काले युवक की मौत: गोरे पुलिसवाले पर मुक़दमा नहीं

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अमरीका में मिज़ूरी प्रांत की ग्रांड ज्यूरी ने फ़ैसला किया है कि उस गोरे पुलिस अधिकारी पर कोई मुक़दमा नहीं चलाया जाएगा जिसकी गोली से इस साल अगस्त में एक निहत्थे काले युवक की मौत हो गई थी.
18 वर्षीय माइकल ब्राउन को डेरेन विल्सन नाम के पुलिस अधिकारी ने फ़र्ग्यूसन के सेंट लुई इलाक़े में नौ अगस्त को गोली मारी थी जिससे युवक की मौत हो गई थी.
माइकल ब्राउन की मौत के बाद फ़र्ग्यूसन में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और पुलिस पर सैन्य दंगारोधी उपकरण इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे.

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फ़ैसले से पहले मिज़ूरी के गवर्नर जे निक्सन ने इलाक़े में आपातकाल लगा दिया था. हत्या का मामला न चलने की स्थिति में होने वाले संभावित प्रदर्शनों से निपटने के लिए चार सौ नेशनल गार्ड सैनिक भी तैनात किए गए हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा है कि राष्ट्रपति ओबामा ने अपील की है कि जो लोग जूरी के फ़ैसले पर प्रदर्शन करना चाहते हैं वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें.
माइकल ब्राउन की मौत के मामले ने अमरीका में नस्लीय भेदभाव के मुद्दों को भड़का दिया है.
अफ़्रीकी-अमरीकी लोग विल्सन के ख़िलाफ़ हत्या का मामला चलाए जाने की अपील करते रहे हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गोली चलाए जाने के वक़्त माइकल ब्राउन ने आत्मसमर्पण करने के लिए अपने हाथ हवा में उठा रखे थे.

जबकि पुलिस का कहना है कि गोली चलाए जाने से पहले पुलिस और युवक के बीच संघर्ष हुआ था.
ग्रांड जूरी का फ़ैसला आने से पहले पिछले कुछ दिनों से इलाक़े में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे थे.
माइकल ब्राउन के परिवार ने फ़ैसला आने से पहले लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी.
ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में माइकल ब्राउन सीनियर कह रहे हैं, "दूसरों को चोट पहुँचाना या संपत्ति को नुक़सान पहुँचाना इसका हल नहीं है."

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विल्सन के ख़िलाफ़ मामला चलाए जाने के लिए 12 सदस्यों वाली जूरी में से नौ सदस्यों को रज़ामंदी देनी थी.
ग्रांड जूरी में 12 नागरिक शामिल थे जिनमें छह गोरे पुरुष, तीन गोरी महिलाएं, एक काला पुरुष और दो काली महिलाएं शामिल हैं.
ग्रांड जूरी के मामला न चलाए जाने के फ़ैसले के बाद भी राज्य के अभियोजक रॉबर्ट मैक्कुलक विल्सन के ख़िलाफ़ मामला चला सकते हैं.
हालांकि रॉबर्ट पहले ही कह चुके हैं कि वो ऐसा नहीं करेंगे लेकिन इस मामले में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी जनता से साझा करेंगे ताक़ि वो उनके फ़ैसले को समझ सके.
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