रूस को नहीं भाए समलैंगिक इमोजी

रूस सोशल मीडिया में समलैंगिक इमोजी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लग सकता है.
रूसी अख़बार इज़वेस्तिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, सांसद मिख़ाइल मर्चेंको की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई.

मर्चेंको का दावा है कि एक ही लिंग के जोड़ों के स्माइली 2013 में पारित उस क़ानून के ख़िलाफ़ है, जो ग़ैर पारंपरकि यौन संबंधो को बढ़ावा देने से रोकने को कहता है.
इस क़ानून में अधिकारियों को यह हक़ है कि वे समलैंगिकता को बढ़ावा देने वाले वेबसाइट को रोक दें.
रूसी सांसद ने यह भी कहा है ये इमोजी पारिवारिक मूल्यों को भी नकारते हैं और माता पिता और परिवार के दूसरे सदस्यों के प्रति अनादर का भाव दिखाते हैं.
इंटरनेट अधिकार

इमेज स्रोत, AFP
मीडिया वॉचडॉग ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी से जुड़े युवा संगठन यंग गार्ड से कहा है कि वह इस मामले में अपनी रिपोर्ट दे.
यंग गार्ड के प्रवक्ता किरिल ग्रिनचेंको ने कहा कि उन्हें अब तक औपचारिक रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है. पर वे रूसी क़ानूनों के तहत लोगों के इंटरनेट अधिकारों की रक्षा करने को तैयार हैं.
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