नवाज़ शरीफ तो हुए पास लेकिन मुशर्रफ फ़ेल

पाकिस्तान में चुनाव अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के नामांकन पत्र को ख़ारिज कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ़ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का पत्र मज़ूर हो गया है और वो चुनाव लड़ सकते हैं.
नवाज़ शरीफ़ के खिलाफ़ पहले आपत्तियां दर्ज हुई थीं मगर वो शुक्रवार को सुनवाई के बाद ख़ारिज कर दी गईं.
पूर्वी कसूर ज़िले में एक अधिकारी ये मुशर्रफ के नामांकन पत्र पर फैसला दाख़िल आपत्तियों के मद्देनज़र लिया. आपत्ति में संविधान और फ़ौज के प्रमुख के तौर पर लिए गए शपथ का उलंघन शामिल था.
जनरल मुशर्रफ़ इसके ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं. उन्होंने तीन अन्य चुनाव क्षेत्रों से भी नामांकन पत्र दाख़िल किया है.
जनरल मुशर्रफ़ के नामांकन के ख़िलाफ़ कसूर के एक स्थानीय वकील ने छह आपत्तियां दर्ज करवाई थीं. चुनाव ट्रिब्यूनल अगले हफ्ते से अपीलों की सुनवाई शुरू करेगा.
रक्षात्मक ज़मानत
उधर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के राजनीतिक दल पीएमएल-नवाज़ ने मुशर्रफ़ के चुनाव लड़ने की योग्यता को चुनौती दी थी.
जनरल मुशर्रफ के सत्ता पर क़ब्ज़ा करने से पहले नवाज़ शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री हुआ करते थे.
उनके खिलाफ़ कई तरह के मुक़दमे दर्ज हैं और उन्हें इनमें रक्षात्मक ज़मानते दी गई हैं, यानी उन्हें फ़ौरन गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.
उनके खिलाफ़ ये भी आरोप है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बनेज़ीर भुट्टो को पूरी सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जिसकी वजह से उनकी हत्या हुई.
उन पर बलोच नेता नवाब अकबर बुग्ती की हत्या की साज़िश का भी इल्ज़ाम है.
हालांकि मुशर्रफ इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हैं.












