जासूसी के आरोप में 15 लोगों को गोली मारी गई

किम जोंग उन

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उत्तर कोरिया में इस साल 15 लोगों को मौत की सज़ा दी गई है.

दक्षिण कोरिया के ख़ुफ़िया विभाग के मुताबिक़ उत्तर कोरिया के <link type="page"><caption> सर्वोच्च नेता</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/12/111229_kimjongun_northkorea_sa" platform="highweb"/></link> किम जोंग उन ने इन सभी लोगों को मारने का आदेश दिया था.

माना जा रहा है कि इसमें कई उच्च अधिकारी भी शामिल हैं.

बुधवार को हुई एक संसदीय बैठक के दौरान दक्षिण कोरिया की ख़ुफ़िया एजेंसी ने कहा कि जासूसी के आरोप में इन लोगों को गोली मार दी गई.

मारे जाने वालों में दो उपमंत्री भी थे जिन्होंने किम जोंग उन की नीतियों की आलोचना की थी. दक्षिण कोरिया के अनुसार इसमें एक ऑर्केस्ट्रा के सदस्य भी शामिल थे.

आलोचकों को सज़ा

किम जोंग उन

2013 में किम ने अपने शक्तिशाली चाचा जोंग-सोंग को धोखे के आरोप में <link type="page"><caption> मौत की सज़ा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/10/141013_north_korea_kim_jong_un_dp" platform="highweb"/></link> दी थी. साथ ही उनके नज़दीकी अफ़सरों को भी मौत की सज़ा दे दी गई थी.

साल 2011 में जोंग-सोंग को किम के सलाहकार की तरह देखा जाता था. इस दौरान देश की सत्ता किम के पिता किम जोंग इल के हाथों में थी और इसमें कई परिवर्तन हो रहे थे.

2013 में जोंग सोंग को डिसमिस कर दिया गया था.

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योनहप समाचार एजेंसी के अनुसार दक्षिण कोरियाई राजनैतिकों को बताया गया है कि मारे जाने वालों में वन मंत्री भी थे, जिन्होंने उत्तर कोरिया की वानिकी योजना की आलेचना की थी.

उत्तर कोरिया के उनहासू ऑर्केस्ट्रा के चार लोगों को भी मार्च के महीने में मारा दिया गया था.

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