बच्चों के साथ यौन अपराध के मामले बढ़े

बाल यौन अपराध

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इंगलैंड में बच्चों के लिए काम करने वाली एक चैरिटी संस्था के मुताबिक़ इंगलैंड और वेल्स में बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों में एक-तिहाई का इजाफ़ा हुआ है.

नेशनल सोसायटी फॉर दि प्रीवेंशन ऑफ क्रुएलिटी टू चिल्ड्रन (एनएसपीसीसी) नाम की चैरिटी संस्था के मुताबिक़ अप्रैल 2014 को ख़त्म हुए साल तक ऐसे 31,000 मामले दर्ज़ हुए.

इससे पहले साल के दौरान बच्चों से जुड़े यौन अपराध के 8,500 मामले दर्ज़ किए गए.

इस चैरिटी के आंकड़े दर्शाते हैं कि पुलिस ने रोज़ाना ऐसे 85 आपराधिक मामले दर्ज़ किए. स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड में ऐसे मामलों में तेज़ी देखी गई.

सरकार का कहना है कि बाल यौन उत्पीड़न को रोकना सभी पुलिस बल की प्राथमिकता थी.

एनएसपीसीसी के मुख्य कार्यकारी पीटर वॉनलेस का कहना है कि ये आंकड़ें वास्तविक पीड़ितों के मुक़ाबले काफी कम हैं.

उनका कहना है कि कई अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में किसी को बताने से पहले कई सालों तक इंतज़ार करते हैं जबकि कुछ तो अपने साथ हुए यौन अपराध का ख़ुलासा कभी नहीं करते हैं.

जॉन ब्राउन
इमेज कैप्शन, एनएसपीसी के जॉन ब्राउन का कहना है कि जिन बच्चों के साथ यौन अपराध होता है उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिलती है.

कम उम्र के बच्चे

फ़्रीडम ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशन के आंकड़े के मुताबिक़ ऐसे ज़्यादातर पीड़ितों की उम्र 12 से 16 साल तक है.

चैरिटी का कहना है कि ऐसे 8,282 यौन अपराध से पीड़ित बच्चे 11 साल से कम उम्र के थे.

बाल यौन अपराध
इमेज कैप्शन, अप्रैल 2014 को ख़त्म हुए साल तक बच्चों के साथ यौन अपराध के 31,000 मामले दर्ज़ हुए.

इनमें से 2,895 बच्चे अनुमानतः पांच साल या इससे भी कम उम्र के थे जिनमें 95 नवजात बच्चे भी शामिल हैं.

यौन अपराध से जुड़े 24,457 मामले लड़कियों के साथ जबकि 5,292 मामले लड़कों के साथ हुए.

वर्ष 2012-13 में इसी समान शोध में यह बताया गया था कि 41 पुलिस बल ने 2,654 मामले दर्ज़ किए गए.

हाल के शोध में इंगलैंड और वेल्स के सभी 43 पुलिस बलों ने हिस्सा लिया.

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