'ईश-निंदा' हत्या मामले में 43 गिरफ़्तार

इमेज स्रोत, Reuters
पाकिस्तान में मंगलवार कथित तौर से क़ुरान के अपमान के अभियुक्त ईसाई जोड़े की हत्या कर दी गई थी.जिसमें पाकिस्तान पुलिस ने 43 लोगों को शक़ के आधार पर गिरफ़्तार कर लिया है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ ईसाई जोड़े को स्थानीय लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया था और पंजाब प्रांत के जिस ईंट की भट्टी में वो काम करते थे उसी भट्टी में उनके शवों को डालकर जला दिया था.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने इन हत्याओं को 'एक अस्वीकार्य अपराध' बताया.

पुलिस का कहना है कि अभियुक्तों को बुधवार को अदालत में हाज़िर होना था. मृतक जोड़े के नाम शहज़ाद मसीह और शमा बताए गए हैं.
बुधवार को लाहौर के कोट राधा किशन क़स्बे में ईसाई धर्म और मानवाधिकार संगठनों के लगभग 200 लोगों ने इन हत्याओं के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने ईश-निंदा के क़ानून को हटाने की मांग की. इस क़ानून के मुताबिक़ इस्लाम की निंदा करने वाले को मौत की सज़ा दी जाती है.
लाहौर से बीबीसी संवाददाता शुमैला जाफ़री बताती हैं कि प्रदर्शनकारियों के बैनरों पर लिखा था कि ''ईसाईयों की ईश-निंदा के नाम पर हो रही हत्याएं बंद करो'' और "सरकार अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में नाकाम रही''.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












