लखवी को जेल में रखे पाकिस्तान: भारत

इमेज स्रोत, AP
भारत ने ज़कीउर रहमान लखवी की रिहाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 2008 के मुंबई हमलों लखवी की भूमिका होने संबंधी पुख़्ता सबूत होने के कारण यह पाकिस्तान की ज़िम्मेदारी है कि वह लखवी को जेल में रखे.
केंद्र ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर अपनी प्रतिक्रिया जताई.
इस्लामाबाद के उच्च न्यायालय ने लखवी को नज़रबंद रखने को अवैध बता कर उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं.
न्यायाधीश नूर-उल-हक़ क़ुरैशी ने इस्लामाबाद ज़िला प्रशासन द्वारा जारी किए लखवी को नज़रबंद करने का आदेशों को 'अमान्य' बताया.
ठीक से पेश करें सबूत

नई दिल्ली में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने संवाददाताओं को बताया, "मुंबई हमलों में लखवी के शामिल होने संबंधी सभी दस्तावेज पाकिस्तानी कोर्ट में पेश नहीं किए गए हैं. इसीलिए अदालत ने रिहाई के आदेश दिए हैं."
रिजिजू ने कहा, "हम चाहते हैं कि पाकिस्तान सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और सुनिश्चित करे कि लखवी जेल से बाहर न आए."
गृह मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तानी एजेंसियां अदालत में "मुंबई हमले में आपराधिक षड्यंत्र के दोषी लखवी की भूमिका" के बारे में मौजूद पुख़्ता सबूत 'ठीक से' पेश करें.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने नई दिल्ली में कहा, "यह पाकिस्तान सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि वह हर क़ानूनी कदम उठाए ताकि लखवी जेल से बाहर न आ सके. पाकिस्तान को इस तथ्य को समझने की ज़रूरत है कि कोई अच्छा या बुरा आतंकवादी नहीं होता."
तीसरी बार लखवी के हिरासत में लिए जाने के आदेश के खिलाफ दायर अपील को न्यायाधीश नूर-उल-हक़ क़ुरैशी ने तुरंत स्वीकार कर लिया और उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए.
पहले भी हुआ था रिहाई का आदेश

इमेज स्रोत, AP
ये दूसरी बार है जब क़ुरैशी ने लखवी की रिहाई के आदेश दिए हैं. इससे पहले उच्च न्यायालय के एक आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने यह कह कर पलट दिया था कि उच्च न्यायालय का फ़ैसला जल्दबाज़ी में लिया गया है.
<bold><link type="page"><caption> नज़रबंद रहेंगे लखवी: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2015/01/150107_lakhvi_pak_sc_ia.shtml" platform="highweb"/></link></bold>
पिछले साल 18 दिसंबर को मुंबई हमलों पर सुनवाई कर रही इस्लामाबाद की आतंकवाद निरोधक अदालत ने लखवी की ज़मानत स्वीकार कर ली थी. लेकिन भारत और अमरीका की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अधिकारियों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के क़ानून के तहत उन्हें तीन महीने के लिए नज़रबंद कर दिया था.
क़ुरैशी ने लखवी की हिरासत को निलंबित करने के आदेश दिए. जेल से रिहा किए जाने के ठीक पहले, लखवी को कई साल पहले एक अफ़गानी व्यक्ति के अपहरण के आरोप में हिरासत में ले लिया गया.
लखवी और छह अन्य व्यक्ति नवंबर 2008 में मुंबई पर हमले की योजना बनाने, कार्यान्वयन और आर्थिक मदद के आरोप में अभी रावलपिंडी की जेल में है.
इस हमले में 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>













