शादी का झंझट, ना बाबा ना

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- Author, जूही चक्रवर्ती
- पदनाम, बीबीसी कैपिटल
हमारे देश में किसी लड़की का बिना शादी किए, अकेले रहना, अच्छा नहीं माना जाता. ये सिर्फ़ हिंदुस्तान की सोच नहीं. कई और देश भी हैं जहां ख़ुदमुख़्तार महिलाएं, समाज की आंखों में चुभती हैं. लोग तरह-तरह की बातें बनाते हैं, सवाल उठाते हैं, अफ़वाहें भी फैलाते हैं.
ऐसा ही देश है दक्षिण कोरिया, जहां की महिलाएं परंपरागत सोच के दायरे से बाहर आ रही हैं.
दक्षिण कोरिया में इन दिनों नया चलन चल पड़ा है. अविवाहित महिलाओं का दुल्हन वाला फ़ोटो-शूट कराने का.
दक्षिण कोरिया में आम-तौर पर लड़कियां 24 की उम्र तक शादी कर लेती हैं, जो नहीं करतीं, वो समाज की दकियानूसी सोच के निशाने पर आ जाती हैं.
मगर अब वहां सूरते-हाल बदल रहे हैं. राजधानी सोल को ही लीजिए. 1990 से 2010 के बीच में शहर में कुंआरों की तादाद दोगुनी हो गई है. 1990 में जहां लड़कों की शादी करने की औसत उम्र 27 साल थी, वो 2010 के आते-आते 33 बरस हो गई थी.
इसी दौरान लड़कियों की शादी करने की औसत उम्र 24 से 30 बरस हो गई. इसी तरह 1990 में दक्षिण कोरिया में जहां केवल 10 फ़ीसदी वयस्क शादीशुदा नहीं थे, वहीं अगले बीस सालों में ये तादाद 40 फ़ीसदी जा पहुंची. दक्षिण कोरिया जैसी परंपरागत सोसाइटी में ये बहुत बड़ा बदलाव है.

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आज दक्षिण कोरिया में महिलाएं अपनी पढ़ाई और करियर पर ज़्यादा ध्यान दे रही हैं. इसके लिए ज़्यादातर लड़कियां शादी करने में देर कर रही हैं. कुछ तो शादी कर ही नहीं रही हैं.
मगर, शादी से पहले दुल्हन के शानदार फ़ोटो-शूट का क्रेज़ अभी उसी तरह यहां बरक़रार है. ड्राइंग रूम्स में इसे सबसे पसंदीदा आर्ट की जगह अब भी हासिल है. नामी फ़ोटोग्राफ़र्स की इस ब्राइडल फ़ोटो-शूट के लिए.
सियोल के चू संगयान ऐसे ही ब्राइडल फ़ोटोग्राफ़र हैं. जिनकी लड़कियों के बीच काफ़ी डिमांड है, जो बिना दूल्हे के, दुल्हन वाला फ़ोटो-शूट करते हैं.
संगयान कहते हैं कि अभी तो वो सिर्फ़ स्टूडियो में ऐसे शूट करते हैं. मगर जल्द ही आउटडोर ब्राइडल शूट भी करने की सोच रहे हैं. वो बताते हैं कि अकेले रहने वाली लड़कियों के बीच ये दुल्हन के लिबास में फ़ोटो-शूट की काफ़ी डिमांड है.
ऐसे फ़ोटो-शूट का ख़र्च आमतौर पर पांच सौ अमरीकी डॉलर के आस-पास बैठता है. ब्राइडल फ़ोटो-शूट करने वाले, मेक-अप और किराए पर दुल्हन वाला गाउन भी मुहैया कराते हैं. ये किसी परंपरागत कोरियाई शादी में होने वाले ख़र्च से काफ़ी कम है.

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बिना शादी के ब्राइडल शूट कराने वाली लड़कियों के अपने तर्क हैं. ऐसी ही एक कामकाजी युवती शिन जिनयोन कहती हैं कि वो अपने बाद के दिनों के लिए यादगार के तौर पर ये शूट करा रही हैं. क्योंकि दुल्हन का लिबास, एक उम्र तक ही फ़बता है.
भले ही लड़कियां अब अकेले रहने पर ज़ोर दे रही हैं, मगर दक्षिण कोरियाई समाज में अब भी ये बेहद मुश्किल है.
ऐसी लड़कियों का हौसला बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए काम करने वाली कई एक्टिविस्ट आगे आ रही हैं.
ऐसी ही एक्टिविस्ट हैं ली युना. युना ने अकेले रहने का फ़ैसला करने वाली लड़कियों के लिए तो एक गाइडबुक तक लिख डाली है, प्लान बी. जिसमें उन्होंने समाज के तानों से बचने के नुस्खे लिखाए हैं.
वो सिंगल वुमेन के लिए नये लफ़्ज़ का चलन बढ़ाने पर भी ज़ोर दे रही हैं. वो चाहती हैं कि लोग ऐसी युवतियों को बिहॉन यानी ग़ैरशादीशुदा कहें. न कि, मिहान यानी अब तक शादी न करने वाली.

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युना कहती हैं कि लड़कियां अक्सर अपनी ज़िंदगी के बड़े फ़ैसले समाज के दबाव में करती हैं. अब ऐसी लड़कियों का हौसला बढ़ाने की ज़रूरत है, ताकि वो डर से नहीं, खुले दिमाग़ से अपनी ज़िंदगी के फ़ैसले लें.
इसके लिए युना, ऐसे लड़कियों को इकट्ठा करके पार्टी करती हैं. जहां उनके अकेले रहने के फ़ैसले को सराहा जाता है. उनका सम्मान किया जाता है. सब सिंगल लड़कियां मिलकर वादा करती हैं कि वो भविष्य में भी ऐसे ही ख़ुदमुख़्तार रहेंगी.
ली कहती हैं कि अविवाहित लड़कियों के लिए समाज में सम्मानजनक जगह बने, इसके लिए ज़रूरी है कि उनका साथ दिया जाए. उनके फ़ैसले को सराहा जाए, और ज़रूरत पड़ने पर मदद भी की जाए.
ली का मानना है कि महिलाओं के मामले में सोसाइटी की सोच दकियानूसी है. आज महिलाएं, मर्दों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. उनकी तरह बाहर काम कर रही हैं. फिर भी उनसे ही घर के सारे काम करने की उम्मीद की जाती है.

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अगर बच्चे होते हैं तो औरतों से ही ये उम्मीद होती है कि वो अपनी नौकरी, अपना करियर छोड़कर, बच्चे को संभालें. यही वजह है कि करियर पर फ़ोकस करने वाली लड़कियां शादी के झंझट से बचना चाहती हैं.
ऐसा नहीं कि दक्षिण कोरियाई समाज में शादी का चलन सिर्फ़ कामकाजी महिलाओं की वजह से घट रहा है.
इसकी बड़ी वजह, वहां शादियों का भारी-भरकम ख़र्च भी है. जिसमें सिर्फ़ शादी का समारोह ही नहीं, हनीमून, पहला मकान, जैसे ख़र्च भी शामिल हैं. ये सब ख़र्च मर्दों की ज़िम्मेदारी होते हैं.
यही वजह है कि आज कोरियाई युवा शादी के झंझट से दूर रहना चाहते हैं.
(अंग्रेज़ी में मूल लेख <link type="page"><caption> यहाँ पढ़ें</caption><url href="http://www.bbc.com/capital/story/20151218-south-koreas-next-generation-is-shunning-marriage" platform="highweb"/></link>, जो <link type="page"><caption> बीबीसी कैपिटल</caption><url href="http://www.bbc.com/capital" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.)
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