अपोलो मिशन से जुड़ी 10 ऐतिहासिक तस्वीरें

इमेज स्रोत, Nasa Flickr

    • Author, स्टीफ़न डाउलिंग
    • पदनाम, बीबीसी फ़्यूचर

इस साल अक्तूबर में नासा ने अपोलो मिशन से जुड़ी तस्वीरों को फोटो शेयरिंग साइट फ्लिकर पर जारी किया. इन तस्वीरों से अंतरिक्ष खोज के लिहाज से इस महत्वपूर्ण मिशन के कुछ महत्वपूर्व पलों की जानकारी मिलती है.

इन तस्वीरों में चंद्रमा की सतह से पृथ्वी को देखने के साथ-साथ और चंद्रमा पर कदम रखने वाले अंतरिक्ष यात्री बज़ आल्ड्रिन की तस्वीरें शामिल हैं. इनमें से 10 ख़ास तस्वीरें <link type="page"><caption> बीबीसी फ्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> ने पेश की हैं.

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इन दिनों अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में छह-छह महीने तक समय बिता रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है वैज्ञानिक का बीते 50 सालों का अंतरिक्ष यानों का अनुभव. इस इतिहास में अपोलो मिशन की अहम भूमिका रही है. इस तस्वीर में 1972 के अपोलो 17 मिशन के अंतरिक्ष यात्री रोनाल्ड इवांस अपने दांतों और मुंह को साफ कर रहे हैं.

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पहले मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री ऑरबिट में ज़्यादा से ज़्यादा एक दिन का समय बिताते थे. अपोलो मिशन 17 के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने साढ़े 12 दिन यान में बिताए. ऐसे में उन्हें साफ सफाई का ज़्यादा ख़्याल रखना पड़ा. वैसे अपोलो 11 के अंतरिक्ष यात्री पहली बार अंतरिक्ष में रेज़र और शेविंग फ़ोम (ओल्ड स्पाइस) लेकर गए थे.

अपोलो मिशन के दौरान अंतरिक्ष में ज्यादा समय तक टिकने की कोशिश के चलते भोजन और पानी की जरूरत ज्यादा महसूस होने लगी. तीन यात्रियों के होने से भोजन और पानी की व्यवस्था भी अधिक करनी पड़ी. अंतरिक्ष यान में ईंधन बनाने के लिए बैटरी मौजूद थी जिससे बिजली बनाने के दौरान बाइ-प्रोडक्ट के रूप में पानी मिलता था.

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इसमें से कुछ पानी को ठंडा किया जाता था, जिसका इस्तेमाल पीने के लिए होता था और कुछ गर्म पानी का इस्तेमाल भोजन बनाने के लिए होता था. बुध ग्रह से जुड़े मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को केवल ठंडा भोजन खाना पड़ा था, क्योंकि अंतरिक्ष यान में गर्म पानी की व्यवस्था नहीं थी.

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अंतरिक्ष यात्रियों को टुथपेस्ट जैसी ट्यूब में भोजन खाने को मिलता था जिसे वो स्ट्रॉ से खाते थे. वो ऐसा भोजन था जिसे अंतरिक्ष में खाना और पचाना संभव था. अपोलो मिशन के शुरू होने के बाद फूड टेक्नालॉजी में हुए नए शोध के कारण जमा हुआ भोजन मिलने लगा था, जिसे आप पानी में मिलाकर खा सकते थे. ऐसा भोजन आपको तस्वीर में दिख रहा है. 1968 में क्रिसमस की संध्या में अपोलो 8 मिशन के दौरान टर्की का मांस ग्रेवी और क्रेनबेरी सॉस के साथ खाने को दिया गया था, जिसे वे चम्मच के साथ खा सकते थे.

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अपोलो के कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को इस बात की शिकायत रही है कि मिशन के दौरान सोना असंभव सा था. इसकी वजह सिस्टम की आवाजें और रोशनी रही हैं. अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में प्रति 90 मिनट के दौरान ही सूर्योदय का सामना करना पड़ता था. ऐसे में अंतरिक्ष यात्री कुछ इस तरह से ही सोते थे.

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अपोलो का सबसे लंबा अभियान अपोलो 17 रहा था. दिसंबर 1972 में कमांडर इयूगेन केरनान और कमांडर मॉड्यूल पायल रोनाल्ड इवांस और पायलट हैरिसन श्मिट ने अंतरिक्ष में 12 दिन और 13 घंटे बिताए थे.

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गुरुत्व बल के नहीं होने के चलते, अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों को कुछ इस अंदाज में फोटो खिंचाने का मौका मिल गया. अपोलो 17 के केरनान और रोनाल्ड इवांस की ये तस्वीर है.

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नासा ने फ्लिकर पर 12 हज़ार तस्वीरों को अपलोड किया है, इनमें कई चंद्रमा की सतह के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए काम आएंगी. तस्वीरों में अपोलो 7 अभियान के डॉन एफ़ ईसेल कैमरे के सामने दिख रहे हैं.

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नासा के संग्रह मे ये सबसे आयकॉनिक तस्वीर है. बज़ आल्ड्रिन ने अपोलो 11 अभियान में शामिल नील आर्मस्ट्रांग की ये तस्वीर तब खिंची थी जब वे चंद्रमा की सतह पर कदम रखने के बाद लौटे थे. चंद्रमा की सतह पर पहला कदम रखने वाले आर्मस्ट्रांग के चेहरे पर इतिहास बनाने का उत्साह साफ़ झलक रहा है.

<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/future/story/20151008-the-everyday-acts-of-apollo-astronauts" platform="highweb"/></link> यहां पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी फ़्यूचर</caption><url href="http://www.bbc.com/future" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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