चीन में इंटरनेट पर प्रतिबंध और सख्त हुए

इमेज स्रोत, EPA
- Author, मुजीब रहमान
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
चीन की सरकार इंटरनेट यूज़र्स पर अब पहले से भी कड़े प्रतिबंध लगाने जा रही है. चीन 65 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स के साथ दुनिया में इंटरनेट के इस्तेमाल में सबसे आगे है.
चीन की इंटरनेट निगरानी संस्था के प्रमुख शू फेंग ने कहा है कि चीन के इंटरनेट यूज़र्स को अब अपने अकाउंट में लॉग इन करने के लिए अपना वास्तविक नाम दर्ज करना होगा. चाहें वह अकाउंट ब्लॉग्स हों, इंस्टेंट मैसेजिंग हो या फिर माइक्रो ब्लॉग्स.
हांगकांग के अख़बार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार अगले महीने लागू होने वाले इन नियमों के तहत नेट इस्तेमाल करने वाले अपना छद्म नाम विदेशी नेताओं पर नहीं रख सकते, ना ही अश्लील तस्वीरों को अपनी प्रोफाइल पिक्चर बना सकते हैं.
सेना को भी सख्त हिदायत
वहीं, चीनी सेना भी इन प्रतिबंधों से मुक्त नहीं है.
प्रभावशाली सेंट्रल मिलिट्री कमीशन ने सेना अधिकारियों द्वारा ब्लॉगिंग, ऑन लाइन चैटिंग और मोबाइल फोन्स के ज़रिए नौकरी तलाशने को भी प्रतिबंधित कर दिया है.
चीन के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा है कि अब ऑन लाइन चैट, माइक्रोब्लॉग्स, मोबाइल संदेश या कोई भी डिजिटल जानकारी अदालत में सबूत के तौर पर पेश की जा सकती है.
पिछले कुछ वर्षों में चीन के इंटरनेट यूज़र्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. चीन में करीब 65 करोड़ इंटरनेट यूज़र्स हैं जिनमें लगभग 55 करोड़ मोबाइल फोन पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. यहाँ गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी लोकप्रिय वेब साइट्स प्रतिबंधित हैं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












