चीन: स्कूल में शेयर मार्केट की पढ़ाई

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- Author, क्या है चर्चित और क्यों?
- पदनाम, न्यूज़ फ़्रॉम एल्सव्हेअर
चीन के शेयर बाज़ार में हालिया उठापटक के बीच देश के ग्वांगडोंग प्रांत में बच्चों को स्टॉक मार्केट के सबक सिखाने की योजना बनाई गई है.
इसके तहत कम उम्र में ही बच्चों को स्कूल में स्टॉक मार्केट की शिक्षा दी जाएगी. इस पायलट प्रोग्राम में 10 हज़ार छात्र हिस्सा लेंगे.
इस योजना को लेकर चीन में सोशल मीडिया पर ज़ोरदार बहस छिड़ गई है.
धन प्रबंधन

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चीन के शेयर बाज़ार में हाल में बड़ी उथल-पुथल हुई थी जिसका असर दुनिया भर के स्टॉक मार्केट पर दिखा.
भारत और एशिया के बाकी देशों के शेयर बाज़ार भी इससे प्रभावित हुए.
चीन के 'द सदर्न मेट्रोपोलिस डेली' अख़बार के मुताबिक 'द चाइना सिक्यूरिटीज़ रेगुलेटरी कमीशन' ने देश के सबसे अमीर प्रांतों में से एक ग्वांगडोंग प्रांत में अपर प्राइमरी स्कूल के छात्रों को पढ़ाने के लिए कहा है कि 'धन का प्रबंधन और स्टॉक कारोबार कैसे किया जाए.'
अखबार के मुताबिक अगर ये कार्यक्रम कामयाब रहा तो पूरे प्रांत में नया पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा.
छिड़ी बहस

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इस योजना को लेकर चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट वाइबो पर बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों ने इस योजना का समर्थन किया है तो कई इसके विरोध में अपने विचार रख रहे हैं.
योजना का समर्थन करने वालों का कहना है कि धन प्रबंधन सीखने के लिए कोई उम्र कम नहीं होती.
लेकिन कई लोगों ने इसके विरोध में भी राय रखी है. उनका कहना है कि शिक्षा प्रणाली मानकों के अनुरूप नहीं है.
विरोध करने वालों में से एक शख्स ने लिखा, "वो अब तक सेक्स एजुकेशन या फिर क़ानून की पढ़ाई कराने में सक्षम नहीं हैं. बच्चों को सबसे पहले ये सिखाया जाना चाहिए कि उन्हें कैसा बर्ताव करना चाहिए."
कई लोग इसके नैतिक असर को लेकर भी चिंतित हैं.
एक व्यक्ति का कहना है, "कम उम्र में स्टॉक मार्केट के संपर्क में आने से बच्चे जुआ खेलने के लिए प्रेरित हो सकते हैं."
एक आलोचक ने कहा कि पेंशनरों को निचोड़ने के बाद वो अब नन्हें शेयरधारकों को अपने चंगुल में लेना चाहते हैं.
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