कैसा होता है ओबामा का इंटरव्यू करना

बराक ओबामा और सोपेल
    • Author, जॉन सोपल
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन

इंटरव्यू शुरू होना था ठीक 2.30 बजे और जैसा कि सब जानते हैं कि बराक ओबामा लेट होने के लिए कुख्यात हैं. मतलब सही में लेट होते हैं वो और कभी-कभी तो बहुत अधिक.

लेकिन आज नहीं.

2.15 बजे व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा- ‘एक मिनट की चेतावनी’. कमरे में ख़ामोशी छा गई, सुई गिरे तो भी आवाज़ का पता चलने वाली ख़ामोशी.

बस सुनाई दे रही थी एयरकंडीशन की घर्रघर्र और उम्मीदों की घंटियां.

कुछ कुछ परीक्षाओं की घड़ी जैसा जब परीक्षक कहता है कि अब आप प्रश्न पत्र देख कर उत्तर लिखना शुरू कर सकते हैं.

मैंने महसूस किया कि मेरी हथेलियों में हल्का पसीना था और मुझे कुछ ही क्षणों में अमरीका के राष्ट्रपति से हाथ मिलाना था....और फिर वो कमरे में थे.

बीबीसी लंदन की याद

बुश हाउस
इमेज कैप्शन, बीबीसी का लंदन दफ़्तर पहले बुश हाऊस में था.

जब मैं इंटरव्यू करता हूं, तो मेरा काम होता है इंटरव्यू देने वाले को रिलैक्स रखना. छोटा सा मज़ाक और ये कहना कि इन सारी लाइटों और कैमरों और टीवी के तामझाम पर ध्यान न दें.

लेकिन जब आप दुनिया के सबसे बड़े नेता को इंटरव्यू कर रहे हों तो....वो इंटरव्यू से पहले की इन तैयारियों की कमान अपने हाथ में ले लेते हैं.

ओबामा ने आते ही बताया कि वो लॉ स्कूल में जाने से पहले लंदन में बीबीसी दफ्तर जा चुके हैं.

जैसा ओबामा ने बताया उससे लगा कि वो बुश हाउस की बात कर रहे थे. उन्होंने बताया कि परिसर में बड़े-बड़े माइक्रोफोन थे और जब वो चेयर पर बैठे थे उन्होंने पाया कि उनके आस पास ही विंस्टन चर्चिल भी थे जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी.

पहले सवाल में ही उलझा

बराक ओबामा

इमेज स्रोत, BBC World Service

ख़ैर अब इंटरव्यू का समय था और मैं पहले सवाल में ही उलझ गया. मैंने रुक कर कहा, ‘इसे फिर से करते हैं.’ राष्ट्रपति ने बिना मौका गंवाए कहा, ‘अच्छा है मैं भी अपनी आंख पोंछ लेता हूं और हम सब सांस ले लेते हैं.’ राष्ट्रपति की आंखों में पोंछने के लिए कुछ था नहीं लेकिन उन्होंने ऐसा कह के माहौल का तनाव ख़त्म कर दिया था.

पूरी बातचीत में मुझे जो बात सबसे अच्छी लगी वो ओबामा की साफ़गोई थी.

जब मैंने उनके सामने ये बात रखी कि 18 महीने में वो राष्ट्रपति पद छोड़ चुके होंगे और बहुत ऐसे काम होंगे जिन्हें वो पूरा नहीं कर पाएंगे जैसे कि गन कल्चर हो या नस्लवाद तो उनका जवाब था कि उन्हें सबसे अधिक दुख इसी बात का रहेगा कि वो गन कल्चर के मामले में बहुत कुछ नहीं कर पाएंगे.

11 सितंबर की घटना के बाद से अब तक अमरीका में 100 लोग ही चरमपंथी हमलों में मारे गए होंगे जबकि गन कल्चर से जुड़े अपराधों में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं.

विचलित ओबामा

बराक ओबामा

ओबामा ने नस्लवाद के मामले में भी स्पष्ट बात की और समलैंगिकता के बारे में भी. उनका कहना था, "मुझे ये बिल्कुल पसंद नहीं है कि कोई धर्म, नस्ल या किसी के सेक्स के प्रति किसी ख़ास रुझान के कारण किसी के साथ भेदभाव करें."

बस एक सवाल ऐसा था जिस पर ओबामा थोड़े से विचलित दिखे. मामला था ईरान के साथ परमाणु समझौता. उनके चेहरे पर विचलन की एक परत आई और तुरंत हटी और वो बोले- आपको क्या लगा.. आपने मुझे फंसा लिया. फिर मुस्कुराते हुए राष्ट्रपति ने जवाब दिया कि कैसे कांग्रेस इस समझौते का समर्थन कर सकती है.

ज्यादा नहीं बस नौ महीने पहले लग रहा था कि ओबामा राष्ट्रपति के तौर पर चूकी हुई ताक़त हैं. उनकी अपनी पार्टी के सदस्य ही उनके फ़ैसलों का समर्थन नहीं कर रहे थे लेकिन आज मेरे सामने वो बेहद रिलैक्स्ड दिखे.

हेल्थकेयर, ईरान और क्यूबा के मामले में महत्वपूर्ण समझौते उनके नेतृत्व में हुए थे.

इंटरव्यू के दौरान ओबामा हंसी मजाक भी करते रहे. इंग्लैंड के बारे में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन अमरीका का साथी रहा है हमेशा.

फिर रुक कर बोले 1814 को छोड़कर. 1814 में कुछ ब्रितानियों ने व्हाइट हाउस को जलाने की कोशिश की थी.

Fantastic या Awesome

बराक ओबामा

इमेज स्रोत, BBC World Service

इमेज कैप्शन, बराक ओबामा आज कीनिया पहुँच रहे हैं.

इस सवाल के साथ ही इंटरव्यू समाप्त हुआ तो मैंने कहा-Fantastic. इस पर राष्ट्रपति बोले- ये Fantastic शब्द अंग्रेजी के awesome शब्द से कहीं बेहतर है और वो अपने स्टाफ़ से कहते हैं कि वो awesome की बजाय Fantastic शब्द का प्रयोग करें.

राष्ट्रपित ने फिर मुझे रोज़ गार्डन का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया. रास्ते में वो कई अधिकारियों से मुझे मिलाते रहे. मुझे लग रहा था मैं किसी नाटक का पात्र हूं.

आखिर में उन्होंने मुझे और मेरे कैमरामैन, प्रोड्यूसर सभी को एक साथ किया और एक फोटो खींची गई जिसमें बीच में थे राष्ट्रपति बराक ओबामा.

तो एक अनुभव के तौर पर कैसा रहा ये इंटरव्यू? कुछ लोग कहेंगे...Fantastic…कुछ कहेंगे awesome लेकिन मैं कहूंगा बस ऑफ़िस का एक और दिन.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक </caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link>और<link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>