आईएस के ख़िलाफ़ हवाई हमले पर विचार

अमरीका और उसके सहयोगी देशों की तरह रूस इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ हवाई हमला करने पर विचार कर रहा है.
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाक़ात के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने ये बातें कही.
लेकिन उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र की मंज़ूरी के बाद ही वो हवाई हमला करेगा. साथ ही पुतिन ने ये भी बता दिया कि रूसी सैनिक सीरिया में किसी भी ज़मीनी कार्रवाई में हिस्सा नहीं लेंगे.
पुतिन और ओबामा की मुलाक़ात क़रीब 90 मिनट चली और पुतिन ने इस मुलाक़ात को काफ़ी रचनात्मक बताया.
लेकिन दोनों नेताओं की मुलाक़ात और संयुक्त राष्ट्र महासभा में दोनों के भाषण ने ये भी दिखा दिया कि सीरिया युद्ध को समाप्त करने को लेकर दोनों देशों में कितने मतभेद हैं.
मतभेद

इमेज स्रोत, US Dept of Defence
रूस का कहना है कि ये बड़ी ग़लती होगी अगर आईएस के ख़िलाफ़ कार्रवाई में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ मिलकर काम न किया जाए.
लेकिन अमरीका और फ़्रांस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रपति असद को पद छोड़ देना चाहिए. इसके जवाब में व्लादीमिर पुतिन ने कहा- वे सीरिया के नागरिक नहीं हैं और किसी अन्य देश का नेतृत्व चुनने में उन्हें शामिल नहीं होना चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया में संघर्ष समाप्त करने की वकालत की और कहा कि सीरिया में अब तक दो लाख लोग मारे जा चुके हैं और 40 लाख लोगों को पलायन करना पड़ा है.
ओबामा ने कहा कि अमरीका सीरिया संकट को सुलझाने के लिए रूस और ईरान समेत किसी भी देश के साथ काम करने को तैयार है.
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