एपेक की बैठक में चीन की मतोई वाइन

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- Author, एसडी गुप्ता
- पदनाम, वरिष्ठ पत्रकार, बीजिंग
एशिया पैसिफिक इकॉनॉमिक कॉपरेशन यानी एपेक शिखर सम्मेलन के मौके पर चीन अपने मेहमानों को अपनी खास शराब मतोई परोस रहा है.
इस आयोजन के सिलसिले में चीन की मेहमाननवाज़ी करने वाले लोगों में दुनिया भर से बराक ओबामा समेत राजनीतिक शख्सियतें और कारोबारी लोग शामिल हैं.
मतोई चीन की महंगी शराब मानी जाती है. लोग इस पर गर्व करते हैं और इसे राष्ट्रीय शराब का दर्जा दिया जाता है.
चीन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मतोई के निर्यात की संभावनाएं भी तलाश रहा है.
चावल से बनने वाली इस सफेद चीनी वाइन का स्वाद थोड़ा तेज़ होता है, कुछ कुछ वोदका जैसा और यह अंगूर की शराब से बहुत अलग है.
शिखर सम्मेलन

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एपेक की बैठक में अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, रूस, जापान और सिंगापुर समेत 28 देशों के सैंकड़ों अधिकारी और राष्ट्राध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं.
चीन के पड़ोसी पाकिस्तान और बांग्लादेश को एपेक की बैठक में विशेष प्रेक्षक देश की हैसियत से बुलाया गया है.
हालांकि चीन के राष्ट्रपति ने भारत को भी दावत दी थी लेकिन उसने खुद को इस बैठक से दूर रखा है.
चीन में भ्रष्टाचार के मुहिम चला रहे अधिकारी अक्सर कहते रहते हैं कि भ्रष्ट लोग बड़ी पार्टियां देते हैं जिनमें पांच हज़ार डॉलर की प्राइस टैग वाली मतोई की बोतलें बहा दी जाती है.
मतोई की बिक्री

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राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं कि सरकारी पार्टियों में महंगी शराबें न परोसी जाएं.
यही वजह है कि पिछले साल मार्च में शी के सत्ता में आने के बाद से मतोई की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है.
दूसरी ओर चीन में मतोई बनाने वाली कंपनियां यूरोप और उत्तरी अमरीका में बिक्री आउटलेट्स खुलने की बात को लेकर उत्साहित हैं कि इससे उनका निर्यात बढ़ेगा.
यही कारण है कि आखिर क्यों एपेक के सदस्य देशों के प्रभावशाली अधिकारियों को इसके स्वाद के बारे में पता है.
फिज़ा में 'खुशबू'

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चीन में मतोई का इतिहास 135 ईसा पूर्व जितना पुराना है. जब चीन के सम्राट वु को ग्वांझो प्रांत की इस शराब के स्वाद का पता चला था. माउ ताई ग्वांझो प्रांत का ही एक शहर है.
1915 में मतोई को सैनफ्रांसिस्को में आयोजित हुए पनामा पैसिफिक इंटरनैशनल एक्सपोज़िशन में गोल्ड मेडल मिला था. इससे चीन में मतोई पर लोगों का गर्व बढ़ा.
कहा जाता है कि उस प्रदर्शनी में चीन के प्रतिनिधि ने नाटकीय तरीके से मतोई गिरा दी ताकि फिज़ा में उसकी खुशबू फैल सके.
नतीजतन आयोजन के जजों ने इसकी जांच की और पाया कि एक्स्पो में आई सभी शराबों में मतोई सबसे बेहतरीन थी.
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