रूसी हमलों से आईएस होगा मज़बूत: ओबामा

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रूस ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के विपक्षियों पर हवाई हमले तेज़ कर दिए हैं.
रूस ने कहा कि वो गुरुवार से ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी संगठन के 12 ठिकानों पर 18 हमले कर चुका है.
आईएस के गढ़ माने जाने वाले रक्का के साथ-साथ एलेप्पो पर हमले किए गए लेकिन साथ ही हामा और इदलिब पर भी हमले किए गए जहां आईएस की अधिक पकड़ नहीं है.
उधर अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि रूसी हमले सीरिया को संकट के हल से और भी दूर ले जाएँगे और इससे आईएस को ही बल रहा है.
ओबामा ने कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति को आगाह किया था कि इस्लामिक स्टेट गुट को निशाना बनाने के बजाए सीरियाई राष्ट्रपति के विरोधी गुटों पर हमले करने से संकट और बढ़ेगा.
उन्होंने कहा, "ये सही है कि रूस और अमरीका दोनों का हित है कि आईएस को नष्ट किया जाए. ये स्पष्ट है कि पुतिन आईएस और उदारवादी सुन्नी विरोधी गुटों में फ़र्क नहीं कर रहे हैं. पुतिन के नज़रिए से सब आतंकवादी हैं. ये विनाश को बुलावा है जिसे मैं नकारता हूँ."

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वहीं सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल-मुअल्लम ने कहा कि वो संयुक्त राष्ट्र द्वारा शांति वार्ता की पहल में शामिल होने को तैयार हैं.
हालांकि संयुक्त राष्ट्र महासभा में उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ज़रूरत पड़ने पर वो 'आतंकवाद' के ख़िलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने से पीछे नहीं हटेंगे.
उन्होंने कहा, "सीरिया बातचीत के लिए तैयार है. विशेष दूत स्टाफन डी मिस्तूरा ने हमसे कहा है कि इस बातचीत में विचारों का आदान-प्रदान होगा."
उन्होंने आगे कहा, "मैं यह भी कहना चाहूंगा कि सीरिया मज़बूत है और चरमपंथ से लड़ने के लिए सीरिया की सेना और उसके लोग तैयार हैं."
अमरीका ने की आलोचना

उधर ब्रिटेन स्थित सीरियन आॅब्ज़रवेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स संगठन के अनुसार रूसी हमले में आईएस का एक ट्रेनिंग कैंप नष्ट हुआ है.
इसके साथ ही रक्का में उनका एक गुप्त कमांड पोस्ट भी नष्ट हुआ और 12 लड़ाके भी मारे गए हैं.
कार्यकर्ताओं और शहर में रहने वालों के अनुसार आईएस ने और अधिक हवाई हमले होने के डर से शुक्रवार की नमाज़ रद्द कर दी और मस्जिदों को ख़ाली कर दिया.
वहीं कुछ जगहों पर 'फ्री सीरियन आर्मी' के रेडियो टावरों को भी निशाना बनाया गया.
'फ्री सीरियन आर्मी' असद सरकार का विरोध करती आई हैं और उन्हें अमरीका की तरफ से ट्रेनिंग दी गई है और रसद भी मुहैया कराया गया है.
बातचीत

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वहीं दूसरी तरफ सीरिया के मुख्य विपक्षी गुट माने जाने वाली सीरियन नेशनल काउंसिल के अध्यक्ष जॉर्ज साबरा ने कहा, "रूस हवाई हमले राष्ट्रपति असद की मदद के लिए कर रहा है, आईएस के ख़ात्मे के लिए नहीं. रूस ये सब इसलिए कर रहा है क्योंकि वो सीरिया के भविष्य में भागीदारी चाहता है."
उन्होंने कहा, "रूस जानता है कि जब नया सीरिया बनेगा तो सब कुछ ईरान को मिलेगा. लेकिन रूस में हिस्सा चाहता है."
आशंका

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इस बीच अमरीका के नेतृत्व में आईएस पर हमला करने वाले गठबंधन ने इसके लिए रूस की आलोचना की है. शुक्रवार को दिए एक संयुक्त ज्ञापन में अमरीका, ब्रिटेन, तुर्की और सऊदी अरब ने कहा कि रूस की ओर से लगातार हो रहे हमलों से सीरिया की स्थिति और बिगड़ सकती है.
आरोपों को गलत बताते हुए रूस ने दावा किया है कि वो केवल इस्लामी स्टेट के चरमपंथियों को ही निशाना बना रहा है.
एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी के मुताबिक ये हमले तीन से चार महीनों तक चल सकते हैं.
दूसरी तरफ आईएस के लड़ाकों ने पूर्वी सीरिया में एक सरकारी एयरबेस को निशाना बनाया. आईएस के नियंत्रण वाले शहर डेर अल-ज़ूर से आ रही ख़बरों के अनुसार वहां तेज़ धमाकों की आवाज़ सुनी जा सकती है.
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