मलाला की ख़्वाहिशः मोदी और नवाज़ साथ हों!

इमेज स्रोत, EPA
भारत के कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली पाकिस्तान की मलाला यूसुफ़ज़ई ने इच्छा जताई है कि जब उन दोनों लोगों को पुरस्कार मिले तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ उस कार्यक्रम में मौजूद हों.
इससे पहले शुक्रवार दिन में नोबेल शांति पुरस्कार समिति ने सत्यार्थी और मलाला को 2014 का शांति का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से देने का ऐलान किया.
मलाला युसुफजई ने पुरस्कार जीतने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "मैंने ख़ुद ये अनुरोध किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ दोनों ही नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाते समय वहाँ मौजूद हों. मैं वास्तव में शांति में यक़ीन करती हूँ."
मलाला ने कहा, "मैं सहिष्णुता और धैर्य में यक़ीन करती हूँ और दोनों ही देशों की प्रगति के लिए ये काफ़ी अहम है कि वहाँ शांति हो और दोनों के रिश्ते अच्छे हों. इसी तरह से वे प्रगति कर पाएँगे."
साथ ही, उन्होंने ये उम्मीद भी जताई कि भारत और पाकिस्तान को शिक्षा और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करे.
भारत-पाक संबंध सुधरे

इमेज स्रोत, Getty
मलाला ने कैलाश सत्यार्थी के साथ अपना पुरस्कार साझा करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कैलाश सत्यार्थी के साथ भारत-पाक संबंधों में सुधार लाने के बारे में भी चर्चा की.
पाकिस्तान के कबायली इलाकों में ल़डकियों की शिक्षा की मुहिम चलाने के लिए चरमपंथियों की गोली का निशाना बनी मलाला बताती हैं कि वे कैलाश सत्यार्थी के काम से बेहद प्रेरित हुई हैं.

इमेज स्रोत, BBC World Service
वे कहती हैं कि नोबल शांति पुरस्कार से बच्चों की शिक्षा के लिए काम करने की प्रेरणा और हौसला मिला है और वे चाहती हैं कि दुनिया का एक-एक बच्चा स्कूल जाए.
सिर पर चरमपंथियों की गोली खाने वाली मलाला ने हमेशा चुप रहने के बजाय अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई.
पिता के बारे में बताते हुए वे कहती हैं कि वे पिता की शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने सपने देखने और उड़ान भरने की आजादी दी.
<bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक पन्ने</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












