40 साल के बाद नई शुरुआत के भी हैं फ़ायदे

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    • Author, केट एशफोर्ड
    • पदनाम, बीबीसी कैपिटल

पंजीकृत नर्स 46 वर्षीय कोलीन कनिंगहम को दो दशक का नर्सिंग का अनुभव था. अपने कामकाजी जीवन में काफी प्रतिष्ठित होने के बावजूद उन्हें लगा अब उन्हें कुछ और करना चाहिए.

वे कहती हैं, "मैं अपना स्कोप (कामकाज का दायरा) बढ़ाना चाहती थी." इसका क्या जवाब होगा ? 'दूसरी डिग्री हासिल कीजिए.'

लेकिन एल्बेनी, न्यूयार्क की कोलीन अपनी नौकरी छोड़ना नहीं चाहती थीं. लिहाज़ा उन्होंने नर्स प्रैक्टिशनर के फ़ुल टाइम कोर्स में नामांकन कराया.

नर्स प्रैक्टिशनर मरीज़ों को बीमारी के मुताबिक दवाएँ भी लिखकर दे सकती है.

उन्होंने मरीज़ों की देखभाल और आधुनिकतम तरीकों को सीखना शुरू किया. जब वे क्लास में नहीं होतीं थीं तब अस्पताल में इमरजेंसी कक्ष में 12 घंटे की ड्यूटी करती थीं - एक सप्ताह में चार दिन. यह संभव हो सके, इसके लिए कोलीन के पति ने अपनी टूरिंग नौकरी छोड़कर, दफ़्तर में ही रहने वाली नौकरी कर ली.

दो साल तक, कनिंगहम ने फ़ुल टाइम जॉब और साथ क्लास में जाने का तनाव झेला. इस कोशिश में वे स्कूल जाने वाले तीन बच्चों को तड़के छोड़कर, ढाई घंटे ट्रैवल कर, यूनिवर्सिटी पहुंचती थीं.

STY38121786कम समय में ज़्यादा काम करने की 6 तरकीबकम समय में ज़्यादा काम करने की 6 तरकीबइसमें कायमाबी हासिल की जा सकती है, मगर किस तरह से.2015-04-04T16:46:39+05:302015-04-04T18:58:23+05:302015-04-04T18:58:23+05:302015-04-04T18:58:23+05:30PUBLISHEDhitopcat2

कोलीन कहती हैं, "पीछे मुड़कर देखती हूँ, तो सोचती हूं कि मैं ऐसा किस तरह से कर पाई. ये बेहद मुश्किल था. इसकी क़ीमत भी चुकानी पड़ती थी. मैं अपनी पसंद का कोई काम नहीं कर पाती थी. क्योंकि मैं मिशन पर थी."

पढ़ाई का बेहतर फ़ायदा

आज 59 साल की उम्र में कोलीन अपनी पसंद का काम करती हैं. वे कहती हैं, "मैं अपने फैसले से संतुष्ट हूं. मुझे लगता है कि ये काम दिन प्रति दिन बेहतर होता जा रहा है."

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ज़ाहिर है ज़िंदगी की मध्यवस्था में पढ़ाई कई चुनौतियों को लेकर आती हैं. क्लास और फ़ुल टाइम जॉब के साथ घर की ज़िम्मेदारी, बच्चों की ज़िम्मेदारी, सब मिलकर स्थिति को काफ़ी मुश्किल बनाते हैं. बावजूद इसके, लोग ऐसा कर रहे हैं. वो भी तब जब उन्हें इसके लिए खर्च करना होता है, अतिरिक्त दबाव उठाना होता है.

ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज एंड कॉलेज एडमिशन सर्विस के आंकडों के मुताबिक ब्रिटेन में हर 10 नामांकन भरने वालों में एक की उम्र 25 साल या उससे ज्यादा होती है. नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशन स्टेटिसटिक्स के मुताबिक अमरीकी विश्वविद्यालयों में बढ़ती उम्र में नामांकन के मामले 2000 से 2011 तक 41 फ़ीसदी बढ़ गए हैं. यानी प्रत्येक दस में से 4 छात्र ज्यादा उम्र के हैं.

STY38084607कामकाजी तनाव दूर करने के 7 नुस्ख़े कामकाजी तनाव दूर करने के 7 नुस्ख़े अगर आप जीवन और दफ्तर के काम से तनाव में हैं तो उसे सहजता से दूर कर सकते हैं.2015-04-01T22:40:23+05:302015-04-02T10:51:43+05:302015-04-02T10:51:43+05:302015-04-02T12:30:38+05:30PUBLISHEDhitopcat2

ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ़ स्टेटिसटिक्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में करीब 40 फ़ीसदी यूनिवर्सिटी छात्रों की उम्र 25 से 64 साल के बीच में होती है जो फुल टाइम काम करते हैं और पार्ट टाइम पढ़ाई करना चाहते हैं.

तो अगर आप भी बढ़ती उम्र में कॉलेज लौटना चाहते हैं, तो इसमें कोई अनहोनी बात नहीं लेकिन आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा.

क्या खर्च होगा?

इसके लिए आपको पैसा, समय और प्रतिबद्धता तीनों खर्च करने होंगे.

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया, लेंगले स्थित जेवाईसी फाइनेसिंयल की प्लानर जूलिया चांग कहती हैं, "परिवार, शादी और दूसरी जरूरतों के चलते हो सकता है कि आपके पास पर्याप्त समय नहीं हो. अगर आप कुछ समय से पढ़ाई से दूर रहे हैं तो हो सकता है कि आपको पढ़ाई के साथ तालमेल बिठाने में वक्त लगे. जरूरत से ज्यादा समय आपको देना पड़ सकता है, आपको ये भी देखना होगा कि इससे जीवन का संतुलन कितना प्रभावित होगा."

तैयारी का समय

स्थानीय कॉलेज या यूनिवर्सिटी में नामांकन तो तुरंत हो सकता है लेकिन किसी एडवांस्ड प्रोग्राम में नामांकन भरने के लिए आपको 6 से 12 महीने पहले तैयारी शुरू करनी होगी.

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अमरीका और कनाडा के ग्रेजुएट स्कूलों में एडवांस्ड डिग्री के लिए आपको जीएमएटी और जीआरई जैसी परीक्षाएं पहले पास करनी होंगी.

ब्रिटेन के लॉ स्कूल में नामांकन लेने के लिए आपको एलएनएटी की परीक्षा पास करनी होगी. बेसिक्स क्लास के लिए भी आपको नामांकन की तारीख, आवेदन की तारीख, वित्तीय मदद और छात्रवृति इत्यादि के लिए रिसर्च करनी होगी.

क्या- क्या करें?

1. पहल समझें - क्यों कर रहे हैं. इसको बेहतर तरीके से समझ लें. क्या अतिरिक्त डिग्री से आपको प्रमोशन मिल सकता है? क्या वेतन बढ़ सकता है? क्या आपको आत्म संतुष्टि मिलेगी?

STY37963216अपने स्मार्टफ़ोन के बिल पर कभी ध्यान दिया..अपने स्मार्टफ़ोन के बिल पर कभी ध्यान दिया.....ताकि स्मार्टफ़ोन के बढ़ते इस्तेमाल का असर आपकी पॉकेट पर न हो.2015-03-25T19:07:23+05:302015-03-26T22:50:39+05:302015-03-26T23:13:06+05:302015-03-26T23:31:55+05:30PUBLISHEDhitopcat2

वित्तीय प्लानर जूलिया चुंग कहती हैं, "करियर में बदलाव की सूरत में ये देखें कि दूसरे करियर के लिए क्या शिक्षा और अनुभव की ज़रूरत है, तभी नामांकन भरें और ट्यूशन शुल्क का भुगतान करें."

2. नंबरों को याद रखें. कितना खर्चा पड़ेगा? इससे आमदनी बढ़ेगी? क्या ये फ़ायदे का सौदा है?

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लंदन के ब्रिकबेक एंड यूसीएल इंस्टीच्यूट ऑफ़ एजुकेशन के उच्च शिक्षा विभाग की प्रोफ़ेसर क्लेयर क्लेंडर कहती हैं, "पार्ट टाइम स्टडी से वित्तीय रिटर्न के मिश्रित अनुभव देखने को मिलते हैं." ऐसे में आने जाने का खर्च, किताबों का खर्च, सबका हिसाब रखें. एक्जीक्यूटिव एमबीए की उच्च डिग्रियों के लिए आपको विदेश भी जाना पड़ेगा तो समय और खर्च दोनों का हिसाब रखें.

3. विकल्पों को देखें. क्या आप वही निपुणता शार्ट टर्म कोर्स से हासिल कर सकते हैं? क्या इंटर्नशिप और पार्ट-टाइम वीकएंड वर्क से फायदा मिल सकता है. 'हाउ टू गेट ए जॉब यू लव' के लेखक जॉन लीज़ कहते हैं, "क्या सही कार्यानुभव से आपका सीवी उतना ही बेहतर हो सकता है. इसे देखें?"

4. बॉस से मदद लें. ऑस्ट्रेलिया के साउथपोर्ट स्थित एटलस वेल्थ मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक ब्रेट इवांस कहते हैं, "अगर आपकी शिक्षा जॉब और नियोक्ता के लिए काम की हुई, तो फिर आपको पढ़ने के लिए कंपनी वित्तीय मदद दे सकती है. कई कंपनियां ऐसा करती हैं."

इवांस आगे कहते हैं, "हालांकि कंपनी आप पर शर्त भी थोप सकती हैं कि अध्ययन पूरा होने के बाद आपको एक निश्चित अवधि तक उसी कंपनी में आगे काम करते रहना होगा."

5. परिवार से चर्चा करें. प्रति सप्ताह क्लासेज और होमवर्क पर आपको 10 से 20 घंटे खर्च करने होंगे. इससे आपकी साप्ताहिक रूटीन प्रभावित होगी. चुंग कहती हैं, "परिवार के लोगों को कम वक्त मिलेगा." इस दौरान अध्ययन पर होने वाले खर्चे के चलते आपकी आमदनी भी कम होगी.

STY37904706जीवनसाथी की मौत के लिए तैयार हैं आप?जीवनसाथी की मौत के लिए तैयार हैं आप?अगर कल को आपकी मौत हो जाए, तो क्या आपका परिवार इसके लिए तैयार है.2015-03-21T22:32:49+05:302015-03-30T11:57:56+05:302015-03-30T12:16:27+05:302015-03-30T12:16:25+05:30PUBLISHEDhitopcat2

परिवार को बताएं कि पाठ्यक्रम पूरा होने से आपकी आमदनी बढ़ सकती है या फिर सुतंष्टि बढ़ सकती है, क्या बदलाव हो सकता है. लेकिन पढ़ाई जारी रखने तक समय और पैसे दोनों की कमी रहेगी.

इसे बाद में करें

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6. अपने खर्चे का हिसाब रखें. ट्यूशन, किताब और दूसरे खर्चों पर आपको टैक्स में छूट मिलेगी. कई देशों में स्टुडेंट लोन से भी टैक्स में छूट मिलती है. अगर आप इसे हैंडल नहीं कर पाएं तो किसी पेशेवर की मदद लें.

7. काम में कंजूसी नहीं करें. आपकी पहली प्राथमिकता फ़ुल टाइम नौकरी होनी चाहिए. इवांस कहते हैं, "काम के वक्त पढ़ाई नहीं करें, इससे आपका प्रदर्शन प्रभावित होगा. स्कूली दिनों की तरह परीक्षा से पहले रटने का अभ्यास नहीं करें. आपके पास समय कम है, आप कामकाजी हैं, योजना बनाएं."

इसे स्मार्ट ढंग से करें

8. अपना ख्याल रखें. अपनी दिनचर्या को ठीक ढंग से बनाएं. चुंग कहती हैं, "ये दिखता भले आसान हो, लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए बेहद मुश्किल होता है. आपका दिमाग बिना सोए, एक्सरसाइज किए, पोषण लिए बिना काम नहीं कर सकता. इसकी उपेक्षा से आपको नाकामी मिलेगी."

STY37948884अपना बॉस ख़ुद बनना है तो ये तरीके अपनाएँअपना बॉस ख़ुद बनना है तो ये तरीके अपनाएँदफ़्तर जाकर रोज़ किसी को रिपोर्ट करने से बचना है तो ये टिप्स पढ़ें.2015-03-24T22:03:24+05:302015-03-26T00:36:23+05:302015-03-26T00:36:23+05:302015-03-27T15:32:21+05:30PUBLISHEDhitopcat2

9. योजना बनाएं. पैसे को बचाना सीखें. आपके पास जितनी सेविंग होगी, उतना ही आसानी से आप मुश्किल से पार पा सकेंगे. जब आप ग्रेजुएट हो जाएं तो पूरे परिवार को पार्टी भी देनी होगी...

<italic><bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/capital/story/20150403-back-to-school-at-40" platform="highweb"/></link> यहाँ पढ़ें, जो <link type="page"><caption> बीबीसी कैपिटल</caption><url href="http://www.bbc.com/capital" platform="highweb"/></link> पर उपलब्ध है.</bold></italic>

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