बीजिंग: मृतकों के कपड़े जलाने पर रोक

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चीन की राजधानी बीजिंग में अधिकारियों ने एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर बैठक (एपेक) की समयावधि के दौरान मृत परिजनों के कपड़े जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
स्थानीय मीडिया के अनुसार ये क़दम प्रदूषण की रोकथाम के लिए उठाया गया है.
ये पारंपरिक भेंट इसलिए दी जाती है ताकि मृत व्यक्ति को मरणोपरांत जीवन में कपड़ों की कमी न हो.

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बीजिंग में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाली फ़ैक्टरियों, निर्माण स्थलों और वाहनों पर प्रदूषण की रोकथाम के लिए पहले ही कड़े नियम लागू किए गए हैं.
कपड़ों को जलाकर, मरने वाले का मातम मनाने की इस प्रथा का पालन चीन के कई हिस्सों में होता है.
बीजिंग न्यूज़ के अनुसार बीजिंग के बाबोशान क़ब्रिस्तान के बाहर एक नोटिस लगाया गया था जिसमें लिखा था कि एपेक की बैठक के दौरान एक नवंबर से 15 नवंबर तक 'मृतकों के कपड़े जलाए जाने की प्रथा रोकी जा रही है'.
इस प्रथा से होने वाला प्रदूषण उस प्रदूषण के मुक़ाबले बहुत कम है जो बिजली पैदा करने के लिए जलाए गए कोयले के धुएं से होता है.
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