'पाक अमरीका को भरोसेमंद नहीं मानता'

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि कोई भी पाकिस्तानी अमरीका को भरोसेमंद नहीं मानता है.
बीबीसी के न्यूज़नाइट कार्यक्रम में मुशर्रफ़ ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद की समस्या को अपने तरीक़े से निपट रहा है और जब तक दोनों देशों ने आतंकवाद की लड़ाई साथ लड़नी है, तब तक ज़मीनी रणनीति को पाकिस्तान पर ही छोड़ देना चाहिए.
मंगलवार को तालिबान ने पेशावर के एक आर्मी स्कूल पर हमला कर 132 बच्चों समेत 140 से अधिक लोगों को मार दिया था. इसके बाद पाकिस्तान की चरमपंथ से लड़ने की क्षमता पर फिर बहस छिड़ी हुई है.

इमेज स्रोत, Epa
इस हमले के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ जंग को अंजाम तक पहुँचाने की बात कही है.
'डबल गेम खेल रहे हैं'
मुशर्रफ़ ने कहा, "पाकिस्तान को चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में विश्वसनीय सहयोगी नहीं माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोई भी पाकिस्तानी अमरीका को भरोसेमंद नहीं मानता."

इमेज स्रोत, Reuters
उन्होंने कहा, "अफ़गानिस्तान की समस्या से निपटने का पश्चिम का अपना तरीक़ा है और पाकिस्तान या अफ़गानिस्तान की समस्याओं से निपटने का हमारा अपना तरीक़ा है."
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, "इसलिए जब समस्याओं से निपटने की बात आती है तो तब मतभेद सामने आने लगते हैं जब आप रणनीतिक और जमीनी प्रबंधन को निर्देशित करना शुरू करते हैं. इसीलिए जो सीधे इस लड़ाई से जुड़े नहीं है, वे मानते हैं कि सभी डबल गेम खेल रहे हैं. लेकिन असल में ऐसा नहीं है."
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindin" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












