चुनावों से शांति प्रक्रिया को ख़तरा: पोरोशेंको

पेत्रो पोरोशेंको

इमेज स्रोत, AFP

यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने कहा है कि देश के पूर्वी हिस्से में रविवार को हुए चुनावों से पूरी शांति प्रक्रिया ख़तरे में पड़ गई है.

एक टीवी संबोधन में उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सरकार दोनेत्स्क और लुहांस्क में हुए चुनावों को कभी स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि इनसे मिंस्क में हुए शांति समझौते का उल्लंघन हुआ है.

पोरोशेंको ने कहा कि वो उस क़ानून को ख़त्म कर सकते हैं जिसके तहत रूस समर्थक विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इन इलाक़ों को विशेष स्वशासन का अधिकार देने की बात कही गई है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा, "यूक्रेन ने लगातार मिंस्क समझौते का पालन किया है. लेकिन अन्य पक्षों ने बार-बार इसका उल्लंघन किया है, इसलिए हमें भी अपनी कार्ययोजना में बदलाव करना होगा."

बैठक

यूक्रेन में अलगाववादी

इमेज स्रोत, EPA

उन्होंने ताज़ा घटनाक्रम पर सोमवार को यूक्रेन के रक्षा मंत्री के साथ बात की जबकि मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा परिषद की बैठक बुलाई है.

अमरीका ने भी दोनेत्सक और लुहांस्क में चुनावों की निंदा की है.

पूर्वी यूक्रेन

इमेज स्रोत, AFP

इमेज कैप्शन, पूर्वी यूक्रेन में कई महीनों से अशांति का माहौल है.

जर्मनी पहले ही कह चुका है कि वो रूस के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है क्योंकि रूस रविवार को हुए इन चुनावों का समर्थक है.

जहां पश्चिमी देशों ने इन चुनावों को ग़ैर क़ानूनी बताया, वहीं रूस ने कहा कि वो इनमें मिले जनादेश को स्वीकार करेगा.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>