अमरीका ने सीरियाई बाग़ियों को हथियार दिए

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अमरीका ने पूर्वोत्तर सीरिया में इस्लामिक स्टेट से लड़ रहे विद्रोहियों के लिए 45 टन से ज़्यादा हथियार और गोला-बारूद गिराए हैं.
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है और बताया है कि लड़ाकू विमानों की निगरानी में सी-17 विमानों ने सीरिया के हसाकेह प्रांत में ये हथियार गिराए हैं.
इनमें गोला-बारूद के अलावा छोटे हथियार और ग्रेनेड भी शामिल हैं.
कुछ ही दिनों पहले अमरीका ने आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई कर रहे विद्रोहियों को प्रशिक्षित करने की अपनी 50 करोड़ डॉलर की योजना को छोड़ने का फ़ैसला किया था.
इसके बदले इस राशि का इस्तेमाल विद्रोही गुटों के कमांडरों को हथियार मुहैया कराने में होगा.
साझा अभियान
पेंटागन का कहना है कि हथियारों से भरे 100 से ज़्यादा बक्से हसाकेह प्रांत में गिराए गए हैं और ये सब सुरक्षित विद्रोहियों तक पहुँच गए हैं.

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ये भी बताया गया है कि ये हथियार सीरियाई अरब ग्रुप के लिए थे, जिनके नेताओं की जाँच-पड़ताल की गई है और आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई में इन नेताओं को अमरीका का समर्थन हासिल है.
ऐसे ही एक ग्रुप राक्का रिवोल्यूशनरी फ़्रंट के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उनसे कहा गया है कि ये हथियार आईएस के मज़बूत गढ़ माने जाने वाले राक्का प्रांत में कुर्दिश पॉपुलर प्रोटेक्शन यूनिट्स के साथ मिलकर संयुक्त अभियान शुरू करने के लिए दिए गए हैं.
इन ग्रुपों ने अमरीकी हवाई हमले की सहायता से उत्तरी सीरिया के बड़े हिस्से से आईएस को भगाया है.
अब हसाकेह प्रांत के ज़्यादातर हिस्सों पर इन ग्रुपों का नियंत्रण है. प्रांत की राजधानी में सीरियाई सरकार की भी उपस्थिति है.
हमले तेज़

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इस बीच पश्चिमोत्तर सीरिया में रूसी जेट विमानों ने विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला तेज़ कर दिया है.
रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि हमा, होम्स, लताकिया और इदलीब प्रांत में इस्लामिक स्टेट के 53 ठिकानों पर बमबारी की गई है.
वर्ष 2011 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के ख़िलाफ़ शुरू हुए विद्रोह के बाद से ढाई लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. जबकि एक करोड़ 15 लाख लोगों को अपना घरबार छोड़ना पड़ा है.
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