हांगकांगः मोंगकोक पर विरोधियों का क़ब्ज़ा

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हांगकांग के मोंगकोक शहर की सड़कों को लोकतंत्र-समर्थक प्रदर्शनकारियों ने फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है.
कुछ ही घंटों पहले हांगकांग के अधिकारियों ने मोंगकोक की सड़कों को प्रदर्शनकारियों से ख़ाली कराया था.
पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में क़रीब नौ हज़ार प्रदर्शनकारियों ने इलाक़े को फिर से अपने क़ब्ज़े में ले लिया. इस झड़प में कम से कम 26 लोग हिरासत में लिए गए हैं.
2017 में प्रस्तावित चुनाव के तौर-तरीक़ों पर चीन के रवैये से नाराज़ प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई हिस्सों पर कई हफ़्तों से क़ब्ज़ा जमा रखा है.
हिंसक झड़प
हांगकांग में शांतिपूर्ण तरीक़े से चल रहा लोकतंत्र समर्थकों का यह आंदोलन इस हफ़्ते तब उग्र हो उठा जब मोंगकोक शहर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के दफ़्तर के पास छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं.
इसके अलावा एक वीडियो सामने आया जिसमें सादी वर्दी वाली पुलिस एक निहत्थे प्रदर्शनकारी को पीटती हुई नज़र आई. इससे छात्रों का आक्रोश और तेज़ हो गया.

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प्रदर्शनकारी छात्र हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक सिविक पार्टी का सदस्य है.
सरकार और छात्रों के बीच इस मसले पर अगली बातचीत मंगलवार को तय की गई है.
हांगकांग के मुख्य सचिव केरी लैम ने बताया है कि सरकार छात्र नेताओं के साथ मंगलवार को बातचीत करेगी. वो कहती हैं, "दोनों पक्ष वार्ता के लिए अपने पांच-पांच प्रतिनिधियों को भेजेंगे. ये वार्ता दो घंटे की होगी."

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इससे पहले प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच इस वार्ता को लेकर ख़ास उत्साह नहीं था.
प्रदर्शनकारी सामंता सांग कहती हैं, "इस पूरे हफ़्ते छात्रों की ओर सरकार का रवैया उदासीन रहा. यहां तक कि सरकार ने हमसे बातचीत करने की कोशिश तक नहीं की. जबकि वे यही दिखावा करते हैं कि वे हमसे संवाद करना चाहते हैं. मुझे भविष्य को लेकर संदेह है. हम बस इतना ही कर सकते हैं कि यहां प्रदर्शन पर बैठें, समर्थन दें और देखें कि आगे क्या होता है."
हांगकांग के मोंगकोक का इलाक़ा प्रमुख प्रदर्शनस्थल बन चुका है. यहां आस पास बड़ी संख्या में सरकारी दफ़्तर हैं.
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