ट्विटर पर आलोचना के लिए सज़ा

इमेज स्रोत, Getty
सऊदी अरब में न्यायिक व्यवस्था की ट्विटर पर आलोचना करने के लिए अदालत ने तीन वक़ीलों को पांच से आठ वर्ष के बीच क़ैद की सज़ा सुनाई है.
सऊदी प्रेस एजेंसी का कहना है कि इन वक़ीलों को शासक की अवज्ञा करने और न्याय-प्रणाली की निंदा करने का दोषी पाया गया है.
ख़बरों में कहा गया है कि इन वक़ीलों ने कोर्ट पर उन्हें ग़लत तरीक़े से दोषी ठहराने और भ्रष्ट लोगों को रिहा करने का आरोप लगाया है.
अधिकारियों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी दी है कि उन पर नज़र रखी जा रही है और इस तरह की हिमाक़त करने पर उन्हें इन वक़ीलों की तरह सज़ा दी जा सकती है.
<link type="page"><caption> अरब सोशल मीडिया</caption><url href="http://www.arabsocialmediareport.com/Twitter/LineChart.aspx" platform="highweb"/></link> रिपोर्ट में कहा गया है कि अरब देशों में ट्विटर पर सक्रिय रहने वाले लोगों में से 40 प्रतिशत सऊदी अरब में रहते हैं.

इमेज स्रोत, AP
सऊदी अरब के शीर्ष मौलवी शेख़ अब्दुल अज़ीज़ अल-शेख़ ने पिछले ही हफ्ते ट्विटर को ''सभी बुराइयों और बर्बादी की वजह'' बताया था.
उन्होंने ये बात अपने टीवी शो फ़तवा के दौरान के कहीं थीं.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












