वेटिकन समलैंगिकों के प्रति 'सकारात्मक'

इमेज स्रोत, AP
परिवार पर कैथोलिक ईसाई शिक्षाओं की समीक्षा के लिए एक सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले वरिष्ठ बिशपों ने चर्च से समलैंगिकता के बारे में ज़्यादा सकारात्मक रवैया अपनाने की अपील की.
वेटिकन की सभा में बिशपों की ओर से लिखी गई एक प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि समलैंगिकों में भी ईसाई समुदाय को 'योगदान की प्रतिभा और विशेषता' है.
यह रिपोर्ट समलैंगिक शादियों की मुख़ालफ़त की पुरानी मान्यता का विरोध नहीं करती.
इस रिपोर्ट पर समलैंगिक अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों ने ख़ुशी जताई है.
लेकिन समलैंगिकता पर पुरानी मान्यता का समर्थन करने वाले समूहों ने रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए रिपोर्ट को 'धोखा' बताया.
'धोखा या उदारता'

इमेज स्रोत, Reuters
पाँच अक्तूबर से शुरू हुई सभा में 200 से ज़्यादा बिशप हिस्सा ले रहे हैं.
कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धार्मिक गुरु पोप फ़्रांसिस की ओर से इस सम्मेलन में गर्भपात, गर्भनिरोध, समलैंगिकता और तलाक़ जैसे मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही गई थी.
दो हफ़्तों तक चलने वाले सम्मेलन के बीच में पेश रिपोर्ट में कहा गया, "क्या हम समलैंगिकों का स्वागत करने में सक्षम हैं, उनको अपने समुदाय में बंधुत्व वाली जगह देने की गारंटी दे सकते हैं?"
इस रिपोर्ट को एक मानवाधिकार संस्था ने 'नाटकीय' बताया तो वहीं 'वॉयस ऑफ़ द फ़ेमिली' के सह-संस्थापक ने इसे चर्च के इतिहास का सबसे ख़राब आधिकारिक दस्तावेज़ बताया.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












