चीन का शेयर बाज़ार लुढ़का

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चीन के शेयर बाज़ार में पिछले 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. ऐसा अधिकारियों द्वारा मार्जिन ट्रेडिंग को नियमित करने के प्रयासों के कारण हुआ.
मार्जिन ट्रेडिंग में निवेशक शेयर्स खरीदने के लिए नकदी बाज़ार से उठाते हैं.
सिक्योरिटीज़ रेगुलेटर सख्त हुआ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिक्योरिटीज़ रेगुलेटर ने तीन प्रमुख दलाल कंपनियों को तीन माह के लिए नए मार्जिन ट्रेडिंग अकाउंट खोलने से प्रतिबंधित कर दिया है.
शंघाई इन्डेक्स 7.7 प्रतिशत या 260 पॉइंट गिर कर 3,115.09 पर बंद हुआ.
दोपहर के ट्रेडिंग सेशन के दौरान ये इन्डेक्स 8 प्रतिशत से भी ज़्यादा गिर गया था. इससे सबसे ज़्यादा नुकसान बैंकिंग स्टॉक को हुआ .
क्या है मार्जिन ट्रेडिंग
-इस तरह की ट्रेडिंग काफी जोखिम का काम होता है. इससे या तो बहुत मुनाफा होता है या बहुत नुकसान.
-निवेशक स्टॉक का कुछ हिस्सा खरीदने का लिए अपने पैसे का इस्तेमाल करता हैं और शेष के लिए दलाल कंपनी से पैसे उधार लेते हैं.
-इससे निवेशक शेयर्स का बड़ा हिस्सा खरीद सकते हैं .
- दलाल कंपनी उधार दी गई राशि पर ब्याज लाता है और अगर निवेशक का अनुमान गलत हो जाए तो निवेशक कर्जे सें डूब सकता है.
- चीन में मार्जिन ट्रेडिंग पिछले दो वर्षों में 10 गुना बढ़ गई है.
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