हमले में 'जिहादी जॉन' के मारे जाने की संभावना

इमेज स्रोत,
अमरीकी फौज ने 'जिहादी जॉन' नाम से पहचाने जाने वाले ब्रितानी चरमपंथी पर सीरिया में ड्रोन से हमला किया है.
कुवैती मूल के ब्रितानी चरमपंथी 'जिहादी जॉन' यानि मोहम्मद एमवाज़ी को इस्लामिक स्टेट के वीडियो में पश्चिमी बंधकों का सिर कलम करते हुए दिखाया गया था.
अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि रक्का में गुरुवार को हुए हमले में उसके मारे जान की 'संभावना बहुत ज़्यादा' है.
ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि एमवाज़ी को निशाना बनाना, 'एक सही कदम' था. ब्रितानी विदेश मंत्री फ़िलिप हेमंड ने कहा कि "हमें विश्वास है कि हमला सफल रहा."

इमेज स्रोत, AP
माना रहा है कि जिस वाहन पर हमला किया गया उसमें एक व्यक्ति और था.
डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर बोलते हुए कैमरन ने कहा कि यह साफ़ नहीं है कि हमला सफल रहा या नहीं लेकिन ब्रिटेन एमवाज़ी को मार गिराने के लिए 'वस्तुतः चौबीसों घंटे' अमरीका के साथ मिलकर काम कर रहा है.
उन्होंने कहा कि यह हमला इस्लामिक स्टेट (आईएस) 'के दिल पर हमला' होगा और ब्रिटेन को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों के लिए सबक होगा कि "हमारी पहुंच बहुत दूर तक है, हमारा निश्चय अटल है और हम कभी अपने नागरिकों को भूलते नहीं हैं."

इमेज स्रोत, AFP
उन्होंने एमवाज़ी को दुनिया भर के लोगों के लिए, विशेषकर सीरिया और ब्रिटेन में, एक 'गंभीर और मौजूदा ख़तरा' बताया.
एमवाज़ी सबसे पहले पिछले साल अगस्त में जारी हुए एक वीडियो में अमरीकी पत्रकार जेम्स फ़ोली की हत्या करते देखे गए थे.
उन्हें बाद में जारी वीडियो में अमरीकी पत्रकार स्टीवन सोटलॉफ़, डेविड हेन्स, ब्रिटेन के ही टैक्सी ड्राइवर एलन हैनिंग और अमरीकी सहायताकर्मी अब्दुल रहमान कासिग का सिर क़लम करते देखा गया था.
इस ख़बर के प्रकाशित होने के बाद स्टीवन सोटलॉफ़ के माता-पिता आर्ट और शिर्ले सोटलॉफ़ ने कहा, "इस बात से अब कोई फ़र्क नहीं पड़ता, अब बहुत देर हो गई है."
"महत्वपूर्ण यह है कि आज हमें स्टीवन की शानदार ज़िंदगी, और उसके साथ ही जेम्स फ़ोली, अब्दुल-रहमान, पीटर कासिग, कायला म्युलेर, डेविड हेन्स, एलन हेनिंग, केंजी गोटो और बाकी सभी के योगदान की याद आती है जो आईएसआईएस के हाथों मारे गए हैं."

इमेज स्रोत, AP
कथित तौर पर यह भी सामने आया है कि वे 2006 में सोमालिया जाकर चरमपंथी समूह अल-शबाब के लिए सुविधाएं और धन जुटाने वाले नेटवर्क से जुड़े थे.
माना जाता है कि एमवाजी साल 2013 में सीरिया आए और फिर इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गए.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












