9/11 पर 'सऊदी अरब के खिलाफ़ सबूत नही'

न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 9/11 को हुआ हमला

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अमरीका की एक अदालत ने 9/11 हमले के लिए मुलज़िम बनाने की अपील को ख़ारिज कर दिया है.

कुछ पीड़ित परिवारों ने अदालत में इस तरह की अपील की थी.

न्यायाधीश ने कहा कि 2001 के हमले से सऊदी अरब को जोड़ने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं. इन हमलों में क़रीब तीन हज़ार लोग मारे गए थे.

जिन सबूतों को अदालत ने ख़ारिज किया, वो हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति के दावे पर आधारित थे. दावा किया गया था कि हमले के लिए एक सऊदी राजकुमार ने वित्तीय सहायता दी थी.

इस हमले में शामिल 19 लोगों में से 15 सऊदी अरब के नागरिक थे.

अपर्याप्त सबूत

न्यायाधीश जॉर्ज डैनियल ने कहा कि वकील इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं पेश कर पाए जो सऊदी अरब की संप्रभुता के अधिकार को ख़ारिज करते हों.

हाल ही में अमरीका की एक जेल में बंद ज़कारियास मुसावी नामक क़ैदी ने दावा किया था कि सऊदी अरब के एक राजकुमार ने न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वर्जिनिया में पेंटागन पर विमान से हमला करने वालों को वित्तीय मदद दी थी.

ज़कारियास मुसावयी

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व्हाइट हाउस पर हमला करने जा रहा विमान पेन्सेलविनिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.

ज़कारियास मुसावी को 9/11 के हमले के हफ्तों पहले अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हमले के समय वो जेल में थे. उन्होंने मिनेसोटा में विमान उड़ाने का प्रशिक्षण लिया था और अलक़ायदा से जुड़े एक व्यक्ति से पैसा लिया था.

अविश्वसनीय आरोप

अदालत में सज़ा सुनाए जाते समय मुसावी ने कहा था कि वो व्हाइट हाउस की ओर एक बोइंग 747 विमान उड़ाने की साजिश का हिस्सा थे.

सऊदी अरब ने एक विक्षिप्त अपराधी की ओर से लगाए गए अविश्वसनीय आरोपों को ख़ारिज कर दिया था.

यह दूसरी बार है जब सऊदी अरब को इस हमले से जुड़े आरोपों से बरी किया गया है.

यह मामला हमलों के बाद दर्ज किया गया था, इसमें कंपनियों, देशों और संगठनों पर अल क़ायदा और अन्य आतंकी संगठनों को सहायता पहुँचाने का आरोप लगाया गया था.

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