'पेरिस के बाद सीरिया संकट सुलझाना ज़रूरी '

जी 20 सम्मेलन

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तुर्की में हो रहे जी 20 देशों के शिखर सम्मेलन में पेरिस हमले, सीरियाई संकट और यूरोप के प्रवासी संकट के मुद्दे मुख्य रूप से छाए हुए हैं.

जी-20 सम्मेलन की शुरुआत पेरिस हमले और अंकारा में पिछले महीने हुए धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट मौन के साथ हुई.

तुर्की के एंटाल्या शहर में दुनिया की आर्थिक शक्तियों के नेताओं ने पेरिस हमलों की निंदा की है.

पेरिस में शुक्रवार की रात को सिलसिलेवार आत्मघाती हमलों और बम धमाकों में कम से कम 129 लोग मारे गए थे.

ओबामा और पुतिन

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एंटाल्या पहुंचे अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीरिया के संकट पर चर्चा हुई.

व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक ओबामा और पुतिन इस पर सहमत हुए हैं कि पेरिस हमलों से सीरियाई संकट जल्द सुलझाना ज़रूरी हो गया है.

बैठक से पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि एक विकृत विचारधारा के आधार पर लोगों की हत्याएं, सभ्य समाज पर हमला हैं.

तुर्की में जी 20 सम्मेलन

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वहीं, यूरोपियन काउन्सिल के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क ने कहा कि सीरिया में रूसी हमलों की वजह से सीरिया से यूरोप आने वाले शरणार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

बान की मून

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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने जी-20 देशों की बैठक से पहले पेरिस हमलों के संदर्भ में कहा,''हमलावरों को तगड़ा जवाब दिया जाना चाहिए लेकिन मानवाधिकार और कानून के दायरे में रहते हुए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम उसी आग को हवा देंगे जिसे बुझाने की कोशिश कर रहे हैं.''

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