कूड़ा बीनती बच्ची, एक सेल्फ़ी और विवाद

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सऊदी अरब में रह रही एक कूड़ा बीनने वाली लड़की की तलाश हो रही है और सोशल मीडिया पर लोग उसे क़रीब 63 लाख रुपए की मदद की पेशकश कर चुके हैं.
दरअसल पूरा वाकया कुछ यूं है.
जेद्दाह में एक युवक ने कूड़ा बीनने वाली लगभग 10 साल की एक प्रवासी अफ्रीकी बच्ची को देखा.
वो लड़की मशहूर अफ़्रीकी फ़ुटबॉल क्लब अल इत्तिहाद की शर्ट पहने हुए थी और ये देखते ही उस युवक को मस्ती सूझी.
उसने उस लड़की के साथ अपनी सेल्फ़ी खींची और स्नेपचैट पर वो फ़ोटो डाल दी जिसके नीचे कैप्शन दिया, "देखो अल इत्तिहाद कहां है. कूड़े के ढेर में."
'नस्लवादी हरकत'

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आलोचना के बाद स्नैपचैट से तो फ़ोटो हटा दी गई लेकिन फिर ये दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होने लगी और मीडिया में भी इसकी ख़ासी चर्चा होने लगी.
लोगों ने फ़ोटो डालने वाले युवा की जमकर आलोचना की और उसकी इस हरकत को नस्लवादी और घटिया बताया.
एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, "ये बेकार का पब्लिसिटी स्टंट है. बेचारी बच्ची को पता भी नहीं था कि चल क्या रहा है. जिसने भी ये फ़ोटो लिया उसकी घटिया हरकत थी."
इस घटना से एक बार फिर सऊदी अरब के नागरिकों और प्रवासियों के बीच तनाव की बात प्रकाश में आई.
लंबे समय से यहां काम कर रहे प्रवासी लोगों को पेश आने वाली मुश्किलें और उन्हें मिलने वाले बेहद कम पैसों की बातें होती रहीं.
ग़ुस्सा
पहले प्रवासियों के अधिकारों को लेकर सऊदी अरब में ज़्यादा समर्थन नहीं था लेकिन इस दफ़ा ख़ुद सऊदी अरब के नागरिकों में ग़ुस्सा देखा गया.
सऊदी अरब की एक महिला ने ट्वीट किया, "ये शख़्स मेरा प्रतिनिधित्व नहीं करता."
उस शख्स ने तमाम आलोचना के बाद यूट्यूब पर इस हरकत की माफ़ी मांगी और उस लड़की के पास जाकर उसे तोहफ़ा दिया और और सोशल मीडिया पर तस्वीर भी डाली.

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सोशल मीडिया पर बाक़ी लोगों ने भी उस बच्ची की मदद करने में दिलचस्पी दिखाई. लेकिन समस्या ये थी कि किसी को पता नहीं था कि वो बच्ची कहां है?
मदद की पेशकश
तब उसकी तलाश के लिए ट्विटर पर एक हैशटैग चलाया गया जिसके तहत क़रीब दो लाख ट्वीट किए गए. अल इत्तिहाद क्लब के एक अमीर प्रशंसक ने तो उस बच्ची को 16 हज़ार अमरीकी डॉलर यानी 10 लाख 80 हज़ार रुपए देने की पेशकश कर डाली.
लंदन में रह रहे सऊदी अरब के एक सोशल मीडिया कमेंटेटर ने लिखा, "सऊदी अरब के नागरिक नेकदिल होते हैं, लेकिन देखते हैं कि उन्होंने जो वादा किया उसे पूरा करते हैं या नहीं."
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