमें ज़्यादातर सीरिया, इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के हैं और ग्रीस की ओर मौजूद हैं.
उधर, आयडोमेनी शिविर में मौजूद डॉक्टरों ने कहा है कि यहां फंसे लोग सेहत से जुड़ी कई तरह की बीमारियों का शिकार हैं. आयडोमेनी में मेडिकल चैरिटी मेडिसिन सैन फ्रंटियर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि कई बच्चे फेफड़े से जुड़ी बीमारी झेल रहे हैं जो शिविर में रहने की वजह से पैदा हुई हैं.

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उनका कहना था, ''कल फिर से हमारे क्लीनिक में एक दो साल की बच्ची लाई गई जिसे सांस लेने में काफ़ी तकलीफ़ हो रही थी. हमारे हिसाब से यहां कई बच्चे इस तरह की दिक़्क़तों का सामना कर रहे हैं क्योंकि यहां काफ़ी सीलन और धुआं है. इससे उनके फेफड़ों को गंभीर नुक़सान पहुँचेगा.''
रेंडर्स का कहना था कि माँओं को बच्चे की पैदाइश के बाद अपने नवजात बच्चों के साथ शिविर में ही रहना पड़ रहा है.

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वह कहते हैं, ''हम महिलाओं को अस्पताल भेज रहे हैं. हमने उन्हें एक एंबुलेंस भी देने की मांग की है. हमने उन्हें बच्चों को जन्म देने के लिए पूरी मेडिकल सुविधाएं देने को कहा लेकिन वो अपने उन नवजात बच्चों के साथ वापस लौट आईं जो अभी सिर्फ़ दो-चार दिन के हैं.''
एक सीरियाई प्रवासी महमूद हसन ने कहा कि शिविरों में बुरी तरह भीड़ होने की वजह से रहना मुश्किल हो रहा है और वहां रहने वालों की तबीयत बिगड़ रही है.

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महमूद के मुताबिक़, ''ये भयानक है और असहनीय है. वो मेरे देश पर हमला कर रहे हैं और अपनी सीमाएं बंद कर रहे हैं. हम कहां जाएं. अगर कुछ भी कर सकते हैं तो कृपया हमारी मदद करें. हालात बेहद ख़तरनाक हैं. यहां टॉयलेट न होने की वजह से लोगों को बीमारियां हो रही हैं. क्योंकि यहां बहुत से लोग हैं. यह शिविर 14 हज़ार लोगों के लिए नहीं है. यह सिर्फ़ 15 सौ लोगों के रहने के लिए है.''
सीमाएं बंद होने की वजह से कहीं जाने में असमर्थ प्रवासियों में बेहद निराशा है. उनमें से कुछ ने आयडोमेनी में सीमाएं खोलने की मांग की और इसके लिए जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल से मांग की.

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यूरोप में प्रवासी संकट से जूझ रहे मेसेडोनिया ने कहा है कि वो ग्रीस से लगी अपनी सीमा से और प्रवासियों को अंदर नहीं घुसने देगा.
मेसेडोनिया ने कहा है कि उसने उत्तरी बाल्कन रास्ते को बंद कर दिया है. मैसेडोनिया ने ये फ़ैसला स्लोवेनिया के अपनी सीमा पर अंकुश लगाने के बाद उठाया है.
इससे पहले क्रोशिया और सर्बिया भी अपनी सीमाओं को बंद कर चुके हैं.
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