सीआईए ने इन 6 तरीकों से क़ैदियों को सताया

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अमरीकी सीनेट की रिपोर्ट में 9/11 के हमलों के बाद सीआईए के पूछताछ के तरीकों में बर्बर बर्ताव के इस्तेमाल की बात आई है.
इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद मानवाधिकार संगठन दोषी अधिकारियों को <link type="page"><caption> सज़ा दिए जाने की मांग</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/12/141209_cia_america_senate_report_adg" platform="highweb"/></link> कर रहे हैं.
रिपोर्ट में सीआईए के उन ख़तरनाक तौर तरीक़ों का ज़िक्र किया गया है, जो कैदियों पर इस्तेमाल हुए.
रिपोर्ट की मुख्य बातें
- संदिग्ध अल-क़ायदा क़ैदियों की सीआईए पूछताछ 'बर्बर' थी.
- सीआईए ने इस बारे में राजनीतिज्ञों और जनता को गुमराह किया.
- पूछताछ कार्यक्रम के दौरान 119 में से 26 क़ैदियों को ग़लत तरीके से बंदी बनाया गया.
- कई क़ैदियों को ज़रूरत से अधिक, महीनों तक हिरासत में रखा गया.
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- कई क़ैदियों को 180 घंटे तक कठिन परिस्थितियों में सोने नहीं दिया गया.
- सउदी अल-क़ायदा संदिग्ध अबू ज़ुबैदा को ताबूत नुमा बक्से में 226 घंटे तक बंद कर रखा गया.
- कैदियों को पानी में डुबाने, उनके नाक और मुंह में पानी भरने जैसे ख़तरनाक़ तरीके इस्तेमाल किए गए.
- नाक-मुंह में पानी डालने जैसे तरीके का अबू जुबैदा पर 83 बार और 9/11 हमले की कथित साजिश रचने वाले खालिद शेख मोहम्मद पर 183 बार इस्तेमाल किया गया.
- क़ैदियों को ऐसे देशों के अमरीकी बंदी गृहों में रखा गया जहां उन्हें कोई क़ानूनी सुरक्षा नहीं थी और न ही अमरीकी क़ानूनों के अनुसार मानवाधिकार हासिल थे.
- सीआईए ने लगातार न्याय विभाग को ग़लत जानकारियां मुहैया कराईं.
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