ईरान: सुधारवादियों का प्रदर्शन बेहतर

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ईरान में संसदीय चुनावों और 'एसेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स' चुनावों के शुरुआती नतीजों में सुधारवादी जीत की ओर बढ़ रहे हैं.
290 सीटों वाली संसद और 88 सीटों वाली 'एसेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स' के लिए शुक्रवार को चुनाव हुए थे.
राजधानी तेहरान में तो सुधारवादी सभी 30 सीटें जीतने की ओर अग्रसर हैं.
राष्ट्रपति हसन रूहानी और पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी 'एसेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स' के चुनाव में आगे चल रहे हैं.

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'एसेम्बली ऑफ़ एक्सपर्ट्स' जिसे फ़ारसी में 'मजलिस-ए-ख़ोबरेगान' कहा जाता है, धार्मिक नेताओं का सदन है जो देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता की नियुक्ति करता है.
ये सदन आठ सालों के लिए चुना जाता है इसलिए ईरान की राजनीति में इसका प्रभाव संसद से ज़्यादा होता है.
दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ परमाणु समझौते के बाद ईरान में यह पहला चुनाव है.

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इसके नतीजे 2017 में रूहानी के दोबारा राष्ट्रपति बनने को कोशिशों को प्रभावित कर सकते हैं.
गार्डियन काउंसिल अयातुल्लाह ख़ामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी जो 76 साल के हो चुके हैं और बीमार रहते हैं.
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