इबोला का इलाज करने वालों की निगरानी

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अमरीका में नए नियमों के तहत स्वास्थ्य कर्मी अफ़्रीका में इबोला का इलाज़ कर लौटे डॉक्टरों और नर्सों की निगरानी करेंगे.
नए दिशा निर्देशों के तहत अफ़्रीका से लौटे डॉक्टरों की 21 दिनों तक इबोला के लक्षणों के लिए निगरानी की जाएगी. हालांकि उन्हें अलग-थलग करके नहीं रखा जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी अमरीका में अफ़्रीका से लौटे स्वास्थ्य कर्मियों को अलग-थलग करके रखे जाने की आलोचना की है.
अमरीका में नए नियमों का ऐलान न्यू जर्सी में अफ़्रीका से लौटी एक नर्स की अलग-थलग रखे जाने की शिकायत के बाद किया गया है.
नर्स कासी हिकॉक्स ने आरोप लगाया था कि अफ़्रीका से लौटने के बाद उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया गया.
कासी हिकॉक्स ने ख़ुद को अलग-थलग रखे जाने के ख़िलाफ़ संघीय अदालत में मुक़दमा करने की चेतावनी भी दी थी.

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सभी जाँचों में इबोला मुक्त पाए जाने के बाद अब उन्हें घर जाने की इजाज़त दे दी गई है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि जो लोग प्रभावित इलाक़ों में मदद कर रहे हैं उन पर ऐसी पाबंदियाँ नहीं लगाई जानी चाहिए जिनका कोई वैज्ञानिक आधार न हो.
बान की मून ने कहा, "जिन लोगों में संक्रमण है उनकी मदद की जानी चाहिए न की उन्हें लांछित किया जाना चाहिए."
अमरीका के तीन प्रांतों का कहना है कि इबोला मरीज़ों से संपर्क रखने वाले सभी लोगों को 21 दिन एकांत में रखा जाएगा.
हालांकि अमरीका की संघीय सरकार ने न्यू यॉर्क, न्यू जर्सी और इलिनॉय के इस फ़ैसले से सहमति नहीं जताई है.
सोमवार को अमरीका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की ओर से अफ़्रीका के इबोला प्रभावित देशों से लौट रहे स्वास्थ्य कर्मियों और यात्रियों के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए गए.

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इनके तहत लोगों को चार श्रेणियों में बाँटा गया है जिनमें सबसे ज़्यादा ख़तरे वाली श्रेणी में वो लोग हैं जो इबोला मरीज़ों के संपर्क में रहे हैं.
इबोला के मरीज़ों का इलाज करके लौट रहे स्वास्थ्य कर्मियों की 21 दिनों तक निगरानी की जाएगी.
पश्चिमी अफ़्रीका में इबोला संक्रमण की चपेट में अब तक दस हज़ार से अधिक लोग आ चुके हैं जिनमें से पाँच हज़ार से अधिक की मौत हो गई है.
सिएरा लियोन, लाइबेरिया और गिनी सबसे प्रभावित देशों में से हैं. 27 को छोड़कर बाक़ी सभी मौतें इन्हीं देशों में हुई हैं.
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