'मेरे रहते फ़लस्तीन नहीं बन सकता राज्य'

इमेज स्रोत, Reuters

इसरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने आम चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन कहा कि यदि वे दोबारा चुन कर आते हैं तो फलस्तीन का एक अलग राज्य के तौर पर गठन नहीं होने देंगे.

उनके इस वक्तव्य को उनकी लिकुड पार्टी के लिए चुनाव से पहले समर्थन बढ़ाने की मुहिम का एक हिस्सा माना जा रहा है.

चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में मध्य वामपंथी विपक्षी गठबंधन जियोनिस्ट यूनियन को लिकुड पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतने की संभावना जताई गई है.

सर्वेक्षणों में लिकुड पार्टी को पीछे दिखाया जा रहा है

इमेज स्रोत, v

इमेज कैप्शन, सर्वेक्षणों में लिकुड पार्टी को पीछे दिखाया जा रहा है

नेतान्याहू का कहना था कि फ़लस्तीन को ज़मीन देने से इसरायल को इस्लामी चरमपंथियों से होने वाले हमले का ख़तरा होगा.

इस बीच चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नेतान्याहू ने पूर्वी यरुशलम में सबसे ज्यादा विवादास्पद यहूदियों की बस्तियों का दौरा किया. उन्होंने हर होमा में यरुशलम की एकता को संरक्षित रखने की शपथ ली.

जब उनसे पूछा गय़ा कि वो अगर दोबारा चुन कर आते हैं तो क्या फ़लस्तीन को अलग राज्य नहीं बनने देंगे, तो नेतान्याहू का कहना था- "बिल्कुल नहीं."

साल 2009 में उन्होंने इस शर्त पर फलस्तीन क्षेत्र के विचार का समर्थन किया था कि वहां से सेना हटे और फलस्तीन इसरायल को मान्यता दे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)