नेपाल में पुलिस गोलीबारी से पाँच की मौत

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नेपाल में संविधान के मसौदे को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की गोली से पाँच लोगों की मौत हो गई है.
मारे गए लोग मधेशी समुदाय के हैं. पुलिस ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाने को मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्होंने बंदूकों और चाकुओं से हमला किया था.
नए संविधान के प्रस्ताव के मुताबिक़ नेपाल को संघीय प्रांतों में बाँटा जाएगा. नेपाल के मधेशी और अन्य ग्रुपों का मानना है कि उनकी अनदेखी की जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक़ राजधानी काठमांडू से 90 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित बीरगंज में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कार्यालयों और पुलिस चौकियों में तोड़-फोड़ की. यहाँ पुलिस की गोली से चार लोग मारे गए.
मौत

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जबकि नज़दीकी शहर कलैया में एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई.
इन सबको मिलाकर हाल के हफ़्तों में प्रदर्शन के दौरान कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है.
वर्ष 2008 में राजशाही की समाप्ति के बाद से ही नेपाल अंतरिम संविधान के आधार पर काम कर रहा है.
वर्षों तक चली उठापटक के बाद राजनीतिक दल इस साल संविधान के मसौदे पर सहमत हुए हैं.
प्रदर्शन

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इस मसौदे के समर्थक ये कहते हैं कि नए संविधान से देश का आर्थिक विकास होगा और माओवादी विद्रोहियों के साथ शांति और मज़बूत होगी.
लेकिन प्रस्तावित सीमा को लेकर मतभेद चल रहे हैं. कई अल्पसंख्यक समूहों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त अधिकार नहीं दिए जाएँगे.
नेपाल के कई हिंदू संगठन भी प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए.
राजशाही की समाप्ति के बाद नेपाल धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र हो गया था.
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