अब नोटों के नहीं रहे वो भाव

ऐसा पहली बार हो रहा है कि नोटों और सिक्कों से किए जाने वाले नकद भुगतान को कैशलेस यानि नकदरहित भुगतान ने पीछे छोड़ दिया है.

भुगतान व्यवस्था पर नजर रखने वाली ब्रिटेन की संस्था 'द पेमेंट काउंसिल' ने ये जानकारी दी है.

पेमेंट काउंसिल का कहना है कि पिछले एक साल में उपभोक्ताओं, कारोबारी और वित्तीय संस्थानों के नकद इस्तेमाल में 48 फीसद की कमी दर्ज की गई है.

जबकि 52 फीसदी भुगतान डेबिट कार्ड से बड़े पैमाने पर किए जाने वाले <link type="page"><caption> इलेक्ट्रॉनिक भुगतान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/07/120703_atm_scam_rn" platform="highweb"/></link> से लेकर चेक जैसे साधनों के जरिए किया गया.

इमेज स्रोत, PA

काउंसिल का अंदाज़ा है कि अगले 10 सालों में नकद की मात्रा 30 फीसदी कम हो सकती है.

द पेमेंट काउंसिल का कहना है कि यदि हम इसी तरह डेबिट कार्ड, कॉन्टैक्टलेस और मोबाइल पेमेंट का अधिक से अधिक इस्तेमाल करते रहें तो जल्दी ही नकद भुगतान का चलन कम हो जाएगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं. )</bold>