हज़ारों मील दूर नेपाल के अपनों की चिंता

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- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
नेपाल के भीषण भूकंप से बेहद चिंतिति न्यूयॉर्क का नेपाली समुदाय पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद जुटाने में लग गया है जबकि कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने परिवार के सदस्य को खोया है.
समुदाय के लोग फ़ोन, इंटरनेट और टीवी के माध्यम से अपने इलाक़े और अपने परिवारवालों का हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं.
मूल रूप से काठमांडू के क़रीब ललितपुर इलाके़ के रहने वाले संतोष महार्जन ने अपने परिवार से फोन पर बात तो कर ली है लेकिन वो वहाँ के हालात से बहुत चिंतित हैं.
संतोष महार्जन कहते हैं, "हमारे इलाके में तो भीषण तबाही हुई है. सारे पुराने घर ढह गए हैं, नए घरों में भी दरारें पड़ गई हैं औऱ वो रहने के लायक नहीं रह गए हैं. हमारा परिवार वाले और दूसरे लोग खुले में रात और दिन गुज़ारने को मजबूर हैं क्योंकि वहां अब भी भूकंप के झटके आ रहे हैं."
टूटी सड़कें

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न्यूयॉर्क के जैकसन हाइट्स क्षेत्र में, जहां दक्षिण एशियाई मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, नेपाली मूल के लोगों की संख्या हाल के वर्षों में काफ़ी बढ़ी है.
सन 2010 के अमरीकी जनगणा ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार न्यूयॉर्क में करीब तीन हज़ार नेपाली मूल के लोग रहते हैं.
रविवार को वहां भूकंप पीड़ितों के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. इसमें नेपाली मूल के साथ-साथ दक्षिण एशियाई मूल के लोगों ने भी भाग लिया.
इस मौक़े पर भूकंप पीड़ितों के लिए राहत का सामान औऱ चंदा भी इकट्ठा किया गया.
राहत सामाग्री

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नेपाली मूल के स्वास्तिक जंग कई नेपाली संस्थाओं के साथ मिलकर पीड़ितों के लिए राहत सामग्री औऱ चंदा इकट्ठा कर रहे हैं.
उनके रिश्तेदार काठमांडू में भूकंप के डर से घर छोड़कर बाहर रह रहे हैं.
स्वास्तिक ने बताया, "हम पैसा और राहत सामग्री इकट्ठा करके सीधे नेपाल भेजेंगे जिससे लोगों को कुछ राहत पहुंचे."
वो कहते हैं कि वह न्यूयॉर्क शहर काउंसिल और राज्य के नेताओं के साथ-साथ सांसदों से भी इस मामले में मदद मांग रहे हैं.
प्रधानमंत्री राहतकोष

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शहर के दक्षिण एशियाई मूल के लोग भी नेपालियों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं.
भारतीय मूल के दुकानदारों की संस्था जैकसन हाइट्स मर्चेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन शिव दास कहते हैं, "हमारी संस्था नेपाल भूकंप के पीड़ितों के लिए 10 हज़ार डॉलर से अधिक धनराशि जमा करके नेपाल के प्रधानमंत्री राहत कोष को देंगे."
न्यूयॉर्क में नेपाल भूकंप पीड़ितों के लिए आयोजित प्रार्थना सभा और राहत मुहिम में शामिल अंबिका महार्जन मूल रूप से नेपाल की हैं.
वो कहती हैं, "मेरे कई रिश्तेदारों का कोई पता नहीं चल रहा. मेरे कई पड़ोसी या तो इमारतों के नीचे दबके मारे गए हैं या गंभीर रूप से ज़ख्मी हैं."
प्रार्थना करें

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इसी सभा में एक महिला राज्या महार्जन अपनी छोटी बच्ची के साथ बैनर थामे खड़ी थीं जिसपर लिखा था, 'नेपाल के लिए प्रार्थना करें.'
राज्या महार्जन काठमंडू के नज़दीक स्वयंवूर इलाके की रहने वाली हैं. उन्होंने फोन से अपने परिवार वालों से बात की है लेकिन वह अपनी बूढ़ी मां के लिए बहुत चिंतित हैं.
राज्या रुआंसी होके कहती हैं, "मेरी मां 75 वर्ष की हैं अब वह घर से बाहर बैठी हैं. खाने और पानी की कमी है."
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